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‘तू-तू, मैं-मैं’ में फंसा दिल्ली मेट्रो फेज-4 का काम

मेट्रो के फेज-4 को दिल्ली सरकार की तरफ से मंजूरी नहीं मिलने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की तरफ से दिल्ली ...

प्रशांत सोनी | नवभारत टाइम्स 18 Oct 2018, 1:42 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम metro-p-4

मेट्रो के फेज-4 को दिल्ली सरकार की तरफ से मंजूरी नहीं मिलने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की तरफ से दिल्ली सरकार पर फेज-4 को जल्द से जल्द मंजूरी देने के लिए लगातार दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ लोकसभा चुनावों के मद्देनजर दिल्ली में बीजेपी के सांसद और अन्य वरिष्ठ नेता भी अब इस मुद्दे को लेकर दिल्ली सरकार की घेराबंदी में जुट गए हैं। ऐसे में अब मेट्रो के फेज-4 का मुद्दा एक राजनीतिक मुद्दे के रूप में तब्दील हो चुका है। इसे देखते हुए अब इस प्रॉजेक्ट से जुड़े डीएमआरसी और दिल्ली सरकार के अधिकारी भी नेताओं के बीच में पिसने से बचना चाहते हैं। इसी वजह से वे अपनी तरफ से भी कोई पहल नहीं कर रहे हैं। नतीजा, फेज-4 अब तक अटका हुआ है।

डीएमआरसी के कुछ अधिकारियों को तो अब यह चिंता भी सता रही है कि दिसंबर तक फेज-3 के पूरी तरह खुल जाने के बाद वे आगे क्या करेंगे। कई अधिकारियों को तो अपने करियर की चिंता तक सताने लगी है। इधर सूत्रों से पता चला है कि फेज-4 की डीपीआर और प्रॉजेक्ट रिपोर्ट की फाइल 5 जुलाई से ही दिल्ली सरकार के ट्रांसपॉर्ट मिनिस्टर कैलाश गहलोत के दफ्तर में अटकी हुई है। दिल्ली सरकार फेज-4 के 6 में से 2 प्रस्तावित रूटों की आर्थिक व्यावहारिकता पर पहले ही सवाल खड़े कर चुकी है। हालांकि बीच में कुछ मौकों पर सीएम अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ऐसे संकेत दिए थे कि बाकी के चार रूटों पर वे चर्चा करके आपसी सहमति से कोई रास्ता निकाल लेंगे, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। ऐसे में लगातार हो रही देरी की वजह से शहरी विकास मंत्रालय भी चिंतित है।


अब मंत्री हरदीप पुरी ने संकेत दिए हैं कि अगर जल्द ही यह मसला नहीं सुलझता है, तो फिर केंद्र सरकार मेट्रो के फेज-4 के लिए दिल्ली सरकार के हिस्से की फंडिंग किसी और एजेंसी के जरिए जुटाकर प्रोजेक्ट शुरू करवा सकती है। इसके लिए उन्होंने दिल्ली के स्काईवॉक प्रोजेक्ट का हवाला भी दिया, जिसके निर्माण में दिल्ली सरकार की तरफ से फंड देने में देरी होने पर केंद्र सरकार ने डीडीए से फंडिंग करवाने की बात पक्की कर ली थी।
लेखक के बारे में
प्रशांत सोनी
प्रशांत सोनी, नवभारत टाइम्स, दिल्ली में वरिष्ठ संवाददाता हैं। वह 2006 से संस्थान से जुड़े हुए हैं। वह दिल्ली के ट्रांसपोर्ट विभाग, ट्रैफिक, मेट्रो, डीटीसी, ऑटो-टैक्सी आद\u200cि से जुड़े मुद्दों को कवर करते हैं। स्पीड न्यूज़ में वह इन विषयों से जुड़ी खबर संक्षेप में आपसे शेयर करेंगे। यदि आपके पास इन विषयों से जुड़ी कोई सूचना हो तो उनसे इस ईमेल अड्रेस पर संपर्क किया जा सकता है - \nprsoni@ gmail.com... और पढ़ें

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