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अब डॉक्टर की पर्ची के बगैर नहीं मिल सकेंगी ऐंटिबायॉटिक्स?

आम इस्तेमाल की कुछ दवाओं के लिए अब डॉक्टर की पर्ची की जरूरत नहीं होगी, वहीं ऐंटिबायॉटिक्स पर्ची...

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 29 Nov 2016, 11:28 am
सुष्मि डे, नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम common drugs to get otc tag antibiotics on prescription only
अब डॉक्टर की पर्ची के बगैर नहीं मिल सकेंगी ऐंटिबायॉटिक्स?

आम इस्तेमाल की कुछ दवाओं के लिए अब डॉक्टर की पर्ची की जरूरत नहीं होगी, वहीं ऐंटिबायॉटिक्स पर्ची के बगैर नहीं मिल सकेंगी। मार्केट में दवाओं की बिक्री की बात करें तो कुछ दवाओं के लिए डॉक्टर की पर्ची की जरूरत नहीं होती है। ये दवाएं ओवर द काउंटर (ओटीसी) भी कही जाती हैं और कुछ दवाएं बगैर पर्ची के नहीं दी जा सकती हैं। कोई स्पष्ट निर्देश नहीं होने के कारण लोग कन्फ्यूज रहते हैं कौन सी दवा ओटीसी है और कौन नहीं। सरकार कंपनियों के लिए यह अनिवार्य बनाने पर गौर कर रही है कि इस तरह की दवाओं के पैकेज पर 'ओटीसी' का लेबल लगा हो ताकि आम आदमी को किसी तरह की कन्फ्यूजन न हो।

खांसी, सर्दी, जुकाम, फ्लू और दर्द से राहत की दवाएं जैसे पैरासीटामोल, इबुप्रोफेन और अन्य दवाओं को ओटीसी लिस्ट में रखा जाएगा। जहां सरकार ज्यादा से ज्यादा दवाओं को ओटीसी कैटिगरी में रखने की तैयारी कर रही है, वहां हाई रिस्क दवाएं जैसे ऐंटिबायॉटिक्स वगैरह के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए एक लीगल रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने पर गौर कर रही है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'लीगल फ्रेमवर्क के अभाव में केमिस्ट्स आम इस्तेमाल की कुछ 'केवल पर्ची' पर दी जाने वाली दवाओं जैसे पैरासीटामोल या सर्दी-जुकाम की अन्य दवाओं को ओवर द काउंटर बेच रहे हैं। इसके अलावा कुछ हाई रिस्क ऐंटिबायॉटिक्स को भी ओटीसी दवा के तौर पर बेचा जा रहा है।'

डॉक्टर के निर्देश के बगैर ऐंटिबायॉटिक्स के अंधाधुंध इस्तेमाल का शरीर पर गलत असर पड़ता है। इसके लगातार इस्तेमाल से शरीर में कुछ दवाओं को बेअसर करने की क्षमता पैदा हो जाती है, जिससे इन्फेक्शंस को काबू करने में गंभीर समस्या पैदा होती है। सरकार ऐंटिबायॉटिक्स को काफी सोच-समझकर इस्तेमाल पर जोर दे रही है।मौजूदा समय में भारत में ओटीसी दवाओं के लिए कानूनी तौर पर कोई पहचान निर्धारित नहीं है। इस कारण कई ऐसी दवाएं जो 'सिर्फ पर्ची पर' वाली दवाओं की श्रेणी में शामिल नहीं हैं, उनको ओटीसी समझा जा रहा है और इसलिए केमिस्ट को ओवर द काउंटर बेचने की कानूनी रूप से अनुमति दी जाती है।

स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव की अध्यक्षता वाली दवा परामर्श कमिटी ने एक उप कमिटी का गठन किया है। यह कमिटी ओटीसी दवाओं को रेग्युलेट करने के लिए एक कानूनी फ्रेमवर्क तैयार करेगी। पैनल इंटरनैशनल मॉडल्स और दूसरे देश की ओटीसी ड्रग्स की लिस्ट की स्टडी करेगा। अधिकारी के मुताबिक, कमिटी को देश में ओटीसी ड्रग्स की बिक्री को रेग्युलेट करने के लिए एक खास प्रावधान का ड्राफ्ट तैयार करने को कहा गया है। इस ड्राफ्ट में सिर्फ पर्ची पर बेचे जाने वाली दवाओं की ओटीसी बिक्री करने वालों के खिलाफ जुर्माने और सजा का भी प्रावधान होगा।

अंग्रेजी में भी पढ़ें: Common drugs to get OTC tag, antibiotics on prescription only

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