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मुनीर से भी था तंजील का प्रॉपर्टी विवाद!

एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद की हत्या के तार दिल्ली से जुड़ रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुनीर ने जामिया नगर की करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी के विवाद में पनपी रंजिश के चलते तंजील की हत्या की। शाहीन बाग इलाके में रहते हुए शूटर मुनीर की तंजील से जान-पहचान हुई थी।

नवभारतटाइम्स.कॉम 9 Apr 2016, 10:29 pm
Pushpinder.Chauhan @timesgroup.com
नवभारतटाइम्स.कॉम property dispute with munir too
मुनीर से भी था तंजील का प्रॉपर्टी विवाद!


नोएडा : एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद की हत्या के तार दिल्ली से जुड़ रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुनीर ने जामिया नगर की करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी के विवाद में पनपी रंजिश के चलते तंजील की हत्या की। शाहीन बाग इलाके में रहते हुए शूटर मुनीर की तंजील से जान-पहचान हुई थी। जांच में पता चला है कि हत्या करने के शक में हिरासत में लिए गए तंजील के बहनोई के भतीजे रेहान की रंजिश ऐसी नहीं है। जांच अधिकारी चाहते हैं कि सिर्फ रेहान की पूछताछ के आधार पर इस केस को न खोला जाए। सूत्रों के मुताबिक, मुनीर से जामिया की प्रॉपर्टी विवाद के अलावा भी रंजिश के उन सभी कारणों का पता लगाया जाना है, जिसकी वजह से उसने तंजील की हत्या की। पहले के मामलों की तरह दिल्ली में आकर छिपने की उसकी आदत को देखते हुए तंजील हत्याकांड के बाद उसकी तलाश में यूपी पुलिस की कई टीमें लगातार दिल्ली में दबिश दे रही हैं। मुनीर डीयू से नैनो-टेक्नॉलजी में पिछले साल से डिप्लोमा भी कर रहा था। कई वारदात मगर गिरफ्तारी नहीं : डीएसपी तंजील अहमद की हत्या से पहले भी मुनीर कई सनसनीखेज वारदात को अंजाम दे चुका है। हालांकि, उसे अब तक एक बार भी पकड़ा नहीं जा सका है। बिजनौर के सहसपुर का रहने वाला मुनीर काफी समय पहले ग्रैजुएशन करने के बाद गांव से आगे की पढ़ाई करने निकला और उसके बाद उसका गांव आना लगभग बंद ही हो गया। जांच में सामने आया है कि 2013 से उसका अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में आना-जाना शुरू हुआ था। वहां स्टूडेंट यूनियन के इलेक्शन में उसने अपने एक करीबी का साथ दिया था। उसी साल उसके खिलाफ वहां जमीन कब्जा करने के आरोप में केस भी दर्ज हुआ था। 2014 में कारोबारी की हत्या : जांच में यह बात भी आई है कि मुनीर ने 20 नवंबर 2014 को अलीगढ़ में एक कारोबारी फहद की हत्या की थी। इस केस में उसका एक साथी आशुतोष मिश्रा 3 दिसंबर 2014 में पकड़ा भी गया था। वह अब भी अलीगढ़ जेल में बंद है। लेकिन मुनीर का पता लगाने में यूपी पुलिस कामयाब नहीं हुई। इसी साल अलीगढ़ में मारपीट और हत्या के प्रयास के दो और मुकदमे दर्ज किए गए। एएमयू में स्टूडेंट का मर्डर : मुनीर पर आरोप है कि उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर 18 सितंबर 2015 में एएमयू में आलमगीर नाम के एक स्टूडेंट की दिनदहाड़े गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। आलमगीर ने आशुतोष मिश्रा की पिटाई की थी। इस हत्या के बाद से ही मुनीर गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में छिपकर रह रहा था। एक और हत्या का शक : 13 फरवरी 2015 को अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के सामने जीआरपी के कॉन्स्टेबल सुरेश बाबू की हत्या करके दो बदमाशों ने उसकी .9एमएम की पिस्टल लूट ली थी। इस घटना में सामने आए सद्दाम नाम के बदमाश की अलीगढ़ में ही हत्या कर दी गई थी। उसकी मौत के बाद उसके दूसरे साथी की पहचान नहीं हो पाई। आशंका है कि मुनीर हत्या में उसके साथ था। अंदेशा है कि उसी लूटी हुई पिस्टल से तंजील अहमद की हत्या की गई। वहीं बिजनौर में 91 लाख की बैंक डकैती में इसी पिस्टल से फायरिंग करने की बैलेस्टिक जांच में बात सामने आई है।

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