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'सामने मर रहा था मेरा भाई, किसी ने नहीं की मदद, विडियो बनाते रहे लोग'

'कहते हैं, दिल्ली दिलवालों की, लेकिन यहां कोई किसी की मदद नहीं करता।' अपने भाई की मौत के बाद संदीप कुमार रोते-रोते ऐसा कह रहे थे। जेबकतरों के एक गैंग ने उनके 28 वर्षीय भाई अमरजीत को दिल्ली जू के पास बस से बाहर खींचा और चाकू गोदकर मार डाला।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 28 Feb 2018, 12:20 pm
पंखुड़ी यादव, नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम kill

'कहते हैं, दिल्ली दिलवालों की, लेकिन यहां कोई किसी की मदद नहीं करता।' अपने भाई की मौत के बाद संदीप कुमार रोते-रोते ऐसा कह रहे थे। जेबकतरों के एक गैंग ने उनके 28 वर्षीय भाई अमरजीत को दिल्ली जू के पास बस से बाहर खींचा और चाकू गोदकर मार डाला।

मंगलवार को यूपी के आंबेडकर नगर जिले के रहने वाले संदीप कुमार उन 30 मिनटों को याद करते हुए दिल्लीवालों को कोस रहे थे, जब कोई उनके भाई की मदद को आगे नहीं आया। डर के उन 30 मिनटों ने परिवार की जिंदगी उजाड़ दी। अमरजीत ने जैसे ही देखा कि कोई जेब से फोन निकालकर भाग रहा है, वह चिल्लाते हुए बस से उतरे और उन्होंने बदमाश को पकड़ने की कोशिश की लेकिन बदमाश उन्हें चाकू मारकर भआगने लगा। उनकी पत्नी जेबकतरों के पीछे भागीं और दो को पकड़ने में कामयाब हुईं लेकिन एक भाग निकला। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों बदमाशों को हिरासत में ले लिया। अमरजीत को आरएमएल हॉस्पिटल ले जाया गया। सोमवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।

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संदीप कहते हैं कि शहर में वह पहली बार आए और दिल्ली आना उनके लिए बुरा सपना बन गया। वह बोले, 'बस में हर कोई तमाशबीन की तरह बैठा था, कई तो विडियो बना रहे थे और कई तो ऐसे बैठे थे जैसे फिल्म की शूटिंग हो रही है।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं भाई की पत्नी मंजू और उनके बेटे को अपने गांव ले जाऊंगा, वे यहां नहीं रह सकते, मैंने ऐसा निर्दयी शहर नहीं देखा।'

डीसीपी के मुताबिक, अमरजीत को चाकू मारने वाला बदमाश सूरज है, पकड़ में आया दूसरा बदमाश सुमित है। उनसे पूछताछ कर देर रात पुलिस ने उनके तीसरे साथी अजीत को भी धर दबोचा। ये सभी शाहदरा इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस ने जब इनका आपराधिक बैकग्राउंड चेक किया, तो सूरज के खिलाफ आर्म्स ऐक्ट का और अजीत के खिलाफ पिक पॉकेटिंग के चार मामलों का पता चला। पुलिस अब इनके चौथे साथी को तलाश रही है। जेबकतरा संदीप को चाकू गोदता रहा, लेकिन बस में मौजूद करीब 70 यात्री तमाशबीन बने रहे, कोई मदद को आगे नहीं आया, बल्कि विडियो बनाते रहे लोग।

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