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एनकाउंटर: 11 साल की उम्र में राजेश भारती ने की थी 'पिता की हत्या'

शनिवार को एनकाउंटर में ढेर हुए गैंगस्टर राजेश भारती का शव उसके परिजन नहीं लेना चाहते। परिजनों का कहना है कि सालों पहले उससे नाता तोड़ दिया था। परिजनों का कहना है कि भारती ने 90 के दशक में 11 साल की उम्र में अपने पिता की हत्या कर दी थी, जबकि उसकी मां की हत्या अंकल ने की थी। फिलहाल उसका शव शवगृह में पड़ा है।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 11 Jun 2018, 11:09 am
सिद्धार्थ भारद्वाज, नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम rajesh

शनिवार को एनकाउंटर में ढेर हुए गैंगस्टर राजेश भारती का शव उसके परिजन नहीं लेना चाहते। परिजनों का कहना है कि सालों पहले उससे नाता तोड़ दिया था। परिजनों का मानना है कि भारती ने 90 के दशक में 11 साल की उम्र में अपने पिता की हत्या कर दी थी, जबकि उसकी मां की हत्या अंकल ने की थी। फिलहाल उसका शव शवगृह में पड़ा है। पुलिसवालों ने जब उसके रिश्तेदारों से संपर्क किया तो उन्होंने राजेश का शव लेने से इनकार कर दिया। अब पुलिस टीम हरियाणा के जींद जिले में उसके गांव के लोगों से संपर्क कर अंतिम संस्कार कराए जाने की कोशिश में जुटी है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को हुए एनकाउंटर में ढेर हुए चारों अपराधियों की आज अटॉप्सी करवाई जाएगी। यह काम मैजिस्ट्रेट के सामने होगा। रविवार को हरियाणा सीआईडी भी शवगृह पहुंची थी। एनकाउंटर में घायल हुए गैंगस्टर कपिल की हालत स्थिर बताई जा रही है, उसका इलाज एम्स में चल रहा है। उसके गांव के सरपंच वेदपाल रविवार को उसका हाल-चाल जानने रविवार को एम्स पहुंचे थे।

रविवार शाम शवों की शिनाख्त के लिए रोहतक के संजीत बलारा के गांव अकबरपुर से 30 से ज्यादा लोग एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचे थे। संजीत के रिश्तेदार साहिल चिकारा ने कहा, उनके भाई ने 3 साल पहले गांव छोड़ दिया था और कई बार कहने के बाद भी नहीं लौटा। उन्होंने आगे कहा, 'संजीत की मां और बहन अब तक नहीं जानते कि वह मारा जा चुका है।'

रेलवे में काम करने वाले संजीत के बड़े भाई ने बताया कि गैंगस्टर संदीप गडोली के संपर्क में आने के बाद संजीत अपराध की दुनिया में घुसा। वहीं, वीरेश राणा उर्फ भीकू का परिवार एनकाउंटर में ढेर हुए लोगों की लिस्ट में उसका नाम देख हैरान रह गए। उसके चाचा सतबीर डबास ने बताया कि भीकू पिछले 2 सालों से अपनी पत्नी के घर बहादुरगढ़ में रह रहा था। उन्होंने बताया, 'वह कहता था कि एक कारोबारी के ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा है और अपराध से कोई कनेक्शन नही है। वह ग्रैजुएट था और दिल्ली एयरपोर्ट के कार्गो विभाग में उसने 4 साल तक नौकरी भी की थी। उसकी मौत की जांच होनी चाहिए।'

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