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जुनून था एक्टर बनने का, गैंग बनाकर करने लगा ठगी

पीड़ि‍त की शिकायत पर पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत दो को गिरफ्तार कर लिया है। गैंग का तीसरा सदस्‍य नकली पुलिसवाला अभी भी फरार है। एक कार भी रिकवर हुई है।

नवभारत टाइम्स 29 Aug 2019, 4:24 am

हाइलाइट्स

  • आरोपी ऐक्‍टर बनने के लिए बिहार से दिल्‍ली आया था लेकिन खर्चे पूरे करने के लिए ठगी करने लगा
  • आरोपी ने निजामुद्दीन में एक्टिंग स्कूल खोला, यहां उसने चार लड़कियों को बतौर एक्टिंग टीचर हायर किया
  • वह असली के बदले दोगुने नकली नोट का झांसा देता था और पकड़े जाने पर नकली पुलिसवाले से डराता था
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नवभारतटाइम्स.कॉम arrested bike thieves
प्रतीकात्‍मक चित्र
नई दिल्‍ली
पुलिस ने एक ऐसे शख्‍स को उसके गैंग समेत गिरफ्तार किया है जो ऐक्‍टर बनने के लिए बिहार से दिल्‍ली आया था लेकिन खर्चे पूरे करने के लिए ठगी करने लगा। पुलिस ने बाटला हाउस के शाहिद उर्फ राज सिघानिया (24) और नोएडा सेक्‍टर 82 के हेमराज (44) को अरेस्‍ट किया है। इनके खिलाफ बदरपुर थाने में फरीदाबाद के मनोज कुमार साहनी ने 8 अगस्‍त को शिकायत की थी। इस गैंग के तीसरे साथी को पुलिस तलाश रही है।
पुलिस के मुताबिक, राज सिंहानिया ने निजामुद्दीन इलाके में एक्टिंग स्कूल भी खोला था। यहां उसने चार लड़कियों को बतौर एक्टिंग टीचर हायर किया। लेकिन इंस्टीट्यूट और खुद के खर्चे पूरे नहीं हो रहे थे, इसलिए ठगी करने लगा। चिल्ड्रेन बैंक वाले नोटों की गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट रखता था। लोगों को असली नोटों के बदले दोगुने नकली नोट का झांसा देता था। अगर कोई गड्डी चेक करता था, तो तीसरे साथी को इशारा किया जाता था। वह पुलिस की वर्दी में दूर से आता तो दोनों ठग चेकिंग का डर दिखाकर पीड़ित को गड्डी छिपाने की हिदायत देते। इसके बाद फरार हो जाते थे। शुरुआती जांच में इन्होंने छह वारदातें कबूली हैं। इनका तीसरा साथी फरार है।

पीड़ित है टाइल्‍स का ठेकेदार
मनोज कुमार साहनी (35) ने 8 अगस्त को शिकायत में बताया था कि वह टाइल्स के ठेकेदार हैं। राज सिंघानिया बदरपुर इलाके में टाइल्स के काम के लिए उन्‍हें लगातार बुला रहा था। उनके पास 23 जून को लेबर की सैलरी के तीन लाख रुपये थे।

दोगुने पैसों का लालच दिया
इसी दिन बदरपुर के सिब्बल सिनेमा के करीब राज सिंघानिया अपने साथी हेमराज और सलमान के साथ वहां मिला। पीड़ित के बैग में तीन लाख रुपये हैं, इसकी जानकारी राज ने चालाकी से हासिल कर ली थी। बातचीत के दौरान राज ने बताया कि उसके पास छह लाख रुपये का नकली नोटों का बंडल है। पीड़ित मनोज को पैसों की जरूरत थी, इसलिए वह लालच में आ गया। दोनों ने पैसों की अदला-बदली की तो मनोज बंडल चेक करने लगा। राज ने बड़ी रकम होने की वजह से ऐसा करने से रोक दिया।

चूरन वाले नोटों से लूट लिया
पीड़ित ने घर लौटकर चेक किया तो वो चूरन वाले नोट थे। उसने राज सिंघानिया से बात करने की कोशिश की तो उसका फोन बंद मिला। मनोज ने बदरपुर थाने में शिकायत दी तो पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज कर लिया। एसएचओ विजय पाल दहिया, एसआई सुनील चंदोलिया, एएसआई भूप सिंह और राजेश की टीम ने राज और उसके साथी हेमराज को दबोच लिया। पूछताछ में राज ने बताया कि उसका असली नाम शाहिद है, जो पूर्णिया बिहार का रहने वाला है।

बन गया गैंग ऑफ ठग्स
शाहिद उर्फ राज सिंघानिया भोजपुरी फिल्मों में हीरो बनना चाहता था। वह सफल नहीं हो पाया, इसलिए दिल्ली आकर एक्टिंग स्कूल खोल लिया। चार लड़कियों को जॉब दी, लेकिन खर्चा नहीं निकल पा रहा था। इसलिए इंस्टिट्यूट में नाई और मालिश की जॉब करने वाले हेमराज के साथ लोगों को ठगने का प्लान बनाया। सलमान को गैंग में शामिल किया, जिसे पुलिस की वर्दी पहनाई जाती थी। जरूरत पड़ने पर उसे पीड़ित को डराने के लिए स्पॉट पर बुलाया जाता था। ये तीनों ठगी के पैसे आपस बांट लेते थे। एक कार भी रिकवर हुई है। अब तक ठगे सभी पैसे इन्होंने खर्च कर दिए हैं।

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