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कूड़े से बनेगी बिजली, दिल्ली के घर होंगे रोशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मंडी से निकलने वाले कूड़े से बिजली बनाई जाएगी। देखने में आ रहा है कि चारों तरफ बहुत ज्यादा कूड़ा-कूड़ा ही रहता है। दिल्ली के अंदर कूड़े के तीन बड़े-बड़े पहाड़ बन गए हैं। गाजीपुर मंडी में लगाए गए प्लांट की तरह बहुत सारे प्लांट पूरी दिल्ली में लगाने की जरूरत है।

Navbharat Times 28 Oct 2020, 3:08 pm
विशेष संवाददाता, नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम KEJRIWAL
कचरा प्रबंधन के लिए छोटे प्लांट की शुरुआत करते केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को गाजीपुर मछली और मुर्गा मंडी से निकलने वाले कूड़े से बिजली और खाद बनाने के प्लांट का उद्‌घाटन किया। उन्होंने कहा कि गाजीपुर मंडी से हर रोज निकलने वाले कचरे से वेस्ट टु पावर प्लांट की मदद से बिजली बनाई जाएगी।

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कचरा प्रबंधन के लिए आने वाले कुछ सालों में इस तरह के कई छोटे-छोटे प्लांट बनाने की जरूरत है। ऐसे प्लांट बनाए जाने के बाद रोजना निकलने वाले कचरे को कूड़े के पहाड़ों पर नहीं डालना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कचरे को री-साइकिल किया जाना चाहिए, खाद में बदलने, बिजली पैदा करने या ईंट-भट्ठों में उपयोग होना चाहिए।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस प्लांट से बनी बिजली लोगों के घरों को रोशन करेगी और लोगों को कूड़े से निजात भी दिलाएगी। मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रदूषण के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया है, वेस्ट टु एनर्जी प्लांट उस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मंडी से निकलने वाले कूड़े से बिजली बनाई जाएगी। देखने में आ रहा है कि चारों तरफ बहुत ज्यादा कूड़ा-कूड़ा ही रहता है। दिल्ली के अंदर कूड़े के तीन बड़े-बड़े पहाड़ बन गए हैं। गाजीपुर मंडी में लगाए गए प्लांट की तरह बहुत सारे प्लांट पूरी दिल्ली में लगाने की जरूरत है। यह छोटा-सा प्लांट है, 15 टन कूड़ा कुछ भी नहीं होता है, उससे 1500 यूनिट बिजली रोज बनेगी। ऐसे छोटे-छोटे सैकड़ों प्लांट पूरी दिल्ली में लगेंगे, तो हम फिर ऐसी स्थिति में पहुंच सकते हैं कि दिल्ली का सारा कूड़ा इन पहाड़ों पर नहीं जाना चाहिए।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज दिल्ली में कूड़े से बिजली बनाने के लिए प्लांट की शुरुआत की गई है। यह जो सब्जी मंडियों का कूड़ा है, मुर्गा मंडी का कूड़ा है, इससे बिजली बनाने के प्लांट की शुरुआत हुई है। इससे बनी बिजली अब दिल्ली में घरों को भी रोशन करेगी और साथ-साथ इस प्रयास से जो कूड़ा आसपास फैलता था, उससे भी लोगों को निजात मिलेगी। यह पहला प्रयोग है, जो किसी भी मंडी में शुरू किया गया है। आज की तकनीकी और विज्ञान का इस्तेमाल करके सरकार कितना आगे बढ़ रही है और जब किसी सरकार के मुख्यमंत्री खुद आईआईटी से पढ़े हुए हों, तो फिर टेक्नॉलजी का इस्तेमाल नहीं होगा, ऐसा तो हो ही नहीं सकता है।

दिल्ली के विकास मंत्री एवं दिल्ली एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन गोपाल राय ने कहा कि गाजीपुर के अंदर मुर्गा और मछली मार्केट के साथ-साथ सब्जी और फल मार्केट से जो कूड़ा और कचरा पैदा होता है, उसको बिजली और खाद में तब्दील करने के लिए यह प्लांट लगाया गया है।

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