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Yoga Pose: खुल जाएंगी शरीर की सभी ब्‍लॉक नसें, खून का फ्लो बढ़ाने के लिए करें ये 5 योगासन

अगर आपको अपना ब्लड सकुर्लेशन ठीक करना है, तो योगा करना बेहतर विकल्प है। इन्हें करने से विशेष प्रकार की मसल्स को स्ट्रांग और स्ट्रेच करने में मदद मिलती है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 16 Sep 2021, 5:44 pm
दिनभर एक ही जगह पर बैठे रहने, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्या के कारण सकुर्लेशन खराब हो जाता है। सुन्नपन आना, हाथ पैर ठंडे हो जाना, मांपेशियों में ऐंठन, ब्रेकआउट्स, आंखों के नीचे काले घेरे इसके मुख्य लक्षण हैं।
नवभारतटाइम्स.कॉम top 5 yoga for poor blood circulation
Yoga Pose: खुल जाएंगी शरीर की सभी ब्‍लॉक नसें, खून का फ्लो बढ़ाने के लिए करें ये 5 योगासन


हालांकि दवाई, आहार , व्यायाम और धूम्रपान से दूरी बनाकर खराब ब्लड सुकर्लेशन की समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है, लेकिन योग भी ब्लड सकुर्लेशन के इंप्रूवमेंट के लिए बेहतर तरीका है। तो आइए हम यहां आपको कुछ ऐसे योगा पोज के बारे में बता रहे हैं, जो आपकी सेल्फ केयर और वेलनेस रूटीन के लिए एक बढिय़ा विकल्प है। ये सभी आपके ब्लड सकुर्लेशन को इंपू्रव करने में मदद करेंगे।

​अधोमुख श्वानासन योग (Downward-Facing Dog)

अधोमुख श्वानासन ब्लड सकुर्लेशन के लिए बहुत अच्छा है। इसमें आपके कूल्हे दिल पर और दिल आपके सिर के ऊपर होता है। जिसका मतलब है गुरूत्वाकर्षण आपके सिर में ब्लड सुकर्लेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है। इससे आपके पैर मजबूत होते हैं और इसमें सकुर्लेशन अच्छा हो जाता है। इस योगा पोज को करने से हैमस्ट्रिंग, लैटिसिमस डोर्सी , डेल्टॉइड, ग्लूट्स, और क्वाड्रिसेप्स जैसी मसल्स स्ट्रांग होती हैं और इन्हें स्‍ट्रेच मिलता है।

​त्रिकोणासन- Triangle

त्रिकोणासन एक स्टैंडिंग पोज है। यह मसल्स की टोनिंग और पैर के सुकर्लेशन के लिए बहुत अच्छा है। इस पोज को करने से छाती को खोलने और फेफड़ों के विस्तार में बहुत मदद मिलती है। अगर आपका ब्लड सकुर्लेशन खराब है, तो नियमित रूप से इसे करने से धड़ में सकुर्लेशन में सुधार होगा। इस पोज को करने से सारटोरियस, पिरिफॉर्मिस, ग्लूट्स रेडियस , आब्लिक और ट्राइसेप्स जैसी मसल्स की स्ट्रेचिंग में बहुत हेल्प मिलती है।

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​वीरभद्रासन- Warrior II

इसे योद्धाओं का आसन और वॉरियर-2 भी कहा जाता है। यह आसन हाथों, कंधों , जांघों और कमर की मांसपेशियों को मजूबती प्रदान करता है। आपके पैरों की मांसपेशियों की टोन में सुधार के लिए वॉरियर 2 अच्छी है।

इसमें मांसपेशियां आपके पैरों की नसों को संकुचित करेंगी , इस प्रकार सकुर्लेशन को बढ़ाने में मदद मिलती है। रनिंग करने वाले एथलीट्स के लिए यह योगा पोज बहुत फायदेमंद साबित होता है। इस अभ्यास को करने से हिप लिगामेंट्स, पिरिफॉर्मेस , स्केलेंसेस, पेक्टोरलिस माइनर और क्वाड्रिसेप्स को मजबूती मिलती है।

​विपरीत करणी- Legs up the wall

इस पोज में अपने पैरों को दीवार पर रखना होता है। यह आपके पैरों को आपके दिल से ऊपर रखता है। इसे करने से ब्लड सकुर्लेशन ठीक रहता है और ज्यादातर बीमारियां अपने आप ही ठीक हो जाती हैं। साथ ही अगर आप इस पोज का अभ्यास जवानी से करते हैं, तो बुढ़ापे में हाथ -पैर में लाल या तरल पदार्थ जमा होने की समस्या से राहत मिलती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि किसी भी ऐसे पोज से जहां हम ग्रेविटी के विपरीत जाते हैं, उससे ब्लड सकुर्लेशन में सुधार होगा ही। इसे करने से हैमस्ट्रिंग और गर्दन की अच्छे से स्ट्रेचिंग हो जाती है।

बता दें कि ब्लड सकुर्लेशन से जुड़ी समस्याएं कुछ स्वास्थ्य समयाओं की वजह से होती हैं। लेकिन यहां बताई गई एक्सरसाइज की मदद से मांसपेशियों को संकुचन और फैलने से पैरों की नसों में ब्लड सकुर्लेशन इंप्रूव होता है। दरअसल, ग्रेविटी से विपरीत आप कोई भी पोज करेंगे, तो खून का संचार उलट जाता है और ये सुकर्लेशन से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने का रामबाण नुस्खा है।

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