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अपने प्लॉट के लिए भटक रहे लोग, DDA बताने को तैयार नहीं

विशेष संवाददाता, नई दिल्लीडीडीए की नई हाउसिंग स्कीम के बीच अब भी डीडीए प्लॉट स्कीम-1981 के आवेदक जानकारियों के लिए भटक रहे हैं। इस स्कीम में 3000 ...

Navbharat Times 4 Jun 2019, 8:00 am

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली

डीडीए की नई हाउसिंग स्कीम के बीच अब भी डीडीए प्लॉट स्कीम-1981 के आवेदक जानकारियों के लिए भटक रहे हैं। इस स्कीम में 3000 सफल आवेदकों को कोई यह बताने को तैयार नहीं है कि उन्हें क्या डाक्युमेंट जमा करवाने हैं, कैसे उन्हें प्लॉट मिलेंगे और कब तक मिलेंगे।

अब नॉर्थ दिल्ली रेजिडेंट्स वेलफेयर फेडरेशन ने इन आवेदकों की सुविधा के लिए कैंप लगाने की कोशिश की है, लेकिन उन्हें भी सफलता नहीं मिल पा रही है। इसके लिए वह डीडीए के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन तक से मिल चुके हैं। एनडीआरडब्ल्यूएफ के अध्यक्ष अशोक भसीन ने बताया कि इन 3000 लोगों में 20 पर्सेंट के करीब सफल आवेदकों की मौत हो चुकी है। जो बचे हैं वह अब काफी बुजुर्ग हो चुके हैं। अगर डीडीए सभी जानकारियां हमें मुहैया करवा दें, तो हमारा काम आसान हो जाएगा। हम डीडीए के अधिकारियों से कौन से डाक्युमेंट सब्मिट करने हैं, जिनकी मौत हो चुकी है उनके परिवार वालों को कौन से डॉक्युमेंट जमा करवाने हैं, डीडीए को कितनी लेट फीस देनी है, डाक्युमेंट और पेमेंट जमा करवाने की अंतिम तिथि क्या है वगैरह सवाल पूछ रहे हैं। इसके अलावा हमने डीडीए से नॉर्थ जोन ऑफिस में एक स्पेशल डेस्क लगाने की अपील की है। इतना ही नहीं उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि डीडीए को लीज, रजिस्ट्री, इलेक्ट्रिसिटी, स्ट्रीट लाइट, पब्लिक कनवेंस, सिक्युरिटी वगैरह की टाइम लिमिट भी बतानी चाहिए।

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