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आधा घंटा सुनें संगीत, टेंशन को करें टा-टा

विश्व हाइपरटेंशन डे पर गुरुवार को शहर में कई जगह कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक लाइफस्टाइल के साथ ही काम के दबाव में ज्यादातर लोग हाइपरटेंशन का शिकार हैं।

नवभारत टाइम्स 18 May 2018, 1:13 pm
लखनऊ: विश्व हाइपरटेंशन डे पर गुरुवार को शहर में कई जगह कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक लाइफस्टाइल के साथ ही काम के दबाव में ज्यादातर लोग हाइपरटेंशन का शिकार हैं। इसके बावजूद ध्यान नहीं देते हैं, जबकि लापरवाही सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है। आमतौर पर दिक्कत बढ़ने पर दवाओं का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। हालांकि रोज महज आधा घंटे संगीत आपको तनाव से दूर रख सकता है।
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केजीएमयू के साइकेट्रिस्ट विभाग के डॉ. मनु अग्रवाल ने बताया कि संगीत तनाव दूर करने के साथ ही शांति भी देता है। शोध में पुष्टि हो चुकी है कि नियमित रूप से संगीत सुनने से सकारात्मक सोच में वृद्धि होती है। इतना ही नहीं कई अन्य बीमारियों के इलाज में भी संगीत का इस्तेमाल किया जा रहा है। डॉ. मनु ने बताया कि वर्किंग क्लास में काम के दबाव के साथ ही बीमारियां भी बढ़ रही हैं। अवसाद, सिरदर्द जैसे रोग आम हो गए हैं। ऐसे में अब लोगों ने संगीत का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

म्यूजिक ऐसे करता है असर

केजीएमयू के कॉर्डियोलॉजी विभाग के डॉ. ऋषि सेठी ने बताया कि एक शोध के अनुसार, म्यूजिक से पैरासिम्पेथिटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है। इससे गेस्ट्रोइन्टेस्टाइटल एक्टिविटी बढ़ती है और एंटी-हाइपरटेंसिव दवाओं का असर भी बढ़ जाता है। डॉ. सेठी आईएमए में हुई कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि संगीत से हार्ट बीट्स नॉर्मल होती हैं।

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