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कोरोना के यू-टर्न के बीच लापरवाह हुई दिल्ली, डरा रही हैं ये तस्वीरें

एशिया के सबसे बड़े थोक व रिटेल बाजार सदर में खरीदारों की भीड़ उमड़ गई है। त्योहार के उत्साह में लोग कोविड-19 के नियमों का पालन करना भूल गए। इस दौरान न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होते दिखा और न ही विक्रेता और खरीदारों ने मास्क लगाया। बाजार की सभी मार्केट में खरीदारी का दौर चल रहा है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 30 Oct 2020, 10:20 am
देश की राजधानी दिल्ली में एक तरफ कोरोना लगातार दो दिनों नए-नए रेकॉर्ड बना रहा है तो दूसरी तरफ प्रदूषण पर भी रेड अलर्ट जैसी स्थिति पैदा हो गई है। कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या साफ इशारा कर रही है राजधानी की हालत अभी और खस्ता होने वाली है। वहीं त्योहारों का मौसम दिल्ली के लिए इससे भी बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है, क्योंकि काेरोना वायरस संक्रमण के दौर में त्योहारों पर बाजारों और सड़कों पर जमकर भीड़ इकठ्ठा हो रही है जिससे कोरोना मरीजों का बंपर विस्फोट होने के भी आसार लगाए जा सकते हैं।
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कोरोना के यू-टर्न के बीच लापरवाह हुई दिल्ली, डरा रही हैं ये तस्वीरें


सोशल डिस्टेंसिंग का तो नामोनिशान नहीं

सदर बाजार की बदइंतजामी कोरोना संक्रमण को दावत देती नजर आ रही है। भारी भीड़ में शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क लगाने की अनिवार्यता के नियमों का मखौल उड़ रहा है। सड़क व फुटपाथ पर रेहड़ी-पटरी वालों के अतिक्रमण से सोशल डिस्टेंसिंग के साथ चलना तो नामुमकिन है, बल्कि सीधे तरीके से चल पाना भी मुश्किल हो गया है। खरीदारों के साथ ही दुकानदारों, कर्मचारियों और मजदूरों को भी पैदल चलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस तरह के हालात को देखकर लोगों की अपनी सेहत के प्रति लापरवाही के साथ ही जिला प्रशासन व दिल्ली पुलिस की बदइंतजामी की पोल खुलती दिख रही है साथ ही उत्तरी नगर निगम पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

जानलेवा साबित हो सकती नियमों की अनदेखी

त्योहारों के दौरान सदर बाजार में खरीदारी करने वालों की संख्या लाखों में होती है। कई जगह तो इतनी भीड़ जमा हो जाती है कि वहां सड़क और फुटपाथ कहीं नजर नहीं आता है। इसके अलावा दिनभर सामान ढोने वाली गाड़ियां यहां रेंगती रहती हैं और अवैध तरीके से पार्किंग की वजह से जाम भी लगा रहता है जिससे प्रदूषण भी बढ़ता है। मौजूदा हालात को देखते हुए सदर बाजार में भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए जाने की जरूरत थी, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता, लोगों की लापरवाही और स्थानीय कुप्रबंधन के चलते हर रोज लाखों की संख्या में लोग एक-दूसरे की जान को खतरे में डाल रहे हैं।

आखिर क्यों बरती जा रही लापरवाही

इस संबंध में जिला प्रशासन और दिल्ली पुलिस के उच्चाधिकारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि ऐसे में जब लगातार मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है तो आखिरकार ऐसी लापरवाही क्यों बरती जा रही है। इस सबके बीच बहुत ज्यादा भीड़भाड़ के कारण सदर बाजार सुरक्षा की दृष्टि से भी संवेदनशील है। यहां पहले भी आतंकी धमाके हो चुके हैं, जिसमें कई लोगों की मौत हो चुकी है। कई सड़कों को वन-वे करने तथा उस पर लोगों का आवागमन शुरू करने की जरूरत है।

भीड़ के सामने पस्त दिखे सभी दावे

इसस पहले पुलिस की तरफ से दावा किया गया था कि पुलिस स्टाफ निरंतर पब्लिक एनाउंसमेंट (पीए) सिस्टम के माध्यम से लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने से लेकर उन्हें मास्क पहनने की हिदायत देगी। पोस्टर भी बांटे जाएंगे ताकि लोग जागरुक हों। इसके अलावा भीड़ को मैनेज करने के लिए मार्केट वेल्फेयर एसोसिएशन के साथ मीटिंग भी करेगी। लेकिन भीड़ देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सभी दावे फुस्स होते नजर आ रहे हैं।

सदर बाजार में हैं 1500 से ज्यादा दुकानें

दरअसल सदर बाजार में अतिक्रमण होने के कारण दमकल की गाड़ियां भी प्रवेश नहीं कर सकती हैं। इस बाजार में कपड़े व घरेलू सामान की करीब 1500 से ज्यादा दुकानें हैं और आगजनी होने पर जान माल का काफी नुकसान हो सकता है। पहले भी सदर बाजार में आग लगने की घटना हो चुकी है। दुकानें एक दूसरे से सटी होने पर रास्तों में सामान रखे होने के कारण एक दुकान में आग लगने से पूरा बाजार आग की चपेट में आ सकता है।

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