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Heart Failure Awareness Month: दिल में जहरीले तत्व भर देती हैं रोजाना खाई जाने वाली ये 3 चीजें, कभी भी हो सकता है हार्ट फेल

Heart failure causes: शरीर के एनी अंगों की तरह हृदय का ख्‍याल रखना जरूरी है, खासकर अगर आप हार्ट फेलियर के मरीज हों। एक स्‍थायी बीमारी है, जिसे सही देखभाल और उपचार द्वारा प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। खाने में नमक, चीनी और फैट का ज्‍यादा सेवन हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ा सकता है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 19 May 2022, 9:53 am
शरीर के एनी अंगों की तरह हृदय का ख्‍याल रखना जरूरी है, खासकर अगर आप हार्ट फेलियर के मरीज हों। हार्ट फेलियर के आम लक्षण हैं सांस छोटी होना, तेज धड़कन और थकान और इसका मतलब खून को सही क्षमता से पंप करने में हृदय का असमर्थ होना है। हार्ट फेलियर जागरुकता माह 2022 (Heart Failure Awareness Month 2022) कुछ आसान सुझावों के साथ इस बीमारी पर जागरुकता बढ़ाने का एक बेहतरीन मौका है। ऐसे सुझाव, जो स्‍वस्‍थ और खुशहाल जीवन जीने में हार्ट फेलियर के मरीजों की मदद कर सकते हैं।
नवभारतटाइम्स.कॉम during heart failure awareness month 2022 doctor share 5 easy tips to keep your heart failure in check
Heart Failure Awareness Month: दिल में जहरीले तत्व भर देती हैं रोजाना खाई जाने वाली ये 3 चीजें, कभी भी हो सकता है हार्ट फेल


हार्ट फेलियर क्या है? हैदराबाद स्थित टीएक्‍स हॉस्पिटल के वरिष्‍ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के सरत चंद्रा के अनुसार, यह एक स्‍थायी बीमारी है, जिसे सही देखभाल और उपचार द्वारा प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। हृदय रोग विशेषज्ञ के साथ नियमित तौर पर बातचीत करने, उनके द्वारा बताये गये उपचार का पालन करने और स्‍वस्‍थ जीवनशैली अपनाने से हार्ट फेलियर के मरीजों को काफी फायदा हो सकता है।

हार्ट फेलियर से बचने के उपाय

डॉक्टर के अनुसार, भारत में हार्ट फेलियर की समस्‍या बढ़ती जा रही है और इसके कारण हैं डायबिटीज, हाइपरटेंशन, क्रॉनिक किडनी डिजीज और हार्ट अटैक का बढ़ना। हम अक्‍सर युवाओं में यह बीमारियां देखते हैं। इन समस्‍याओं को रोकने के लिये हमें अपनी जीवनशैली सुधारने, नियमित रूप से व्‍यायाम करने, धूम्रपान छोड़ने और अल्‍कोहल का सेवन सीमित करने की जरूरत है। ब्‍लड शुगर, ब्‍लड प्रेशर और कोलेस्‍ट्रॉल को भी नियंत्रित करें।

कार्डियोलॉजिस्‍ट से बात करें

अपने कार्डियोलॉजिस्‍ट के साथ नियमित रूप से बात करना अच्‍छा होता है। नये लक्षण उभरने या लक्षणों के बिगड़ने की सूचना उन्‍हें तुरंत दें। समय-समय पर परीक्षण करवाने से आपको अपनी प्रगति पर नजर रखने में मदद मिलेगी और आप सही समय पर सही सलाह ले सकेंगे।

नमक के सेवन पर ध्‍यान दें

किडनी में पर्याप्‍त खून नहीं जाने से शरीर पानी और तरल को थामे रखता है, जिससे पैरों, पेट और टखनों में सूजन आ जाती है, ज्‍यादा पेशाब होता है और वजन बढ़ता है। नमक के ज्‍यादा सेवन से शरीर में अतिरिक्‍त तरल जमा हो जाता है और हार्ट फेलियर की स्थिति बिगड़ जाती है। इसलिये, अपने भोजन में नमक की मात्रा को कम करके, नमक की जगह जड़ी-बूटी और मसाले लेकर या डिब्‍बाबंद या फ्रोजन खाद्य खरीदते समय ‘लो-साल्‍ट’ या इससे बेहतर ‘नो साल्‍ट ऐडेड’को चुनकर आप नमक के सेवन को नियंत्रित कर सकते हैं।

तरल के सेवन पर ध्‍यान दें

ज्‍यादा तरल पीने से हार्ट फेलियर बिगड़ सकता है। चाय, जूस और सॉफ्ट ड्रिंक्‍स जैसे पेयों और ज्‍यादा पानी वाले खाद्य पदार्थों, जैसे सूप, तरबूज और आइसक्रीम का सेवन भी कम करने की सलाह दी जाती है! तेजी से वजन बढ़ना आपके शरीर में तरल के जमा होने का संकेत हो सकता है।

समय पर दवाएं ले

हार्ट फेलियर पर प्रभावी नियंत्रण के लिये बताई गई दवाएं लेते रहना महत्‍वपूर्ण है। एक भी खुराक या अपॉइंटमेंट से कभी नहीं चूकने के लिये रिमाइंडर या अलार्म का इस्‍तेमाल करें। अगर आप अकेले रहते हैं, तो अपनी अलमारी या रेफ्रीजरेटर पर नोट लिखकर चिपकाएं, ताकि आपको आसानी से याद रहे।

डाइट का रखें विशेष ध्यान

हार्ट फेलियर के मामले बढ़ने का मुख्‍य कारण है आलस्‍यपूर्ण जीवनशैली पर बढ़ती निर्भरता। खाने में नमक, चीनी और फैट का ज्‍यादा सेवन, यह तीन ऐसे कारक हैं, जो दिल को बुरी तरह डैमेज कर सकते हैं। आपको इन चीजों को बहुत कम सेवन करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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