ऐपशहर

पूरे देश में अपनी 'ब्रांच' खोलना चाहते हैं जामताड़ा के ठग

जामताड़ा के साइबर ठग पूरे देश में अपनी 'ब्रांच' खोलना चाहते हैं। आरोपियों का कहना है कि वह ना तो किसी का कत्ल कर रहे हैं और ना ही किसी के साथ मारपीट। सिर्फ लोगों की नासमझी और बेवकूफी का फायदा उठा रहे हैं।

Authored byमनीष अग्रवाल | Navbharat Times 12 Sep 2020, 10:30 am
नई दिल्ली: जामताड़ा के साइबर ठग बहुत स्मार्ट हैं। वह वक्त के साथ लोगों को ठगने के तरीके भी बदलते रहते हैं। कोरोना काल में इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ा है। ऐसे में ये ठग भी लोगों को नए तरीके से ठग रहे हैं। वह लोगों के मोबाइल की इंटरनेट स्पीड बढ़ाने से लेकर वर्चुअल सिम के इच्छुक कस्टमर्स के साथ ठगी कर रहे हैं।
नवभारतटाइम्स.कॉम cyber-crime
सांकेतिक तस्वीर


वर्चुअल सिम देने के नाम पर ठगे गए छतरपुर के एक होटल मैनेजर के मामले में जयपुर से पकड़े गए दो आरोपियों से मैदानगढ़ी पुलिस ने पूछताछ की थी। पूछताछ में पता चला है कि जामताड़ा के साइबर ठग पूरे देश में अपनी 'ब्रांच' खोलना चाहते हैं। आरोपियों का कहना है कि वह ना तो किसी का कत्ल कर रहे हैं और ना ही किसी के साथ मारपीट। सिर्फ लोगों की नासमझी और बेवकूफी का फायदा उठा रहे हैं।

जांच में पता लगा है कि जामताड़ा के साइबर ठग झारखंड के ही कुछ इलाकों में नौजवानों को साइबर ठगी की ट्रेनिंग देते हैं। सांपों का घर नाम से मशहूर जामताड़ा के बारे में कहा जाता है कि सबसे पहले 2011 में यहां का रहने वाला राजकुमार मंडल उर्फ सीताराम 2011 में मुंबई गया था। वहां उसने मोबाइल रिपेयरिंग का काम शुरू किया था। साथ ही साथ उसने मोबाइल फोन हैकिंग, सिम क्लोनिंग और साइबर फ्रॉड की गुर सीख लिए। मुंबई से जामताड़ा आने के बाद राजकुमार मंडल ने सबसे पहले करीब 300 बेरोजगार नौजवानों को साइबर फ्रॉड करने की ट्रेनिंग दी। इन तमाम नौजवानों ने राजकुमार का नाम अपने मोबाइल फोन में हेलो मास्टर के नाम से सेव किया था।

यहीं से इस गैंग का नाम हेलो गैंग पड़ गया। उसके बाद से पूरे जिले में साइबर फ्रॉड का धंधा चल निकला। इसका साथी प्रदीप मंडल बताया जाता है। 2018 में दिल्ली की शाहदरा पुलिस ने इसे पकड़ा भी था। बताया जाता है कि जामताड़ा के इन शातिर साइबर ठगों ने बॉलिवुड स्टार से लेकर देश के आईएएस, आईपीएस और नेता को भी नहीं बख्शा है। ठगी की रकम से यह अपने गांवों में गरीबों की मदद करते हैं। ठगी के पैसों से शानदार घर बनवा रहे हैं। जमीन और महंगी गाड़ियां भी खरीद रहे हैं। इनके गांवों में छापा मारने के लिए पुलिस बहुत ही सावधानी बरतते हुए जाती है। ईडी ने भी इनके इलाके में छापा मारा है।
लेखक के बारे में
मनीष अग्रवाल
मनीष अग्रवाल, नवभारत टाइम्स में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह केंद्रीय गृह मंत्रालय, रेलवे और एविएशन मिनिस्ट्री के अलावा केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, पैरामिलिट्री फोर्स, सीबीआई, एनआईए, ईडी और भारतीय चुनाव आयोग भी कवर करते हैं। इससे पहले वह क्राइम, कस्टम और तिहाड़ जेल कवर करते थे। वह एनबीटी में 20 साल से भी अधिक समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।... और पढ़ें

अगला लेख

Metroकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर