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'दिल्ली का दाऊद' बन करते थे जबरन वसूली, गिरफ्तार

गैंगस्टर जेल में बंद होने के बावजूद जबरन वसूली का धंधा चलाने का एक और मामला सामने आया, जिसमें साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ की पुलिस टीम ने तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया है। ये गुर्गे डराने के लिए यूट्यूब पर अपना प्रोफ़ाइल दिखाते, जिसमें लिखा होता 'दिल्ली का दाऊद' और फिर 20 से 30 लाख की डिमांड करते।

सांध्य टाइम्स 13 Apr 2018, 3:26 pm
नवीन निश्चल, नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम extortion delhi dawood

गैंगस्टर जेल में बंद होने के बावजूद जबरन वसूली का धंधा चलाने का एक और मामला सामने आया, जिसमें साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ की पुलिस टीम ने तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी चिन्मय विस्वाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए गुर्गों में सुबेग सिंह उर्फ शिबू, प्रदीप डबास और श्रवण उर्फ हनी चौधरी शामिल हैं। इनके पास से पिस्टल, कारतूस भी बरामद किए गए हैं। इनके चौथे गुर्गे की तलाश की जा रही है।

ये सभी तिहाड़ जेल में बन्द नीरज बवानिया और मंडोली जेल में बंद नवीन भांजा के नाम से जूलर्स, फाइनैंसर और दूसरे बिजनसमैन को धमकाते थे। उनसे एक्सटॉर्शन की मनी लेते थे।

ऐसे खुला मामला
लाजपत नगर के एक जूलर से लाखों की रंगदारी मांगी गई थी। मना करने पर उसके बेटे सचिन बब्बर की भरे बाजार में पिटाई कर दी गई, लेकिन डर से पुलिस तक बात नही पहुंची। उसी रात जब सचिन पिसोड़ी चिकन ढाबा के पास गया, तो उस पर गोली चला दी, लेकिन सचिन नीचे गिर गया और गोली रेस्तरां के एक कर्मचारी को लग गई। मामले की सूचना पुलिस को मिली और छानबीन करने पर पुलिस को धमकी का खेल पता चला।

डीसीपी चिन्मय विस्वाल ने इंस्पेक्टर राजेन्द्र पहलवान की टीम को केस सौंपा। सब इंस्पेक्टर योगेश शर्मा, सहायक सब इंस्पेक्टर रविंद्र, हेड कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र, नरेश आदि की टीम ने एक-एक करके इन्हें पकड़ा। तब पुलिस को जेल से धमकी के खेल के बारे में पता चला।

'दिल्ली का दाऊद' बन जबरन वसूली
पुलिस को पता चला कि ये लोग नीरज बवानिया और उसके असोसिएट नवीन भांजा का नाम लेकर साउथ दिल्ली के बिजनसमैन को धमकाते हैं। डराने के लिए यूट्यूब पर इनका प्रोफ़ाइल भी दिखाते, जिसमें लिखा होता 'दिल्ली का दाऊद' और फिर 20 से 30 लाख की डिमांड करते। लोग पुलिस तक कम्प्लेन नहीं करते। जांच में ऐसा भी पता चला कि नवीन भांजा वॉट्सऐप कॉल से सीधा बिजनसमैन को डराता। पैसे नहीं देने के बदले गोली खाने की धमकी देता था।

पकड़े गए तीन गुर्गों में से एक लाजपत नगर का फाइनैंसर है, दूसरा द्वारका का ट्रांसपॉर्टर और तीसरा डेली वेजेज पर ब्याज देने वाला है, जो नवीन भांजा के सम्पर्क में आ गया और उसके लिए काम करने लगा।

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