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चोरी और लूट के 800 फोन बेच चुके रिसीवर और स्नैचर्स का भंडाफोड़, दो अरेस्‍ट 50 मोबाइल बरामद

पकड़े गए आरोपी चोरी के मोबाइल के आईएमईआई नंबर को बदलते थे। इनसे चोरी के 50 फोन भी बरामद किए गए हैं। मोबाइल को अनलॉक करने और आईएमईआई नंबर चेंज करने के लिए इस्तेमाल हो रहे एक लैपटॉप और यूएफआई डिवाइस भी रिकवर की।

नवभारत टाइम्स 18 Nov 2020, 1:23 am
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम stolen mobiles
सांकेतिक तस्‍वीर

ईस्ट जिले के स्पेशल स्टाफ ने मोबाइल झपटमारों और रिसीवर के गठजोड़ का भंडाफोड़ किया है। इनसे चोरी के 50 फोन रिकवर किए हैं। एक लैपटॉप और यूएफआई डिवाइस भी बरामद की है। इससे आरोपी मोबाइल के आईएमईआई नंबर को बदलते थे। आरोपियों की शिनाख्त गाजियाबाद भोपुरा के रिसीवर पंकज कुमार (30) और झपटमार शाहिद इद्रीशी (33) के तौर पर हुई है। पुलिस इनकी गिरफ्तारी से 42 केस सॉल्व करने का दावा किया है। पंकज अब तक 800 से ज्यादा फोन बेच चुका है।

डीसीपी (ईस्ट) जसमीत सिंह के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल महेंद्र और तमीम को पता चला कि गाजियाबाद के भोपुरा में रहने वाला पंकज- झपटमारी, चोरी और लूट के मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त करता है। वह फोन का हुलिया भी बदल देता है। इंस्पेक्टर सतेंद्र खारी और एसआई सुदेश राणा की टीम ने 12 नवंबर को पंकज की दुकान में दबिश दी। वहां से चोरी, लूट और झपटमारी के 38 मोबाइल बरामद किए गए। मोबाइल को अनलॉक करने और आईएमईआई नंबर चेंज करने के लिए इस्तेमाल हो रहे एक लैपटॉप और यूएफआई डिवाइस भी रिकवर की।

निशानदेही पर उसी दिन भोपुरा में ही रहने वाले झपटमार शाहिद को दबोच लिया। उससे 12 फोन बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि वह साथियों के साथ मोबाइल झपटता था, जिसे पंकज को 2000 रुपये में बेचता था। पंकज फोन को अनलॉक करता और जरूरत पड़ने पर आईएमईआई नंबर भी चेंज करता था। इसके बाद मासूम लोगों को बिल बनाकर सस्ते रेट में बेच देता था। पंकज डीयू से ग्रैजुएट है, जो 2015 से मोबाइल की दुकान चलाता है। इसने 2019 में फोन का आईएमईआई नंबर बदलने की तकनीक सीखी।

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