ऐपशहर

अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण खतरे में कोरोना मरीजों की जान, डॉक्टर्स दे रहे होम थेरेपी की सलाह

दिल्ली सहित देश के तमाम बड़े अस्पतालों में हाल के दिलों में न सिर्फ बेड्स बल्कि ऑक्सीजन की भी भारी कमी देखी जा रही है। ऐसे में कई हॉस्पिटलों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को दिक्कतों को कम करने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर के जरिए O2 की भरपाई से हो रही है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 20 Apr 2021, 1:03 pm
ब्लड ऑक्सीजन के स्तर में कमी COVID-19 से जुड़ी सबसे खतरनाक जटिलताओं में से एक है। कोरोना वायरस के संक्रमण से उबरने और हमारे ऑर्गन सिस्टम को ट्रैक पर लाने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। मौजूदा हालत में कोविड-19 मामले खतरनाक तरीके से फैल रहे हैं और हर एज ग्रुप के लोग अब इस वायरस से संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में तमाम जगहों पर मरीजों के लिए बेड्स की शॉर्टेज देखी जा रही है। इसी बीच अब अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी ने सरकार और पब्लिक की चिंता को बढ़ा दिया है। इन दिनों कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने से कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी देखी जा रही है।
नवभारतटाइम्स.कॉम life of corona patients at risk due to lack of oxygen in hospitals doctors are advising home therapy
अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण खतरे में कोरोना मरीजों की जान, डॉक्टर्स दे रहे होम थेरेपी की सलाह

(फोटो साभार: istock by getty images)

​ऑक्सीजन कंसेट्रेटर से हो रही C2 की सप्लाई

आपको बता दें कि O2 की कमी के चलते अब तमाम अस्पतालों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स (Oxygen concentrator) प्रयोग किया जा रहा है। ऑक्सीजन के लेवल को जल्द से जल्द ट्रैक पर लाना जरूरी है, क्योंकि यह उन लोगों को भी प्रभावित कर सकता है जिनमें कोविड के हल्के लक्षण हैं।

लेकिन क्या सभी कोविड-19 मरीजों को ऑक्सीजन मिलनी चाहिए? क्या ऑक्सीजन आपको इस गंभीर बीमारी से बचा सकता है? इस आर्टिकल में आपको इन सारे सवालों के जवाब और डॉक्टर्स के सुझाव भी मिलेंगे।

How oxygen is produced: जानिए कैसे बनती है ऑक्सीजन और कौन बनाता है, ये कंपनियां कोरोना काल में बढ़ा रही हैं मदद के लिए हाथ!

​डॉक्टर ने दी होम थेरेपी की सलाह

आपको बता दें कि ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए एक अग्रिम लागत की आवश्यकता होती है। वहीं कंसंट्रेटर्स को ऑक्सीजन सिलेंडर की तुलना में कम रख-रखाव की जरूरत होती है। कंसंट्रेटर का एक पोल कई सारे मरीजों के परिवारों को ऑक्सीजन प्रोवाइड कर सकता है जबकि सिलेंडर से ऐसा नहीं है।

ऑक्सीजन की कमी के चलते अब अस्पतालों में बेड्स की कमी हो रही है। ऐसे में डॉक्टर जटिलताओं को कम करने के लिए मरीजों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के जरिए अपने घर में रखकर होम-थेरेपी की सलाह दे रहे हैं।

कोविड के लक्षणों को कम कर सकते हैं कंसंट्रेटर

जसलोक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर कंसल्टेंट जनरल मेडिसिन डॉक्टर रोहन सेकेरिया का मानना है कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसी मशीनें मरीजों को लंबे समय में सांस संबंधी समस्याओं से निपटने में मदद कर सकती हैं। डॉक्टर सेनेरिया ने कहा, 'ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स का अच्छी तरह से उपयोग किया जाता है, यह कोविड वायरस के लक्षणों (Covid symptom) की गंभीरता को कम कर सकता है।

उन्होंने कहा, COVID-19 रोगियों को जिन्हें ऑक्सीजन थेरेपी डिस्चार्ज की आवश्यकता होती है, उन्हें अब घर पर एक कंसंट्रेटर रखने की सलाह दी जा रही है।

​कंसंट्रेटर के प्रयोग से ये है फायदा

हिंदुजा अस्पताल और एमआरसी (Hinduja Hospital & MRC) के पीडी (Dr. Lancelot Pinto) लैंसलोट पिंटो भी इस बात से सहमत हैं कि इस तरह की मशीनें कोविड के कठिन दौर में ऑक्सीजन आपूर्ति कर सकती हैं।

उन्होंने कहा, 'एक कंसंट्रेटर का इस्तेमाल करने का एक लाभ यह भी है कि इसमें फिर से गैस भरने की आवश्यकता नहीं होती है लिहाजा ये ऑक्सीजन के संसाधनों पर अधिक बोझ नहीं डालता है।'

हवा से फैलने वाले कोरोना वायरस से बचाव के लिए खुली रखें घर की खिड़कियां

​ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में बड़ा अंतर

मौजूदा दौर में ऑक्सीजन सिलेंडरों का उपयोग करने का एक विकल्प है। वैसे O2 कंसंट्रेटर का इस्तेमाल उन मरीजों की ऑक्सीजन थेरेपी प्रोसेज में किया जाता है जिन्हें सांस लेने में हमेशा दिक्कत होती है और जिनके बॉडी पार्ट्स ठीक से काम नहीं करते हैं। अब कोविड के मरीजों के लिए भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ऑक्सीजन टैंक की तरह काम कर रहे हैं। यह भी ऑक्सीजन मास्क या नोजल ट्यूब की सहायता से मरीज के शरीर में जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन दे रहे हैं।

हालांकि, ऑक्सीजन सिलेंडर (oxygen cylinders) एक सीमित समय के लिए काम करते हैं, क्योंकि उनमें C2 की सीमित आपूर्ति होती है जबकि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अपने आसपास की हवा से ऑक्सीजन को रिसाइकिल करते हैं।

ऑक्सीजन लेवल के इंबैलेंस होने पर अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं

हालांकि, कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि सभी मामलों में ऑक्सीजन लेवल के इंबैलेंस होने पर अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती है। लेकिन कोविड की दूसरी लहर के बीच जब बेड्स और मेडिसिन की शॉर्टेज है तो डॉक्टर्स भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। मेडिकल अथॉरिटी भी कंसंट्रेटर्स को प्रायोरिटी दे रहे हैं ताकि अस्तपाल में सिर्फ क्रिटिकल मरीज की भर्ती हो सके।

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स ज्यादा क्रिटिकल मरीजों (High-risk patients) की सेहत में सुधार लाने के लिए मददगार हो सकते हैं, बशर्ते सभी सावधानियों का पालन किया जाए। डॉक्टर का कहना है कि यदि अस्थाई बाहरी ऑक्सीजन सपोर्ट मशीनें प्रयोग की जाती हैं तो वे भी मरीज की सेहत में सुधार करती हैं।

अंग्रेजी में इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

अगला लेख

Lifestyleकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग