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आम्रपाली समूह के दो अधिकारी 5 दिन के लिए पुलिस हिरासत में, फर्जी कंपनी बनाने का आरोप

आम्रपाली समूह के दो अधिकारियों को दिल्ली की एक अदालत ने पांच दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।

भाषा 30 Jul 2019, 11:19 pm

हाइलाइट्स

  • दिल्ली की अदालत ने आम्रपाली के दो अधिकारियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है
  • ईओडब्ल्यू ने शिकायत की है कि खरीदारों के पैसे ठिकाने लगाने के लिए फर्जी कंपनियां बनाई गई थीं
  • सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही आम्रपाली समूह का पंजीकरण रीयल एस्टेट कानून रेरा के तहत रद्द कर दिया
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नवभारतटाइम्स.कॉम amrapali
नई दिल्ली
दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को आम्रपाली समूह के दो अधिकारियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। जांच एजेंसी ने दोनों से पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में दिए जाने का आग्रह किया था। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओडब्ल्यू) ने यह दावा किया था कि बड़ी संख्या में फर्जी कंपनियां बनाने में इन दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इसके बाद अदालत ने आम्रपाली समूह के मुख्य वित्त अधिकारी चंदर वाधवा और ऑडिटर अनिल मित्तल को पुलिस हिरासत में भेज दिया।
ईओडब्ल्यू ने अदालत से कहा कि मकान खरीदारों के पैसों के दूसरे कार्यों में उपयोग के इरादे से फर्जी कंपनियां बनाई गई थीं। इन कंपनियों में परिचित लोगों को नौकरी दी गयी थी तथा रिश्तेदारों को निदेशक या प्रमुख प्रबंधकीय पद दिए गए थे।

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने विश्वास का हनन करने वाले बिल्डरों को सबक देते हुए 23 जुलाई को आम्रपाली समूह का पंजीकरण रीयल एस्टेट कानून रेरा के तहत रद्द कर दिया और कंपनी को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की प्रमुख संपत्तियों से बेदखल कर दिया। शीर्ष अदालत ने रीयल्टी कंपनियों की कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच प्रवर्तन निदेशालय को करने का निर्देश दिया और आम्रपाली समूह के 42,000 से अधिक मकान खरीदारों को राहत दिलाने के निर्देश दिए।

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