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शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने भड़की हिंसा का किया विरोध

एनबीटी न्यूज, शाहीन बाग\Bशाहीन बाग\B में सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में 72वें दिन भी सोमवार को प्रदर्शनकारी डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने ...

Navbharat Times 25 Feb 2020, 8:00 am

एनबीटी न्यूज, शाहीन बाग

\Bशाहीन बाग\B में सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में 72वें दिन भी सोमवार को प्रदर्शनकारी डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में रविवार को हुई हिंसा का विरोध किया। हिंसा में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौत पर उन्होंने दुख जताया और कहा कि वे इस घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़े हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे गांधी को मानने वाले लोग हैं और उन्हीं के विचारों का अचारण करते हैं। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

दोपहर 2 बजे तक प्रदर्शनस्थल पर महिलाओं की संख्या बहुत कम थी। देश-भक्ति गाने चल रहे थे, लेकिन कोई स्पीकर स्टेज से नहीं बोल रहा था। महिलाएं शांति से स्टेज के सामने बैठकर प्रदर्शन कर रहीं थीं। किसी भी तरह की नारेबाजी नहीं हो रही थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अभी बच्चें स्कूल से आए हैं, इसलिए महिलाएं अभी पहुंची नहीं हैं। धीरे-धीरे उनकी भीड़ बढ़ेगी।

प्रदर्शन में शामिल जरीन का कहना था कि अभी बच्चें स्कूल से आए हैं। खाना बनाकर आई हूं। सभी महिलाएं अपने घर गई हैं। धीरे-धीर सभी घरों से निकलकर आएंगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट की तरफ से भी आज कोई निर्णय नहीं आया। अब देखना है कि कब तक हमें यहां पर बैठना है। इतने दिन हो गए हैं। कोई बात करने नहीं आ रहा है। अगर वे बोल दें, तो हम भी अपने घरों में जाकर आराम से रहें। प्रदर्शनकारी गुलशन ने बताया कि उनके पति भी मना करते हैं। कहते है कि बच्चों पर ध्यान दो, फाइनल एग्जाम है। लेकिन मन नहीं मानता। एक दो घंटे के लिए जरूर आती हूं। क्योंकि एनआरसी सभी के लिए मुसीबत है और इसकी चपेट में सब आएंगे। अगर आज सड़क पर नहीं आएंगे तो कल हमारे पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचेगा। अपने बच्चें का हाथ पकड़ कर प्रदर्शन में पहुंची फातिमा आते ही लोगों से पूछती हैं कि कोर्ट का कुछ निर्णय आया। तभी एक महिला बोलती है कि अगली तारीख मिली है। एक उदासी के साथ फातिमा कहती हैं कि सभी को यही लग रहा है कि रोड पर बैठना बहुत आसान है, लेकिन जो महिलाएं कभी घर से नहीं निकली हैं, उनसे पूछकर देखो। हमें लगा था कि चार दिन जो बात हुई है और हमारी मांग को कोर्ट के माध्यम से सरकार तक पहुंचाया जाएगा। मगर आज भी सिर्फ तारीख मिली है।

\Bसभी लोग शांति बनाए रखे की अपील\B

शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों ने अपने अधिकारीक ट्वीटर हैंडल से बयान जारी करते हुए कहा कि शाहीन बाग में पिछले 72 दिनों से प्रोटेस्ट चल रहा है। यहां पर शांति और अहिंसा को सबसे ऊपर रखा गया है। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुए दंगों को लेकर उन्होंने मांग की है कि दिल्ली में सभी लोग शांति बनाए रखें। साथ ही कहा कि वे किसी भी तरह की हिंसा और नफरत के खिलाफ एकजुटता के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा दक्षिणपंथी विचारधारा के लोगों की ओर से भड़काई जा रही है। प्रदर्शनकारी दादियों ने बताया कि शाहीन बाग से कुछ लोग शांति की अपील लेकर जफराबाद गए हैं। तड़के 3 बजे भी कुछ लोग वहां के हालात का जायजा लेने गए थे, तब हालात ठीक थे, लेकिन सुबह वहां पर दंगे की खबर आई।

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