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अब आ सकेंगी लिफ्ट से लैस 500 स्टैंडर्ड फ्लोर बसें

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली में स्टैंडर्ड फ्लोर बसें आने का रास्ता साफ हो गया है। ट्रांसपॉर्ट मिनिस्टर कैलाश गहलोत ने कहा कि दिल्ली में जल्द से जल्द नई बसों को लाने की कोशिश की जाएगी।

नवभारत टाइम्स 3 Aug 2018, 9:26 am
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम standard-floor-bus

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली में स्टैंडर्ड फ्लोर बसें आने का रास्ता साफ हो गया है। ट्रांसपॉर्ट मिनिस्टर कैलाश गहलोत ने कहा कि दिल्ली में जल्द से जल्द नई बसों को लाने की कोशिश की जाएगी। 500 स्टैंडर्ड फ्लोर नॉन एसी बसों को मंजूरी मिली है। ये बसें क्लस्टर स्कीम में लाई जाएंगी।

सरकार ने एक हजार स्टैंडर्ड फ्लोर बसें लाए जाने के प्रपोजल को मंजूरी दी थी। दिल्ली में 7 साल के बाद नई बसें लाने के लिए टेंडर प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। पिछले महीने दिल्ली कैबिनेट की मीटिंग में एक हजार क्लस्टर बसों को लाने के लिए सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी थी।

क्लस्टर स्कीम के अलावा डीटीसी की 1000 बसें और 1000 इलेक्ट्रिक बसों को लाने के लिए भी सरकार तैयारी कर रही है और इन बसों को लाने का प्रॉसेस अडवांस्ड स्टेज में है। क्लस्टर स्कीम की एक हजार बसों के लिए 8 नए डिपो बनकर तैयार हो गए हैं और बाकी बसों के लिए 6 और डिपो बनाने का काम चल रहा है।

दिल्ली में 11000 बसें चलाने का टारगेट है। इस समय डीटीसी की 3781 और क्लस्टर स्कीम की 1648 बसें चल रही हैं। इस तरह से कुल 5429 बसें हैं। डीटीसी की 5500 और क्लस्टर की भी इतनी ही बसें चलाने का टारगेट है।

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