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COVID-19 वैक्सीन लगने के बाद कितने दिनों तक रहता है टीके का असर? जानिए

कोविड-19 वैक्सीन कोरोना वायरस से बचाव का एक बेहतर विकल्प है। वैक्सीन आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाती है और संक्रमण से लड़ने में सुरक्षा प्रदान करती है। हालांकि इसका असर हमेशा के लिए नहीं बल्कि कुछ निश्चित अवधि तक होता है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 15 Apr 2021, 4:07 pm
दुनियाभर के देशों में कोरोना वायरस (Coronavirus) ने कोहराम मचा रखा है और इसलिए सभी सरकारों ने टीकाकरण (Vaccination) की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। क्योंकि अब लोगों में कोविड-19 से बचने के लिए एक वैक्सीन ही उम्मीद की किरण है। देश में करोड़ों लोगों को वैक्सीन लग चुकी है और तमाम डोज लेने की लाइन में खड़े हैं। बीच-बीच में वैक्सीन के कुछ साइड इफेक्ट भी आए लेकिन ये भी सच है कि टीकाकरण के बाद लोगों में वायरस से लड़ने की क्षमता आती है। हालांकि, वैक्सीन आपको लाइफटाइम कोविड-19 से बचने की गारंटी नहीं देती लेकिन कुछ वक्त तक आप संक्रमण से फाइट कर सकते हैं। इन दिनों वैक्सीन का डोज लेने वालों के मन में एक सवाल यह भी है कि अगर वे टीकाकरण करवाते हैं तो उनके शरीर में इसका असर कब तक रहता है? या यूं कहें कि वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति की इम्युनिटी कितने दिनों के लिए बढ़ जाती है?
नवभारतटाइम्स.कॉम how long does immunity last after getting the covid 19 vaccine
COVID-19 वैक्सीन लगने के बाद कितने दिनों तक रहता है टीके का असर? जानिए


​1. क्यों जरूरी है वैक्सीन?

हाल ही में इस मामले को लेकर कुछ वैज्ञानिकों ने स्टडी की जिसमें दावा किया गया है कि वैक्सीन लेने वाले लोगों की इम्युनिटी काफी बढ़ जाती है। कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच यह एक अच्छी खबर है। एक्सपर्ट के अनुसार, जो लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और उन्होंने इसकी वैक्सीन की पहली डोज लगवा ली है, उनमें कोविड-19 से लड़ने की क्षमता आ जाती है और दोबारा संक्रमित होने का खतरा बेहद कम हो जाता है। लिहाजा शरीर में इम्यूनिटी विकसित हो, इसके लिए इन टीकों की दो डोज जरूरी बताई गई है।

​2. वैक्सीनेशन और इम्यूनिटी: क्या कहता है शोध?

अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Disease Control and Prevention) ने 4000 स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स पर टीकाकरण के बाद स्टडी की है। शोध में पाया गया कि फाइजर-बायोएनटेक (Pfizer-BioNTech) व मॉडर्ना (Moderna) की वैक्सीन 80 फीसदी तक प्रभावी रही, जबकि दूसरी खुराक के बाद उसका असर 90 फीसदी हो जाता है। वहीं सीरम का कहना है कि कोविशील्ड वैक्सीन (Covishield vaccine) को अगर दो-तीन महीने के अंतराल में दिया जाए तो वह 90 फीसदी तक असरदार है।

कोवैक्सीन (Co vaccine) को भी 90-59 फीसदी असरदार माना जा रहा है। मालूम हो कि, अमेरिका में मॉडर्ना और फाइजर द्वारा विकसित वैक्‍सीन को लेकर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास मेडिकल ब्रांच में एक्सपेरिमेंटल पैथोलॉजी ग्रेजुएट प्रोग्राम के डायरेक्टर जेरे मैकब्राइड ने दावा किया था कि ये वैक्‍सीन दो से तीन साल के लिए कोविड-19 संक्रमण को लेकर इम्यूनिटी बढ़ा सकते हैं।

​3. कितने दिनों तक रहता है वैक्सीन का असर?

फाइजर-बायोएनटेक (Pfizer-BioNTech) की वैक्सीन के थर्ड फेज के स्टडी में वैज्ञानिकों ने पाया गया है कि यह छह महीने तक लोगों को वायरस से बचा सकती है। कुछ वैक्सीन का असर छह महीने से सालभर तक माना जा रहा है। सीडीसी ने कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण को 100 फीसदी प्रभावी बताया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, कई वैक्सीन तो कोरोना वायरस के ब्रिटेन व दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट के खिलाफ भी प्रभावी हैं।

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​4. बुजुर्गों को जरूर लगवाएं टीका

युवा हो या बुजुर्ग दोनों को घातक कोरोनावायरस से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाना अब जरूरी है। हालांकि, यह मानदंड सही है कि अधिक उम्र वाले व्यक्ति को पहले टीका लगाया जाए क्योंकि उनकी इम्युनिटी युवाओं की तुलना में बेहद कम होती है। लिहाजा यह महत्वपूर्ण है कि हमें अपने कम्युनिटी में सबसे पहले कमजोर लोगों को वैक्सीन लगवानी चाहिए जिन्हें इसकी अत्यधिक जरूरत है। हालांकि, सरकार द्वारा भी ऐसे ही निर्देश दिए गए हैं।

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​5. क्या वैक्सीन के बाद भी जरूरी है मास्क?

लॉकडाउन खुलने और वैक्सीन आने के बाद तमाम लोगों ने लापरवाही बरतनी फिर से शुरू कर दी है। मास्क न पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग (Social distancing) का न पालन करना भी कोविड-19 को बढ़ावा देना है। बता दें कि, ये महामारी लंबे समय तक चलेगी इसलिए सिर्फ टीकाकरण पर निर्भर न रहें। बेहतर है कि आप कोरोना प्रोटोकॉल का पालन जरूर करें। वो लोग भी मास्क पहनें जिन्हें टीका लग चुका है क्योंकि एक डोज आपको पूरी तरह से वायरस से सेफ नहीं कर सकता है। आप खुद जागरूक रहें और दूसरों को भी मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए कहें।

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