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डार्क स्किन लोगों में बढ़ जाता है Vitamin D deficiency का खतरा, तुरंत खाना शुरू करें ये 8 चीजें

Low Vitamin D: शरीर में हड्डियों के विकास के लिए जरूरी कैल्शियम को अवशोषित करने में Vitamin D मदद करता है। तंत्रिका, मांसपेशियों और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए भी यह बहुत जरूरी होता है। इसकी कमी से शरीर में टाइप 2 डायबिटीज, अवसाद समेत कई तरह की बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है। एक स्टडी के अनुसार dark skin लोगों में विटामिन डी की कमी की समस्या ज्यादा होती है।

Authored byशारदा सिंह | नवभारतटाइम्स.कॉम 23 May 2022, 2:32 pm
विटामिन डी की कमी को Hypovitaminosis D और Low Vitamin D भी कहा जाता है। इसे कभी-कभी 'सनशाइन विटामिन' भी कहते हैं, क्योंकि त्वचा सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आकर इसे कोलेस्ट्रॉल से बनाता है। लेकिन विटामिन डी के उत्पादन की क्षमता व्यक्ति की त्वचा के रंग के साथ बदलती रहती है। विटामिन डी की कमी दुनिया भर में सबसे आम पोषण संबंधी कमियों में से एक है। शरीर में इसकी कमी को तीन तरह से पूरा किया जा सकता है- त्वचा, आहार और पूरक आहार से।
नवभारतटाइम्स.कॉम people with dark skin are at high risk of vitamin d deficiency
डार्क स्किन लोगों में बढ़ जाता है Vitamin D deficiency का खतरा, तुरंत खाना शुरू करें ये 8 चीजें


vitamin d deficiency त्वचा के रंग के कारण भी होती है। इसे लेकर हुए एक स्टडी से पता चलता है कि गहरे रंग की त्वचा वाले व्यक्तियों को विटामिन डी के पर्याप्त स्तर को संश्लेषित करने के लिए लंबे या अधिक तेज UV(पराबैंगनी किरण) की आवश्यकता होती है। दूसरे शब्दों में, यदि अआपके त्वचा का रंग गहरा है, तो आपका शरीर हल्की त्वचा वाले लोगों की तुलना में धूप में कम विटामिन डी बनाता हैं। लगभग 76 प्रतिशत भारतीय विटामिन डी की कमी और अपर्याप्तता से पीड़ित हैं, जिसमें18-30 वर्ष की आयु के वयस्कों की संख्या सबसे ज्यादा है।

​क्या है विटामिन-D

विटामिन डी वसा में घुलनशील होता है, जिसका मतलब है कि शरीर इसे केवल तभी अवशोषित कर सकता है जब आप वसा वाले खाद्य पदार्थ जैसे एवोकैडो, चिकन और पीनट बटर खाते हैं। जिन लोगों को वसा को अवशोषित करने में परेशानी होती है, उनमें विटामिन डी की कमी होने की संभावना होती है।

विटामिन डी दो तरह के होते हैं- पहला विटामिन डी3 जिसे शरीर त्वचा से टकराने वाली धूप से बनाता है। इसे पशु-व्युत्पन्न स्रोतों से भी प्राप्त कर सकते हैं। दूसरी ओर, विटामिन डी 2 यह पौधे आधारित होता है। आपको हर दिन विटामिन डी की कितनी मात्रा की आवश्यकता होती है यह आपकी उम्र पर निर्भर करता है।

विटामिन D की कितनी मात्रा है जरूरी

  • जन्म से 12 महीने तक के बच्चे- 400 IU (International Units)
  • 1-13 वर्ष तक के बच्चे- 600 IU
  • किशोर 14-18 वर्ष तक- 600 IU
  • वयस्क 19-70 वर्ष तक- 600IU
  • वयस्क 71 वर्ष- अधिक उम्र- 800 IU
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं-600IU

क्या होता है विटामिन डी की कमी से

  • हड्डियों का कमजोर होना
  • हड्डियों में दर्द
  • बालों का झड़ना
  • ऑस्टियोपोरोसिस
  • रिकेट्स
  • मोटापा
  • टाइप 2 मधुमेह मेलिटस
  • दिल संबंधित बीमारी
  • संक्रामक रोग
  • स्व - प्रतिरक्षित रोग
  • कैंसर
  • पार्किंसंस

विटामिन-D के लिए खाएं ये चीजें

  • वसायुक्त मछली जैसे सैल्मन, टूना और मैकेरल
  • पनीर
  • मशरूम
  • अंडे
  • डेयरी प्रोडक्ट जैसे- दही, दूध
  • अनाज
  • संतरे का जूस
  • सोया जूस

इन लोगों में आम है विटामिन-D की कमी

विटामिन डी की कमी की शिकायत ज्यादातर काले, वृद्ध. मोटापे के शिकार हुए लोगों में देखने के लिए मिलता है। इसके अलावा ऐसे लोग जो क्रोनिक किडनी रोग, हार्ट संबंधित बीमारी, क्रोहन या सीलिएक बिमारी से ग्रसित लोगों में अधिक होता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

लेखक के बारे में
शारदा सिंह
शारदा सिंह 2022 से नवभारत टाइम्स में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। इन्हें हेल्थ, होम डेकोर और रिलेशनशिप जैसे टॉपिक्स पर लिखने का अनुभव है। इसके अलावा खाली समय में नेचर को एक्सप्लोर करना पसंद करती हैं, इसलिए अक्सर अपनी छुट्टियां यह पहाड़ों पर ट्रैकिंग करते बिताती हैं। इसके अलावा थिएटर और किताबों में भी इनकी बहुत रुचि है।... और पढ़ें

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