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Covid is back: फेस्टिव सीजन में दबे पांव लौटा कोरोना, 135510 लोग हुए बीमार, इन 13 लक्षणों पर रखें नजर

कोरोना वायरस का खतरा एक बार फिर बढ़ने लगा है। देश में रोजाना करीब 15 हजार नए मामले सामने आ रहे हैं। फेस्टिव सीजन आने वाला है और बढ़ते मामले चिंता का विषय बन गए हैं। देश के 6 राज्यों को अलर्ट जारी किया गया है।

Authored byउस्मान खान | नवभारतटाइम्स.कॉम 8 Aug 2022, 6:55 pm
भारत में फेस्टिव सीजन शुरू होने वाला है। जल्द ही रक्षाबंधन (Raksha Bandhan), मुहर्रम (Muharram), 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) और कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami) जैसे फेस्टिवल आने वाले हैं। लेकिन इससे पहले एक बुरी खबर यह है कि देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) फिर से दबे पांव लौट रहा है। कई राज्यों में फिर से नए मामलों में वृद्धि होने लगी है।
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Covid is back: फेस्टिव सीजन में दबे पांव लौटा कोरोना, 135510 लोग हुए बीमार, इन 13 लक्षणों पर रखें नजर


राजधानी दिल्ली सहित करीब छह राज्यों में कोरोना ने पैर फैलाना शुरू कर दिया है और इन राज्यों को अलर्ट पर रखा गया है। बताया जा रहा है कि राजधानी दिल्ली में रविवार को 2,423 नए मामले सामने आए हैं जोकि जनवरी से अब तक के एक दिन में मिलने वाले सबसे ज्यादा केस हैं। देश में कोरोना के कुल मामले बढ़कर 4,41,61,899 हो गए हैं जबकि अब तक कुल 5,26,730 लोगों की मौत हो चुकी है।

​तेजी से बढ़ रहा कोरोना

वर्तमान में भारत में 1,35,510 एक्टिव केस हैं। इसका मतलब यह है कि इतने लोगों में फिलहाल कोरोना के लक्षण हैं। देश में कोरोना के रोजाना करीब 15 हजार मामले आ रहे हैं और तीस लोगों की मौत हो रही है। सबसे ज्यादा मामले दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, चेन्नई और ओडिशा में बढ़ रहे हैं।

(फोटो साभार: TOI)

​कम नहीं हुआ खतरा, इन लक्षणों पर रखें नजर

  • बुखार
  • सांस की तकलीफ
  • खांसी
  • सीने में जकड़न
  • नाक बहना
  • सिरदर्द
  • बीमार महसूस करना
  • निमोनिया
  • किडनी में परेशानी
  • गंध की हानि (एनोस्मिया) या स्वाद की हानि (एजुसिया)
  • सांस लेने में कठिनाई
  • ऑक्सीजन की कमी
  • सीने में लगातार दर्द का दबाव

​कोरोना के लक्षण दिखने पर आपको क्या करना चाहिए?

ऊपर बताए लक्षणों के महसूस होने पर आपको सबसे पहले अपनी जांच करानी चाहिए। ध्यान रहे कि बरसात का मौसम है और इस सीजन में होने वाले रोगों के लक्षण कोरोना से मिलते-जुलते हैं इसलिए हल्का बुखार या गले में खराश जैसे सर्दी के लक्षणों को हल्के में न लें।

(फोटो साभार: TOI)

​कई राज्यों में अलर्ट जारी

बढ़ते मामले देख केंद्र ने दिल्ली, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु और तेलंगाना में अलर्ट जारी किया है। फेस्टिव सीजन को देखते हुए आदेश दिया गया है कि प्रसार को रोकने के लिए सभी जरूरी उपायों पर पूरा जोर दिया जाए।

(फोटो साभार: TOI)

​सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर

केंद्र ने राज्यों को आगामी त्योहारी सीजन के दौरान संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर दिया है। राज्यों से सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने का भी आग्रह किया है। बाजारों, अंतर-राज्यीय बस स्टैंड, स्कूल, कॉलेज, रेलवे स्टेशनों आदि जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों में कोरोना के नियमों का पालन करने की अपील की गई है।

(फोटो साभार: TOI)

​टीकाकरण पर भी दिया जोर

सरकार ने इन राज्यों से टीकाकरण की दर बढ़ाने का आग्रह किया है। आजादी का अमृत महोत्सव के एक हिस्से के रूप में, सरकार 30 सितंबर तक मुफ्त में बूस्टर खुराक प्रदान कर रही है। जो लोग इस अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं, वे निकटतम सरकारी टीकाकरण केंद्रों से संपर्क कर सकते हैं।

(फोटो साभार: TOI)

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

अंग्रेजी में इस स्‍टोरी को पढ़ने के लिए यहां क्‍लिक करें


लेखक के बारे में
उस्मान खान
"उस्मान खान नवभारत टाइम्स में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। डिजिटल मीडिया में 12 सालों से काम कर रहे हैं। समाचार और मनोरंजन से अपना करियर शुरू किया और और पिछले 7 साल से हेल्थ जर्नलिज्म से जुड़े हुए हैं। इन्हें हेल्थ और फिटनेस पर लिखना पसंद है। हेल्थ एंड फिटनेस के मामले में हमेशा नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहते हैं। डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, यूरिक एसिड, ओरल हेल्थ, कैंसर, थाइरोइड, किडनी डिजीज, हार्ट डिजीज, लीवर डिजीज, गैस्ट्रिक प्रॉब्लम्स और रियल वेट लॉस स्टोरीज जैसे डेली लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक्स पर लिखना ज्यादा पसंद है। हर मर्ज का इलाज दवा नहीं है और यही वजह है कि ये अपने घरेलू, प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपचारों पर आधारित लेखों के जरिये पीड़ितों का ध्यान इस ओर खींचने का प्रयास करते हैं। दवाओं के विकल्प के तौर पर लिखे गए इनके सभी लेख वैज्ञानिक शोधों, विशेषज्ञों और चिकित्सकों की राय पर आधारित होते हैं। अगर बात करें निजी जीवन की, तो इन्हें खाली समय में फिल्में देखना और पहाड़ों की सैर करना पसंद है। किसी को भी अपने आर्टिकल को पढ़ने पर मजबूर कर देना इनकी सबसे बड़ी ताकत है।"... और पढ़ें

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