ऐपशहर

जब 'बाबा का ढाबा' में लगी लंबी लाइन तो बोले बुजुर्ग, बस मेरी नहीं, सबकी मदद करिए

'बाबा का ढाबा' चलाने वाले बुजुर्ग का नाम कांता प्रसाद है और पत्नी का नाम बादामी देवी है। ये दोनों कई सालों से मालवीय नगर में अपनी छोटी सी दुकान लगाते हैं। दोनों की उम्र 80 वर्ष से ज्यादा है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 8 Oct 2020, 2:22 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम download (1) (1)

सोशल मीडिया पर बुधवार को ट्विटर पर एक बुजुर्ग कपल का वीडियो वायरल (Delhi Viral Baba Ka dhaba Video) हुआ, जिसके मुताबिक, वे मालवीय नगर में एक ढाबा चलाते हैं। लेकिन काम इतना मंदा चल रहा है कि बुजुर्ग कैमरे के सामने रोने लगा। उनके आंसू देखकर बहुतों का दिल पसीज गया और अब देशभर से लोग इनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं। इनमें कई बड़े नाम भी शामिल हैं। और हां, सबसे खूबसूरत बात ये कि बहुत से लोग तो ‘बाबा का ढाबा’ पर पहुंच भी चुके हैं, जिसके कारण एक बार फिर इस कपल के चेहरे पर मुस्कान आ गई है। ढाबे में जब भीड़ लग गई तो उन्होंने एक बात कही जोकि लोगों के दिल को छू गई।


लगने लगी लाइन
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक 80 साल के बुजुर्ग की आंखें नम थी। उनको तकलीफ थी कि कोई भी उनके ढाबे में खाना खाने नहीं आता। किसी शख्स ने उनका वीडियो वायरल कर दिया। इस वीडियो को कई बड़ी हस्तियों ने भी ट्वीट किया और बुजुर्ग की मदद करने को कहा। वीडियो वायरल होने के कुछ ही देर बात बाबा का ढाबा में लंबी लाइन लग गई। दूर-दूर से लोग ढाबे की स्पेशल पनीर खाने आ रहे हैं।


बाबा का ढाबा सोशल मीडिया पर वायरल, बुजुर्ग के आंसू देख क्रिकेट से लेकर बॉलीवुड तक लोगों ने की मदद की पेशकश


क्रिकेट जगत और बॉलीवुड आगे आया मदद के लिए
इतना ही भारत के स्टार स्पिनर आर अश्विन और बॉलीवुड अदाकारा सोनम कपूर भी मदद के लिए आगे आईं। इसके साथ ही सोशल मीडिया में #BABAKADHABA टॉप ट्रेंड कर रहा है। सोशल मीडिया में उनका बुजुर्ग का एक और वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कांता प्रसाद (बाबा का ढाबा) ने कहा कि केवल हमारा नहीं सबकी मदद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं अकेला नहीं बहुत लोगों को खाने को रोटी नहीं रहने के लिए घर नहीं है।


कौन हैं कांता प्रसाद'बाबा का ढाबा' चलाने वाले बुजुर्ग का नाम कांता प्रसाद है और पत्नी का नाम बादामी देवी है। ये दोनों कई सालों से मालवीय नगर में अपनी छोटी सी दुकान लगाते हैं। दोनों की उम्र 80 वर्ष से ज्यादा है। कांता प्रसाद बताते हैं कि उनके दो बेटे और एक बेटी है। लेकिन तीनों में से कोई उनकी मदद नहीं करता है। वो सारा काम खुद ही करते हैं और ढाबा भी अकेले ही चलाते हैं। कांता प्रसाद पत्नी की मदद से सारा काम करते हैं। वो सुबह 6 बजे आते हैं और 9 बजे तक पूरा खाना तैयार कर देते हैं। रात तक वो दुकान पर ही रहते हैं। लॉकडाउन के पहले लोग यहां खाना खाने आया करते थे। लेकिन लॉकडाउन के बाद उनकी दुकान पर कोई नहीं आता है। इतना कहकर वो रोने लगते हैं।

अगला लेख

Metroकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर