ऐपशहर

कार एक्सीडेंट के बाद सदमे में आ गई थी मलाइका अरोड़ा, दुर्घटना में किसी के भी दिमाग का हो सकता है ऐसा हाल

Malika Arora trauma: बॉलीवुड एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा ने बताया कि कार एक्सीडेंट की चपेट में आने के बाद वह शारीरिक रूप से भले ही फिट हों, लेकिन मानसिक तौर पर अब भी नाजुक हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि कार एक्सीडेंट में व्यक्ति मानसिक रूप से ग्रस्त हो जाता है, जिसे ठीक होने में हफ्ते और महीने लग जाते हैं।

नवभारतटाइम्स.कॉम 17 May 2022, 5:12 pm
एक्सीडेंट कोई भी हो, व्यक्ति इसका नाम सुनकर थोड़ा घबरा ही जाता है। खासतौर से जब बात कार एक्सीडेंट की हो, तो व्यक्ति का सदमें में जाना लाजमी है। हम हर दिन किसी न किसी तरह के कार एक्सीडेंट के बारे में पढ़ते और सुनते हैं। थोड़ी चर्चा के बाद इन खबरों को भूल जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिन लोगों के साथ यह एक्सीडेंट हुआ , उन पर क्या बीतती है।
नवभारतटाइम्स.कॉम malaika arora reveals dealing with trauma after car accident know psychological problems after a car accident
कार एक्सीडेंट के बाद सदमे में आ गई थी मलाइका अरोड़ा, दुर्घटना में किसी के भी दिमाग का हो सकता है ऐसा हाल


क्या वास्तव में वह इस तरह की खतरनाक घटनाओं से जल्द उभर पाते हैं। पिछले महीने बॉलीवुड एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा मुंबई से पुणे लौटते वक्त एक रोड एक्सीडेंट में घायल हो गई थीं। उन्होंने बताया कि एक्सीडेंट के बाद वह शारीरिक रूप से तो फिट हो गई हैं, लेकिन उनकी मानसिक स्थिति अब भी नाजुक है। एक ऑनलाइन वेबसाइट से बात करते हुए मलाइका ने बताया कि - 'मुझे अब भी डर और चिंता सताती है। मुझे बाहर ले जाने के लिए लोगों को मेरी खुशामत करनी पड़ती है। मैं इतना डर गई हूं कि कार में बैठते वक्त ही मैं सीअ बेल्ट लगाती हूं, फिर भले ही मैं पीछे की सीट पर ही क्यूं न बैठी हूं'।
(फोटो साभार: इंस्टाग्राम@malaikaaroraofficial)

मलाइका अरोड़ा ने जब सुनाई थी अपनी आपबीती

View this post on Instagram A post shared by Malaika Arora (@malaikaaroraofficial)

​मानसिक रूप से कमजोर हो जाता है इंसान

उन्होंने शेयर किया कि कैसे एक्सीडेंट के बाद वह ट्रॉमा में चली गई थी। उन्होंने अपने रिकवरी पीरियड के बारे में बात करते हुए बताया कि अकेले सफर करने के दौरान वह काफी डरी हुई होती थी। घटना के बाद उन 15 दिनों में वह असुरक्षित महसूस करने लगी थी। विशेषज्ञ कहते हैं कि कई कार एक्सीडेंट में व्यक्तिमानसिक रूप से ग्रस्त हो जाता है। उनकी यह स्थिति हफ्तों और कभी-कभी महीनों तक भी बनी रह सकती है।

​ड्राइविंग को लेकर बना रहता है डर

कार हो या बाइक किसी भी तरह के ऑटो एक्सीडेंट के बाद ड्राइविंग करने से व्यक्ति को डर लगने लगता है। कार में बैठने के विचार से ही उसे बुरे सपने और विचार आने लगते हैं। यह स्थिति पीड़ित और दुर्घटना के प्रकार के आधार पर हफ्तों, महीनों या फिर इससे भी ज्यादा समय तक चल सकती है।

​फ्लैशबैक में जा सकता है व्यक्ति

व्यक्ति दुघर्टना के बाद फ्लैशबैक में जा सकता है। इस तरह के मनोवैज्ञानिक लक्षण किसी व्यक्ति के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर सकते हैं। इससे स्कूल या ऑफिस जाने से लेकर सुबह उठने तक व्यक्ति को कठिनाओं का सामना करना पड़ता है। बीमजे में प्रकाशित एक रिसर्च स्टडी में पाया गया कि दर्दनाक घटनाओं में शामिल एक तिहाई बच्चे न केवल मानसिक आघात से पीडि़त होते हैं, बल्कि एक साल बाद तक लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं।

​सोने में परेशानी

एक्सीडेंट में घायल होने के बाद व्यक्ति की नींद कई दिनों तक डिस्टर्ब रह सकती है। ऐसा दुघर्टना के बारे में बार-बार बुरे सपने आने के कारण हो सकता है। अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके इलाज में एंग्जाइटी मैनेजमेंट, रिलेक्सेशन एक्सरसाइज के अलावा बेहतर नींद के लिए दवाएं शामिल हैं।

​हो सकती है एंग्जाइटी

गंभीर दुघर्टना के बाद महीनों तक कुछ लोगों को एंग्जाइटी की शिकायत बनी रह सकती है। लेकिन अगर एंग्जाइटी गंभीर हो, तो इसे ठीक होने में हफ्तों और कभी-कभी महीनों लग जाते हैं। शोध के अनुसार, कार दुघर्टना के बाद खासतौर से महिलाएं बहुत जल्दी एंग्जाइटी की शिकार हो जाती हैं। उनके मिजाज में बदलाव होना और निराशा की भावना आना सामान्य है।

अंग्रेजी में इस स्‍टोरी को पढ़ने के लिए यहां क्‍लिक करें

अगला लेख

Lifestyleकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग