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हैपी हॉर्मोन्स को ऐसे करें बूस्ट

आज हम बात करेंगे उन हैपी हॉर्मोन्स की जो हमें खुश का अहसास कराते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट और फिटनेस एक्सपर्ट मुनमुन गनेरीवाल बता रही हैं हैपी हॉर्मोन को बूस्ट करने के तरीके।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 6 May 2019, 3:16 pm
नवभारतटाइम्स.कॉम happy harmones

हमारी बॉडी में कुछ ऐसे हॉर्मोंस होते हैं जो हमें खुश और हेल्दी रखते हैं। मानव मस्तिष्क इन न्यूरोट्रांसमीटर बैंड्स (हैपी हॉर्मोन्स) को बनाता है ताकि हम खुशी और सुकून का अनुभव कर सकें। आज हम बात करेंगे उन हैपी हॉर्मोन्स की जो हमें खुश का अहसास कराते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट और फिटनेस एक्सपर्ट मुनमुन गनेरीवाल बता रही हैं हैपी हॉर्मोन को बूस्ट करने के तरीके-

DOPAMINE
डोपामीन यह हॉर्मोन नर्वेस सिस्टम को प्रभावित करता है और मानव मस्तिष्क के रिवॉर्ड मैकेनिज़म से जुड़ा होता है। आपकी कोशिशों को सराहे जाने से यह हैपी हॉर्मोन काम करना शुरू करता है। रियलिस्टिक गोल्स तय करने और उन्हें पूरा करने से डोपामीन हॉर्मोन को बूस्ट मिलता है और यह काम करना शुरू करता है। यह न्यूरोट्रांसमीटर प्लेज़र के सेंशेसन पर फोकस करते हैं।

कैसे करें बूस्ट
आपके शरीर हेल्दी रखने वाली और बॉडी को रिलैक्स करने वाली ऐक्टिविटीज पर ध्यान दें।

डोपामाइन की सेंसेविटी बढ़ाने के लिए सूरज की रोशनी में थोड़ा वक्त बिताएं।

डीप ब्रीदिंग और मेडिटेशन की प्रैक्टिस करें।

अच्छी नींद लें।

सूखे मेवे, पनीर और बीन्स का सेवन जरूर करें।

SEROTONIN
सिरोटोनिनइस हॉर्मोन का इस्तेमाल ऐंटिडिप्रेशसन्ट के तौर पर किया जाता है क्योंकि ब्रेन में इस हार्मोन का लेवल कम होने की वजह से व्यक्ति के डिप्रेशन में जाने की संभावना बढ़ जाती है।

कैसे करें बूस्ट
वर्कआउट करें या कोई स्पोर्ट्स खेलें।

ट्रिप्टोफेन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें जैसे दूध खासकर सोने से पहले।

ओमेगा-3 युक्त चीजों का सेवन करें जैसे- घी, मेवे, दालें।

खाने कार्बोहाइड्रेट्स का प्रयोग बंद न करें।

OXYTOCIN
ऑक्सिटॉसिन को लव हॉर्मोन भी कहा जाता है क्योंकि यह रिलेशनशिप और इमोशनल अचैटमेंट्स बनाने में मुख्य भूमिका निभाता है।

कैसे करें बूस्टः
योग और रिलैक्सेशन की प्रैक्टिस करें।

अपने प्रियजनों के साथ खाना खाएं।

हफ्ते में कम से कम एक बार प्रियजनों से बात करें या मेसेज करें।

किसी एक हॉबी को फ्री टाइम का साथी बनाएं।

ESTROGEN
हैपी हॉर्मोन एस्ट्रोजन सेरोटिन को बनाने में मदद करता है और चिड़चिड़ेपन और बैचेनी से बचाता है और व्यक्ति के मूड को सही रखता है। महिलाओं में मीनोपोज़ के दौरान एस्ट्रोजन हॉर्मोन की कमी होती जाती है और आजकल की लाइफस्टाइल की आदतें जैसे स्मोकिंग और जरूरत से ज्यादा एक्सर्साइज भी शरीर में इस हॉर्मोन को कम करते हैं।

कैसे करें बूस्ट
तनाव को दूर करने के लिए स्ट्रेस-रीलीविंग ऐक्टिविटीज जैसे योग, मेडिटेशन करें।

गर्म पानी से स्नान भी अच्छा रहता है।

PROGESTERONE
प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन अच्छी नींद में सहायक होता है और आपको तनाव, चिड़चिड़पने और मूड स्विंग से बचाता है। महिलाओं में प्री-मीनोपॉज़ के दौरान यानी 35-40 की उम्र के समय इस हॉर्मोन की कमी होने लगती है और इस वजह से महिलाएं काफी तनाव में रहने लगती हैं और जंक फूड की क्रेविंग ज्यादा होती है।

कैसे करें बूस्ट
हेल्दी फूड खाएं और सैचुरेटेड फैट और शुगर के प्रयोग से बचें।

फीजिकल ऐक्टिविटीज़ यानी एक्सर्साइज जरूर करें।

तनाव न लें।

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