ऐपशहर

मंडोली जेल में बंद इशरत जहां का आरोप, कैदियों ने मारपीट की

जहां ने आरोप लगाया कि 'एक महीने में यह दूसरी घटना है। मंगलवार सुबह 6:30 बजे कैदियों ने मुझे बुरी तरह पीटा और गालीगलौज की। उनमें से एक ने अपना हाथ भी काट लिया, ताकि मुझे झूठी शिकायत करने पर सजा दी जाए। लेकिन जेल अधिकारियों ने उन कैदियों की बात नहीं सुनी। मैंने लिखित शिकायत भी की है।

नवभारत टाइम्स 23 Dec 2020, 11:26 am
प्रमुख संवाददाता, कड़कड़डूमा कोर्ट
नवभारतटाइम्स.कॉम ishrat-jahan
इशरत जहां (फाइल फोटो)

पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां ने मंगलवार को अदालत के सामने आरोप लगाया कि मंडोली जेल में कैदियों ने उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की और उन्हें लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुए दंगों के सिलसिले में सख्त गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून(यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया था।

अडिशनल सेशन जज अमिताभ रावत ने जेल अधिकारियों को जहां की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाने का निर्देश दिया। अदालत ने जेल अधिकारियों से बुधवार को विस्तृत रिपोर्ट देने और यह बताने को कहा कि इस मुद्दे के हल के लिए क्या कदम उठाए गए और क्या जहां को किसी अन्य जेल में ट्रांसफर करने की जरूरत है। जब अदालत ने मंडोली जेल की सहायक अधीक्षक से पूछा कि क्या ऐसी कोई घटना हुई है, तो उन्होंने इसकी पुष्टि की और कहा कि जरूरी कदम उठाए गए हैं। इस पर अदालत ने जेल अधिकारी से कहा, 'वह (जहां) पूरी तरह से डरी हुई हैं। कृपया तुरंत उनसे बात करें और स्थिति को समझें। उनकी आशंका और डर को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूरी जानकारी के साथ रिपोर्ट दायर करें।'

इशरत जहां एनकाउंटर केस: 3 पुलिस अफसरों की आरोपमुक्ति की गुजारिश वाली याचिकाएं सीबीआई कोर्ट ने की खारिज
जज ने जेल अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जहां को बुधवार को अदालत में पेश करने का भी निर्देश दिया है। जहां ने अदालत में सीधे अपनी बात रखते हुए कहा कि यह एक महीने के भीतर दूसरी घटना थी और वह लगातार उत्पीड़न की वजह से काफी तनाव में हैं। जहां ने आरोप लगाया कि 'एक महीने में यह दूसरी घटना है। मंगलवार सुबह 6:30 बजे कैदियों ने मुझे बुरी तरह पीटा और गालीगलौज की। उनमें से एक ने अपना हाथ भी काट लिया, ताकि मुझे झूठी शिकायत करने पर सजा दी जाए। लेकिन जेल अधिकारियों ने उन कैदियों की बात नहीं सुनी। मैंने लिखित शिकायत भी की है। वे मुझे आतंकवादी कहते रहते हैं। उन्होंने मुझसे कैंटीन में पैसे की भी मांग की।'

जहां की ओर से पेश वकील प्रदीप तेवतिया ने आरोप लगाया कि पहले भी कैदियों ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसके बाद कैदियों में से एक को दूसरी जेल भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान मौजूद एडवोकेट मिस्बाह बिन तारिक ने अदालत से तुरंत कार्रवाई करने और जहां की हालत पर गौर करने का अनुरोध किया क्योंकि जहां वकीलों के बार की सदस्य हैं।

अगला लेख

Metroकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर