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FAQ: दिल्ली के तीनों नगर निगमों के एक होने से क्या होंगे बदलाव? चुनाव तक निगमों का कैसे होगा काम, जानिए हर सवाल का जवाब

लगभग 10 साल बाद 22 मई को दिल्ली के तीनों नगर निगमों का एकीकरण हो जाएगा। उसके बाद नॉर्थ, साउथ और ईस्ट एमसीडी का अस्तित्व समाप्त होगा और दिल्ली में फिर से एक ही एमसीडी काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को इस बारे में औपचारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया।

Edited byसरोज सिंह | नवभारत टाइम्स 21 May 2022, 8:15 am
गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन के बाद तय हो गया है कि 22 मई से तीन की बजाए एक ही नगर निगम होगा यानी 2012 से पहले वाली स्थिति होगी। अब पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी नगर निगम नहीं बल्कि दिल्ली नगर निगम होगा। फिलहाल अश्विनी कुमार को यूनिफाइड एमसीडी का स्पेशल ऑफिसर बनाया गया है और ज्ञानेश भारती कमिश्नर नियुक्त हुए हैं। ये दोनों नियुक्तियां कल से प्रभावी होंगी। एकीकरण के बाद चुनाव नहीं हो जाते, तब तक ये कैसे काम करेगा और पहले के मुकाबले नगर निगमों में क्या बदलाव होंगे, इसे इन सवाल-जवाब के तौर पर समझा जा सकता है।
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MCD सिविक सेंटर


MCD News: पार्षदों का टर्म पूरा, अब कहां करेंगे शिकायतें? लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए हो सकती है दिक्कत
  1. जब चुनाव नहीं हुए तो नगर निगम का कामकाज कैसे चलेगा?
    नगर निगमों के एकीकरण के लिए संसद ने एक्ट में जो संशोधन किया है,उसके मुताबिक चुनाव होने तक दिल्ली नगर निगम के कामकाज के लिए एक प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि 22 मई तक प्रशासक के नाम का भी ऐलान कर दिया जाएगा।
  2. प्रशासक कैसे काम करेगा?
    जब तक निगम का गठन नहीं हो जाता, तब तक प्रशासक के पास निगम संबंधी सभी अधिकार होंगे। जो काम सदन के जरिए होता था, वो प्रशासक करेगा यानी नई नीति बनाने से लेकर प्रोजेक्टों की मंजूरी का कार्य भी प्रशासक ही करेगा।
  3. निगम कार्यालय में समस्या का समाधान न होने पर लोग पार्षद के पास जाते थे। अब उनके पास क्या विकल्प होगा?
    अब पार्षद का कार्यकाल तो खत्म हो रहा है इसलिए अब उनके पास पहले जैसा अधिकार नहीं होगा लेकिन निगम के सभी जोनल कार्यालय पहले की तरह ही कार्य करते रहेंगे। वहां भी अपनी समस्याओं के लिए अधिकारियों से मिला जा सकता है। अगर वहां समस्या का समाधान नहीं होता तो प्रशासक से भी मिला जा सकता है। इसके अलावा लोगों के लिए एक शिकायतों के समाधान के लिए कॉमन प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है, जहां कोई भी अपनी समस्या दर्ज करा सकता है। तीनों नगर निगमों की वेबसाइट को एक करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
  4. अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाब देही किसके प्रति होगी, अधिकारियों की मनमानी पर कौन लगाएगा अंकुश?
    एमसीडी के तमाम कार्यों के लिए जवाबदेही प्रशासक की होगी।
  5. मेयर और निगम पार्षदों का अब क्या होगा?
    कार्यकाल समाप्त होने के बाद मेयर और पार्षद अपने पद पर नहीं होंगे। उनका कार्यकाल पूरा माना जाएगा।
  6. वॉर्ड की संख्या कम होने के बाद क्या जोन की संख्या भी कम की जाएगी?
    डिलिमिटेशन के बाद यह तय किया जाएगा। लेकिन एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त होने बाद भी 12 जोन ही होंगे और इन सभी जोन में पहले की तरह काम होगा।
  7. पार्षदों की संख्या कितनी होगी?
    संसद ने हाल ही में जो कानून पारित किया है, उसके मुताबिक दिल्ली में अधिकतम 250 वॉर्ड ही हो सकते हैं। ऐसे में ये तय है कि पहले की तरह दिल्ली में 272 पार्षद नहीं चुने जाएंगे। लेकिन पार्षद 250 ही रहेंगे या उससे कम, ये अभी तय होना है लेकिन इतना तय है कि 250 से अधिक पार्षद नहीं होंगे।
  8. और क्या बदलाव होंगे?
    अब दिल्ली नगर निगम का एक ही मुख्यालय होगा। ये सिविक सेंटर में हो सकता है। इस तरह से तीन की बजाय नगर निगम का एक ही सदन होगा। एक ही मेयर, एक ही स्टैंडिंग कमिटी। इसके अलावा अब अगर हाउस टैक्स, लाइसेंस आदि के लिए एक ही नीति होगी। अब तक तीनों निगम हाउस टैक्स जमा कराने की अंतिम तिथि भी अलग अलग ही तय करते थे लेकिन अब इस मामले में पूरी दिल्ली में एकरूपता होगी।
  9. तीनों निगम एक होने से इनकी वित्तीय स्थिति पर क्या असर होगा?
    अब तक दिक्कत ये थी कि तीनों निगमों की आमदनी एक जैसी नहीं थी। मसलन, दक्षिणी नगर निगम की आमदनी अच्छी थी जबकि बाकी दोनों निगमों की आमदनी कम थी। आमदनी में संतुलन न होने की वजह से भी दिक्कत थी। अब तीनों निगम एक होने से एक ही जगह आमदनी आएगी और तीन तीन निगम होने से जो अतिरिक्त खर्च हो रहा था, वह भी कम हो जाएगा। इससे निगम की वित्तीय स्थिति कुछ सुधरने की उम्मीद है।
  10. कर्मचारियों, अधिकारियों पर भी कुछ असर पड़ेगा?
    अब पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी नहीं बल्कि सभी अधिकारी व कर्मचारी दिल्ली नगर निगम के ही कहलाएंगे। अलबत्ता ये जरूर होगा कि तीनों को एक ही निगम में लाने के बाद उनकी वरिष्ठता फिर से तय होगी। पूरी दिल्ली में ही नगर निगम उन्हें किसी भी एरिया में तैनात कर सकेगा।
लेखक के बारे में
सरोज सिंह
सरोज सिंह नवभारटाइम्स.कॉम में असिस्टेंट एडिटर हैं. 20 साल से पत्रकारिता में हैं और इनकी विशेषज्ञता ऑनलाइन मीडिया में है। लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट जुड़ी खबरों में इनकी रुचि है और ये फ़ीचर टीम को लीड कर चुकी हैं. फिलहाल यह न्यूज टीम का हिस्सा हैं.... और पढ़ें

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