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मेरी कहानी: लॉकडाउन के दौरान मेरे ससुर जी ने मेरी सोच बदल दी

इस बात में कोई दोराय नहीं कि वजन एक ऐसी समस्या है, जो एक बार बढ़ना शुरू होता है तो लगातार बढ़ता रहता है। लेकिन लॉकडाउन के दौरान इस महिला के साथ जो हुआ, उसने अच्छे-अच्छों की सोच बदल दी।

नवभारतटाइम्स.कॉम 26 Nov 2021, 10:11 am
वजन बढ़ना एक बहुत बड़ी समस्या है। हम अपने बढ़ते हुए वजन को लेकर इतना परेशान रहते हैं कि हमारा सारा जीवन इसी के चारों ओर घूमने लगता है। आप जो भी करते हैं... आप जो भी कहते हैं, वह आपके बढ़ते हुए वजन की तरफ आपकी चिंता को दिखाने लगता है। वजन कम ना कर पाने के कारण न केवल हम खुद से ही नाराज होने लगते हैं बल्कि खुद को देखने का मन भी नहीं करता है। लॉकडाउन के दौरान जब मेरे ससुर जी हमारे साथ रहने के लिए आए, तब मुझे होश आया कि मैं आखिरकार कर क्या रही हूं।
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मेरी कहानी: लॉकडाउन के दौरान मेरे ससुर जी ने मेरी सोच बदल दी


​मुझे बहुत बुरा लगता था

मेरे पति का पूरा परिवार बिल्कुल फिट है। 81 साल की उम्र में भी मेरे ससुर जी का वजन कहीं से बढ़ा हुआ नहीं लगता। इतनी उम्र होने के बाद भी उनका पेट कहीं से निकला हुआ नहीं है। लेकिन परिवार में मैं अकेली ऐसी हूं, जिसका वजन बहुत ज्यादा है। मैंने अपने बढ़ते हुए वजन के लिए हमेशा प्रेग्नेंसी का बहाना बनाया है। लेकिन सच तो यह है कि अपना बिगड़ा हुआ शरीर देखकर मुझे बहुत बुरा लगता है। मैं अपने शरीर को लेकर बहुत परेशान भी रहती हूं।

जब मेरे ससुर जी हमारे साथ रहने आए मैंने लंबी टीशर्ट पहनना शुरू कर दिया, ताकि मैं अपने बाहर निकले पेट को थोड़ा छिपा सकूं। जब भी वह आसपास होते थे, तब मैं अपने पेट को अंदर की ओर खींच लेती। जब भी हम सभी साथ मिलकर परिवारिक बातचीत करते मैं अपने पेट को दबाने की कोशिश करती। यह सब करते हुए मैं खुद भी काफी अनकंफर्टेबल फील कर रही थी।

​मैं सोच भी नहीं सकती थी

एक दिन सुबह नाश्ते करने के बाद वह मेरे पास आए और मुझसे कहने लगे आओ मैं तुम्हें एक ऐसा वीडियो दिखाता हूं, जो वजन को लेकर तुम्हें प्रोत्साहित करेगा। वह अपने व्हाट्सएप ग्रुप में बहुत सारी चैटिंग देखने लगे ताकि उन्हें वह वीडियो मिल जाए और फिर उन्हें वह वीडियो मिल ही गया। मुझे लगा कि वह वजन कम करने वाला कोई वीडियो मुझे दिखाने वाले हैं। लेकिन सच बताऊं तो मैं इससे पहले भी तीन से चार बार वजन कम करने की कोशिश कर चुकी थीं, जोकि काफी मुश्किल काम होता है। ऐसे में मैं सोच भी नहीं सकती थी कि वह मुझे क्या दिखाने वाले हैं।

​एक वीडियो ने बदल जिंदगी

मेरे ससुर जी ने मुझे स्मृति ईरानी की रैंप वॉक वाली एक वीडियो दिखाया, जिसमें वह काफी पतली दुबली लग रही थी और पूरे कॉन्फिडेंस के साथ रैंप पर वॉक कर रही थीं। उसी वीडियो में आगे दिखाया गया था कि अब उन्होंने कितना वजन बढ़ा लिया है। वीडियो खत्म होते ही वह मेरी तरफ देखने लगे और बोले तुम्हें इस वीडियो से क्या समझ आ रहा है? वजन आपको कभी भी परिभाषित नहीं कर सकता है। स्मृति ईरानी आज एक सफल महिला है।

उन्हें आज लोग उनकी उपलब्धियों की वजह से जानते हैं, उनके बढ़ते हुए या घटते हुए वजन की वजह से नहीं। इसलिए अपने ऊपर आत्मविश्वास बनाए रखो। अपने वजन को लेकर इतना चिंतित होना अच्छी बात नहीं है। तुम्हारा आत्मविश्वास यह बताएगा कि तुम कौन हो। वजन से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। इस बात ने मुझे अंदर से हिला कर रख दिया।

​जब लगा गले लगा लूं

मुझे लगा कि मैं उन्हें गले लगा लूं और फिर मैंने उनसे कहा कि शादी के बाद मैं अपने बढ़ते हुए वजन को लेकर काफी परेशान रहती हूं। आज आपने मेरी सोच बदल दी। मैं अपने ससुर जी को दिल से धन्यवाद देना चाहती हूं। उन्होंने मुझे जीने का एक नया तरीका सिखाया। मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि बढ़ते हुए वजन को लेकर जो मैंने आत्मविश्वास खो दिया था, मेरे ससुर जी ने उसे वापस ला दिया।

वजन या शारीरिक बनावट हमें परिभाषित नहीं कर सकती है। हमारी पहचान हमारे काम से होती है। इस पूरी कहानी को पढ़कर आप चाहें तो कॉमेंट बॉक्स में इससे जुड़ी अपनी राय दे सकते हैं। अगर आपकी भी ऐसी कोई कहानी है, जिसे आप हमारे साथ शेयर करना चाहती हैं, तो उसे आप लिखकर nbtlifestyle@timesinternet.in पर भेज सकती हैं। कन्टेंट साभार TOI, अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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