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बांग्लादेश से आकर दिल्ली-एनसीआर में आकर वारदात को अंजाम देता था ये गैंग, दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने गैंग लीडर समेत तीन को दबोचा

जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों बांग्लादेशियों पर गाजियाबाद, दिल्ली, गुड़गांव समेत कई राज्यों में केस दर्ज हैं। पूछताछ में सामने आया है कि खैरूल और मोंटू 6 महीने पहले सतखीरा बॉर्डर से पश्चिम बंगाल में आए और वहां से कोलकाता पहुंच गए।

नवभारत टाइम्स 6 Mar 2021, 10:59 pm

हाइलाइट्स

  • दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने गैंग लीडर समेत तीन को दबोचा
  • गाजियाबाद पुलिस ने लोकल रेकी करने वाले महिला समेत तीन को पकड़ा
  • राजनगर सेक्टर-6 में 28 फरवरी को डाली थी डकैती
  • पकड़ी गई महिला के पास से बरामद हुए डकैती के सामान
  • गैरकानूनी तरीके से भारत में होते थे दाखिल, फिर करते थे वारदात
  • गैंग लीडर खैरूल 1997 से अलग-अलग लोगों के साथ भारत में आकर कर रहा था वारदात
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नई दिल्ली
बांग्लादेश से गैरकानूनी तरीके से भारत में दाखिल होकर दिल्ली-एनसीआर में लूट, डकैती और चोरी जैसी वारदात को अंजाम देने वाले तीन बांग्लादेशी समेत 6 बदमाशों को गाजियाबाद और दिल्ली की पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार बदमाशों में एक महिला भी शामिल है। गैंग के मास्टरमाइंड तीन बदमाश बांग्लादेश के रहने वाले हैं, जो वारदात को अंजाम देने के बाद अपने देश लौट जाते थे। गाजियाबाद पुलिस ने शुक्रवार देररात गैंग की रेकी और सामान को ठिकाने लगाने में मदद करने वाली एक महिला समेत तीन को गिरफ्तार किया। वहीं दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लाडो सराय से गैंग को चलाने वाले तीन बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है।
बांग्लादेशी गैंग, गैरकानूनी तरीके से आता था भारत
इसी गैंग ने 28 फरवरी को राजनगर सेक्टर-6 में दवा कारोबारी के घर पर परिवार को बंधक बनाकर डकैती डाली थी। जिसके बाद से पुलिस को उनकी तलाश थी। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि डकैती के मामले में राजीव श्रीवास्तव, शिवम और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। वहीं दिल्ली पुलिस ने गैंग लीडर खैरूल, मोंटू मुल्ला और सादिक शेख को गिरफ्तार किया है। यह तीनों ही बांग्लादेशी हैं और लूट की वारदात करने के लिए गैर कानूनी तरीके से भारत में आते हैं और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं।

सतखीरा से भारत में हुए दाखिल
जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों बांग्लादेशियों पर गाजियाबाद, दिल्ली, गुड़गांव समेत कई राज्यों में केस दर्ज हैं। पूछताछ में सामने आया है कि खैरूल और मोंटू 6 महीने पहले सतखीरा बॉर्डर से पश्चिम बंगाल में आए और वहां से कोलकाता पहुंच गए। वहीं उनका साथी सादिक शेख करीब डेढ़ साल से परिवार के साथ गलत तरीके से कोलकाता में आकर रह रहा था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह वारदात को अंजाम देने के बाद वापस अपने देश लौट जाते हैं। एडिशनल कमिश्नर क्राइम ब्रांच शिबेश सिंह ने बताया कि आरोपितों को टीम ने लाडो सराय से करीब 3 बजे गिरफ्तार किया। इसके बाद गाजियाबाद पुलिस को भी सूचना दी गई थी। आरोपितों पर गाजियाबाद की डकैती के साथ और 19 मामले सामने आए हैं। सभी को रिमांड पर लेकर आगे भी पूछताछ की जाएगी। गैंग लीडर खैरूल 1997 से अलग-अलग लोगों के साथ भारत में आकर वारदात कर रहा था।

वारदात से तीन घंटे पहले पहुंचे गाजियाबाद
जानकारी के अनुसार दवा कारोबारी पवन गर्ग के घर हुई डकैती के मामले में रेकी का काम राजीव श्रीवास्तव ने किया था। गैंग ऐसे घरों को टारगेट करता था जो कार्नर और नीचे दीवार वाले हों। साथ ही घर में लोगों की संख्या कम हो। 28 फरवरी को हुई वारदात में राजीव ने रेकी कर खैरूल को जानकारी दी थी। वारदात से तीन घंटे पहले वह अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और आई-20 कार और एक अन्य वाहन से वारदात करने के लिए गए थे। वारदात के बाद बदमाशों ने डकैती से मिले सामान को राजीव की गर्लफ्रेंड के पास रखा था। गाजियाबाद और दिल्ली में हुई गिरफ्तारी के बाद जूलरी और कैश बरामद किया गया है।

जेल में हुई थी राजीव की गैंग से मुलाकात
पूछताछ में राजीव ने बताया कि उनकी मुलाकात तिहाड़ जेल में खैरूल से हुई थी। राजीव रेप केस में जेल में बंद था। इसके बाद वह उनके लिए एनसीआर में रेकी करता था। वह पूरी प्लानिंग के बाद गैंग को जानकारी देता था और उन्हें पहुंचाने का काम भी करता था।

बांग्लादेशी गैंग ने एक साल में डाली तीन डकैतीगाजियाबाद में बांग्लादेशी गैंग ने एक साल के अंदर तीन डकैती डाली है। हर वारदात में लोकल लोगों का प्रयोग रेकी में हुआ था। तीनों मामलों में आरोपित गिरफ्तार हुए हैं, लेकिन अभी कई और गैंग के सक्रिय होने की बात सामने आ रही है, जिसके बारे जानकारी की जा रही है। इन सभी घटनाओं के बाद पुलिस रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों का वैरिफिकेशन भी करवाने की तैयारी कर रही है।

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