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Yogurt benefits: मन हो उदास तो खा लें एक कटोरी दही, वैज्ञानिकों ने Yogurt को बताया टेंशन दूर करने का रामबाण तरीका

Yogurt and depression: दही खाने के वैसे तो कई लाभ हैं लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो एक कटोरी दही खाने से आप तनाव मुक्त हो सकते हैं। ऐसे में जब भी आप किसी कारणवश चिंता और तनाव में डूबे हों तो दही का सेवन करें।

नवभारतटाइम्स.कॉम 22 Jun 2021, 5:35 pm
Yogurt and depression: दही को अगर सही तरीके से खाया जाए तो इसके कई स्वस्थ्य लाभ हैं। पिछले दिनों शोधकर्ताओं ने दूध को लेकर एक शोध किया था जिसमें वैज्ञानिकों ने मिल्क के फायदों की लंबी लिस्ट बताई थी। अब दही को लेकर एक एक शोध चर्चा में हैं जिसमें बताया गया है कि इसके सेवन से लोग तनाव को दूर कर सकते हैं। शोध की साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित है। इसमें वैज्ञानिकों की टीम यह बताने की कोशिश की है कि दही किस तरह से हमारा सारा स्ट्रेस दूर करता है। (फोटो साभार: istock by getty images)
नवभारतटाइम्स.कॉम study found yogurt can relief depression naturally and it may help ease symptoms of anxiety yogurt benefits
Yogurt benefits: मन हो उदास तो खा लें एक कटोरी दही, वैज्ञानिकों ने Yogurt को बताया टेंशन दूर करने का रामबाण तरीका


​दही में पाया जाता है बैक्टीरिया फ्रेंडली जीवाणु

शोधकर्ताओं ने पाया है कि दही में लैक्टोबैसिलस (Lactobacillus) मौजूद होता है जो कि एक तरह बैक्टीरिया फ्रेंडली जीवाणु होता है। ये शरीर में माइक्रोबायोम के कैरेक्टर को बदलने में मुख्य भूमिका निभाता है और इसी के चलते ये डिप्रेशन को खत्म कर सकता है। दही दिमाग में होने वाले हार्मोन का स्राव में विशेष भूमिका निभाता है। अध्य्यन में बताया गया है कि माइक्रोबायोम (microbiome) के जरिए तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन को गुड फील वाले हार्मोन में बदल देता है।

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​पल भर में कर देता स्वस्थ्य और मूड को ठीक

दही को लेकर सेंटर फॉर ब्रेन के प्रमुख शोधकर्ता अल्बान गॉल्टियर, पीएचडी, कहते हैं, दही स्वास्थ्य और मूड दोनों को ठीक करने में जादू का काम करता है। अध्ययनों में पता चला है कि आंत माइक्रोबायोम मानसिक स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह शोध साल 2014 में प्रकाशित हुआ था दही जैसे प्रोबायोटिक्स शरीर में अनुकूल आंत बैक्टीरिया की प्रचुरता को बढ़ाते हैं और लोगों को तनावमुक्त बनाते हैं।

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​सुबह के वक्त करें दही का सेवन

वैज्ञानिकों का कहना है कि दही का सेवन करने से न सिर्फ आंत में बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में मदद मिलती है, बल्कि तनाव को कम करने के साथ-साथ दिमाग को भी दुरुस्त बनाता है। अगर आप सुबह के वक्त दही का सेवन करते हैं तो ये न सिर्फ आंत में बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में मदद मिलती है, बल्कि तनाव को कम करने के साथ-साथ दिमाग को भी दुरुस्त बनाता है। स्टडी में पता चला है कि दही में मौजूद माइक्रोबायोम मानसिक स्वास्थ्य के अच्छे और बुरे बर्ताव से जुड़ा है।

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​चूहों पर किया गया शोध

शोधकर्ताओं ने चूहों के दो सेट बनाकर अध्य्यन किया है। चूहों के एक सेट को दही खिलाया गया था जबकि एक को नहीं और बाद में वैज्ञानिकों ने दोनों के आंत के बैक्टीरिया के स्तर की तुलना की। शोध में देखा गया कि चूहों के आहार में लैक्टोबैसिलस (बैक्टीरिया आंत) की मात्रा बढ़ाई गई तो उनमें फौरन सुधार देखा गया।

लैक्टोबैसिलस ब्लड में क्यूनुरेनाइन (वो बैक्टीरिया जो तनाव जैसे अवसाद को बढ़ावा देता है) के स्तर को संतुलित करने में प्रभावी है। जैसे ही आंत में लैक्टोबैसिलस लेवल गिरना शुरू होता है तो तनाव के सिम्टम्स शुरू हो जाते हैं।

​तनाव का नहीं है कोई अच्छा इलाज, दही है बढ़िया विकल्प

दही को लेकर किए गए इस शोध के लीड प्रोफेसर अलबान गॉलटियर का कहना है कि डिप्रेशन का अच्छा इलाज उपलब्ध नहीं हैं, लिहाजा इसकी चपेट में आने वाले और भी कई तरह के दूसरे साइड इफेक्ट्स का शिकार हो सकते हैं। इसलिए इसका कोई वैकल्पिक उपचार भी जरूरी है और दही इनमें से शानदार उपाय है। आप एक कटोरी दही को अपनी डेली डाइट में शामिल कीजिए। लेकिन दही को दोपहर के वक्त नहीं खाना चाहिए।

​दही के पोषक तत्व

दही में कैल्शियम, प्रोटीन, राइबोफ्लेविन, .विटामिन बी-12, विटामिन बी -2, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। शुगर के साथ खाने से इसके अधिक स्वस्थ्य लाभ मिलते हैं। दही में विटामिन्स होने से शरीर में हिमोग्लोबिन बढ़ाता है और ये तंत्रिका तंत्र को भी स्वस्थ रखता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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