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पेट में बनता है भयंकर तेज़ाब? Ayurveda डॉ. के 5 उपाय खट्टी डकार-गैस, सीने में जलन से तुरंत देंगे राहत

How to cure acidity permanently: हाइपरएसिडिटी या पेट में गैस्ट्रिक एसिड का ज्यदा बनना एक गंभीर समस्या है जिससे बहुत लोस्ग पीड़ित रहते हैं। इससे आपको में हार्ट और चेस्ट बर्न, खट्टी या कड़वी डकार, जी मिचलाना और गला जलना जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। आयुर्वेद डॉक्टर ने इसके कुछ कारण और बचने के उपाय बताये हैं।

Authored byउस्मान खान | नवभारतटाइम्स.कॉम 31 Aug 2022, 1:53 pm
हाइपरएसिडिटी (Hyperacidity) एक गंभीर समस्या है जिससे बहुत से लोग पीड़ित रहते हैं। इसे आम भाषा में पित्त बनना भी कहते हैं। खाना पचाने और पाचन तंत्र के बेहतर कामकाज के लिए पित्त जरूरी होता है लेकिन जब इसका उत्पादन अधिक होता है, तो आपको एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स सहित कई समस्याएं हो सकती हैं।
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पेट में बनता है भयंकर तेज़ाब? Ayurveda डॉ. के 5 उपाय खट्टी डकार-गैस, सीने में जलन से तुरंत देंगे राहत


शरीर में पित्त का उत्पादन ज्यादा होने यानी एसिडिटी के लक्षण क्या हैं? इसके लक्षणों में हार्ट और चेस्ट बर्न, खट्टी या कड़वी डकार, जी मिचलाना, गला जलना, उल्टी, पेट की गैस, पेट में भारीपन, पेट में दर्द, छाती में दर्द, सिरदर्द, सांस की बदबू, पैरों, हाथों में तेज जलन महसूस होना, मुंह में अल्सर, थकान, चक्कर आना और पूरे शरीर में खुजली महसूस होना आदि शामिल हैं।

हाइपरएसिडिटी के क्या कारण हैं? हाइपरएसिडिटी यानी पित्त का ज्यादा बनने का कई कारण हैं जैसे मसालेदार भोजन, गर्म मसलों का अधिक इस्तेमाल, फास्ट फूड ज्यादा तेल वाली चीजें, कम पानी पीना आदि। आयुर्वेद डॉक्टर अंकित अग्रवाल के अनुसार, रोजाना खाए जाने वाले कुछ खाद्य-पदार्थ इस समस्या को बढ़ा सकते हैं।

दूध के साथ मछली या नमक

पेट में ज्यादा पित्त बनने की वजह ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन है, जिनका आपस में कोई मेल नहीं है। गलत फूड कॉम्बिनेशन न सिर्फ हाइपरएसिडिटी बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। आपको कभी भी दूध और मछली या दूध और नमक नहीं खाना चाहिए।

बासी खाना

कई लोग सुबह उठकर नाश्ते में रात का बचा हुआ बासी खाना खाते हैं। बासी खाने के नुकसान की लिस्ट लंबी है।अगर आप भी ऐसे लोगों में से हैं, तो आपको इस आदत में सुधार कर लेना चाहिए। बासी खाना आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है और इससे एसिडिटी या फूड पॉइजनिंग हो सकती है।

पेट में क्यों बनता है ज्यादा तेज़ाब

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भोजन छोड़ना भी है पित्त की वजह

खाने-पीने की गलत आदतें जैसे अनियमित भोजन करना, भोजन छोड़ना और मसालेदार, तैलीय और फास्ट-फूड का सेवन करने से एसिडिटी हो सकती है। आपको इन चीजों को रात में खाने से बचना चाहिए।

बियर या वाइन

अगर आप बियर या वाइन पीने की शौकीन हैं, तो आपको इस आदत में थोड़ा सुधार कर लेना चाहिए। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर आपको बहुत अधिक मात्रा में बियर या वाइन का सेवन करते हैं, तो आपको एसिडिटी की समस्या हो सकती है।

पैकेज्ड या फ्रोजन फूड

अगर आप बहुत बार पैकेज्ड या फ्रोजन फूड खाने वालों में से हैं, तो आपको ऐसा करने से बचना चाहिए। यह चीजें पेट में गैस बनाती हैं और एसिड के उत्पादन को बढ़ा सकती हैं।

हाइपरएसिडिटी से बचने के उपाय

डॉक्टर अंकित के अनुसार, पित्त दोष के उचित पाचन और रखरखाव से आपको एसिडिटी, गैस्ट्राइटिस और सूजन से राहत मिलती है। इसके लिए आपको ज्यादा मसालेदार भोजन से बचना चाहिए, फल-सब्जियों का अधिक सेवन करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, समय पर खाएं, भोजन न छोड़ें और खाली पेट कैफीन न लें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

लेखक के बारे में
उस्मान खान
"उस्मान खान नवभारत टाइम्स में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। डिजिटल मीडिया में 12 सालों से काम कर रहे हैं। समाचार और मनोरंजन से अपना करियर शुरू किया और और पिछले 7 साल से हेल्थ जर्नलिज्म से जुड़े हुए हैं। इन्हें हेल्थ और फिटनेस पर लिखना पसंद है। हेल्थ एंड फिटनेस के मामले में हमेशा नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहते हैं। डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, यूरिक एसिड, ओरल हेल्थ, कैंसर, थाइरोइड, किडनी डिजीज, हार्ट डिजीज, लीवर डिजीज, गैस्ट्रिक प्रॉब्लम्स और रियल वेट लॉस स्टोरीज जैसे डेली लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक्स पर लिखना ज्यादा पसंद है। हर मर्ज का इलाज दवा नहीं है और यही वजह है कि ये अपने घरेलू, प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपचारों पर आधारित लेखों के जरिये पीड़ितों का ध्यान इस ओर खींचने का प्रयास करते हैं। दवाओं के विकल्प के तौर पर लिखे गए इनके सभी लेख वैज्ञानिक शोधों, विशेषज्ञों और चिकित्सकों की राय पर आधारित होते हैं। अगर बात करें निजी जीवन की, तो इन्हें खाली समय में फिल्में देखना और पहाड़ों की सैर करना पसंद है। किसी को भी अपने आर्टिकल को पढ़ने पर मजबूर कर देना इनकी सबसे बड़ी ताकत है।"... और पढ़ें

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