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'आप हमारे साथ घर पर क्यों नहीं रहतीं?’ बेटी श्वेता बच्चन की इस बात ने जब जया बच्चन को कर दिया था भावुक, वजह हर कामकाजी महिला से जुड़ी

बॉलीवुड एक्ट्रेस जया बच्चन (Jaya Bachchan) आज भले ही फिल्मों में न के बराबर नजर आती हों, लेकिन एक वक्त था जब वह टॉप की एक्ट्रेस हुआ करती थीं।

Curated byतृप्ति शर्मा | नवभारतटाइम्स.कॉम 18 Oct 2021, 1:12 pm
बीबीसी में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक जापान की सरकार ने पांच साल पहले 'वुमनॉमिक्स' नाम की एक नीति बनाई थी, जिसका मकसद दफ़्तरों में महिलाओं की तादाद बढ़ाना था। हालांकि, इस नीति के बाद कामकाजी महिलाओं की नौकरियों में भागीदारी तो बढ़ी, लेकिन कॉरपोरेट वर्ल्ड के बड़े पद अब भी उनकी पहुंच से दूर हैं। हालांकि, इस मामले में भारत की स्थिति काफी अच्छी है। यहां वर्क प्लेस पर महिलाएं पुरूषों की बराबरी तो कर रही हैं लेकिन वर्क लाइफ में संतुलन-पारिवारिक मुद्दे और बच्चों की देखभाल अभी भी उनके लिए सबसे बड़ी चुनौतियां है।
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'आप हमारे साथ घर पर क्यों नहीं रहतीं?’ बेटी श्वेता बच्चन की इस बात ने जब जया बच्चन को कर दिया था भावुक, वजह हर कामकाजी महिला से जुड़ी


सदी के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की पत्नी जया बच्चन (Jaya Bachchan) भी उन्हीं में से एक हैं, जिन्होंने घर-बच्चों की जिम्मेदारी के चलते अपने करियर के पीक पर एक्टिंग छोड़ने का फैसला किया था। (फोटोज-श्वेता बच्चन इंस्टाग्राम/इंडिया टाइम्स)

श्वेता की एक बात ने कर दिया था भावुक

दरअसल, जया बच्चन ने श्वेता और अभिषेक के जन्म के बाद भी अपने फिल्मी करियर को जारी रखा था। ऐसे में जब वह फिल्म 'सिलसिला' में काम कर रही थी, तब उनकी बेटी श्वेता ने उनसे कहा था 'आप हमारे साथ घर पर क्यों नहीं रहतीं? काम सिर्फ पापा को करने दीजिए।' बेटी की इस एक बात ने जया को अंदर तक हिला दिया था, जिसके बाद जया ने फिल्मों से दूरी बना ली।

इस बात में कोई दोराय नहीं कि बेहतर भविष्य के लिए अधिकांश महिलाएं काम करना पसंद करती हैं लेकिन शादी के बाद आने वाली समस्याओं का सामना भी उन्हीं को करना पड़ता है, जिसकी वजह से उन्हें बीच में ही अपनी नौकरी गंवानी पड़ती है।

घर-गृहस्थी के कामों में घंटों लगाती हैं...

साल 1919 में गठित हुए इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) के मुताबिक बिना किसी पगार के काम करने में इराक की महिलाएं सबसे आगे हैं, जो हर दिन 345 मिनट मुफ्त काम करती हैं, वहीं ताइवान में यह आंकड़ा सबसे कम 168 मिनट है जबकि भारत में यह अवधि 265 मिनट देखी गई है।

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि भारतीय महिलाएं घर-गृहस्थी के कामों में घंटों लगाती हैं, जिनका कभी कोई हिसाब नहीं रखा जाता है। वहीं जो महिलाएं बेहतर भविष्य के लिए काम भी कर रही हैं, उन्हें भी अपनी शादीशुदा जिंदगी सुचारू रूप से चलाने के लिए परिवार की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है, जिसमें पति की मदद न के बराबर शामिल होती है।

परिवार की देखभाल करने में सक्षम हों...

कई पुरुष चाहते हैं कि महिलाएं काम करने के साथ-साथ अपने परिवार की देखभाल करने में भी सक्षम हों। हालांकि, कामकाजी महिलाओं के लिए इस संतुलन को हासिल करना एक बड़ी चुनौती है। एक रिपोर्ट बताती है कि कामकाजी महिलाओं के लिए देखभाल की जिम्मेदारियां भी उनकी आय-करियर की प्रगति और सेवानिवृत्ति पर स्थिति को प्रभावित करती है।

ILO के अनुसार, शादीशुदा महिलाओं के अधिक घंटों तक काम करने में सक्षम होने की संभावना बहुत ज्यादा नहीं होती है। पारिवारिक कारणों से देखभाल और बीमारी के प्रावधान और छोटे बच्चों के लिए करियर से ब्रेक लेने की संभावना भी बनी रहती है। जया बच्चन भी इसी दौर से गुजर चुकी हैं, जो फिल्मों के बिजी शेड्यूल की वजह से अपने बच्चों पर ध्यान नहीं दे पाती थीं, जिसके बाद उनकी बेटी श्वेता ने उन्हें उनके साथ रहने की बात कही थी।

उम्र के साथ बदल जाती हैं चीजें

दिलचस्प बात यह है कि कामकाजी महिलाओं को जिन बाधाओं का सामना करना पड़ता है, वह उम्र के साथ बदल जाती हैं। ILO द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 से 29 वर्ष की आयु की युवा महिलाओं में काम पर अनुचित व्यवहार-वर्क प्रेशर या उत्पीड़न सहने की अधिक संभावनाएं होती हैं।

इस बीच, 30 से 44 आयु वर्ग की महिलाओं में अपने बच्चों और परिवारों के लिए सस्ती देखभाल की कमी का उल्लेख करने वाली बातें शामिल होती हैं। वहीं इससे अधिक उम्र वाली महिलाओं में पुरुषों के सापेक्ष असमान वेतन की शिकायतें होती हैं। जया बच्चन की लाइफ में सब सेटल था, लेकिन फैमिली प्रेशर की वजह से उन्हें एक्टिंग से अपने हाथ खींचने पड़े।

लेखक के बारे में
तृप्ति शर्मा
तृप्ति शर्मा को मीडिया में 6 साल से ज्यादा हो गए हैं। इन्होंने अपना करियर एक वीडियो एडिटर के रूप में शुरू किया था, जहां उन्होंने एडिटिंग-बुलेटिन और रन डाउन बनाना सीखा था। हालांकि, कुछ समय बाद डिजिटल मीडिया में खबर लिखने की इनकी ऐसी दिलचस्पी जगी कि ये इसी की होकर रह गईं। तृप्ति ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संगठनों के साथ काम किया है। पिछले 3 साल से तृप्ति फैशन-रिलेशनशिप और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों के साथ NBT में काम कर रही हैं। तृप्ति के द्वारा लिखी गई ऐसी कई खबरें हैं, जिन्हें अलग-अलग ऑनलाइन प्रकाशनों में पब्लिश किया गया है। तृप्ति न केवल तेजी से सीखने वाली मेहनती कार्यकर्ता हैं बल्कि ये दिए गए समय में कार्य करने में भी सक्षम हैं। अपने लेखन कौशल के अलावा तृप्ति एक क्लासिकल डांसर हैं। कॉलेज टाइम में उन्होंने कई रंगमंच पर डांस की सुंदर प्रस्तुति दी है। खाली समय में तृप्ति कोरियन ड्रामा देखना पसंद करती हैं। इन्हें कविता लिखना और सुनना काफी अच्छा लगता है।... और पढ़ें

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