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Corona Vaccine: सरकारी अस्पतालों में LNJP ने लगाई वैक्सीन की पहली सेंचुरी, कोविन ऐप के नियमों में बदलाव का असर

Delhi Corona Vaccine Update: कोविन ऐप में नियमों के बदलाव के बाद से ही संकेत मिल गया था कि गुरुवार को वैक्सीनेशन कराने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

नवभारत टाइम्स 22 Jan 2021, 10:26 am

हाइलाइट्स

  • गुरुवार को कई अस्पतालों ने तय समय से पहले ही 100 का टारगेट पूरा किया
  • बारी से अलग आने वाले वर्करों को भी वैक्सीन देने के नियम का मिला फायदा
  • प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीनेशन की दर सरकारी अस्पतालों से है कहीं बेहतर
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नई दिल्ली
सरकारी अस्पतालों में वैक्सीनेशन की पहली सेंचुरी पूरा करने में एलएनजेपी अस्पताल ने कामयाबी हासिल की है। गुरुवार को एलएनजेपी में 100 हेल्थकेयर वर्करों को वैक्सीन दी गई। अभी दिल्ली में लगभग 35 सरकारी अस्पतालों में कोविड वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाया जा रहा है। लेकिन, जबसे वैक्सीनेशन शुरू हुआ है सरकारी अस्पतालों की परफॉर्मेंस औसत से नीचे रही है। गुरुवार को हालांकि पहली बार इसमें इजाफा देखा गया और सबसे पहले एलएनजेपी ने 100 वैक्सीनेशन का टारगेट पूरा करने में सफलता प्राप्त की है।
दरअसल, कोविन ऐप में नियमों के बदलाव के बाद से ही संकेत मिल गया था कि गुरुवार को वैक्सीनेशन कराने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। उम्मीद के अनुसार गुरुवार को भी एलएनजेपी में वैक्सीनेशन के लिए रजिस्टर्ड किए गए हेल्थकेयर वर्करों में से गिनती के ही लोग सामने आए, लेकिन नियम में बदलाव की वजह से जो भी स्टाफ वैक्सीनेशन के लिए आते गए, सभी का वैक्सीनेशन किया गया। शाम 5 बजे से डेढ़ घंटा पहले ही यहां पर वैक्सीनेशन का टारगेट पूरा कर लिया गया। एलएनजेपी में पहले दिन 32, दूसरे दिन 12, तीसरे दिन 35 और चौथे दिन 100 वैक्सीनेशन हुए। वहीं वैक्सीन के पहले दिन 8 डोज, दूसरे दिन भी 8 डोज और तीसरे दिन 5 डोज बर्बाद हुए थे। लेकिन, जैसे ही लोग सामने आए, गुरुवार को एक भी डोज बर्बाद नहीं हुआ।

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तीन में दिखे साइड इफेक्ट्स
सूत्रों का कहना है कि एलएनजेपी में 100 में से तीन लोगों में एडवर्स इफेक्ट्स फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (AEFI) पाया गया। इनमें से एक को चक्कर, कंपकंपी और सांस में दिक्कत की वजह से एडमिट करना पड़ा। बाकी दो में से एक को बीपी की दिक्कत हुई थी और एक को आंखों में लालीपन आया था। इन दोनों को थोड़ी देर के बाद छुट्टी दे दी गई। दूसरी ओर, लगातार दूसरे दिन कई प्राइवेट अस्पतालों ने सौ के सौ वैक्सीनेशन किए। अपोलो अस्पताल ने मंगलवार के बाद गुरुवार को भी सौ वैक्सीनेशन किए। वहीं, आकाश अस्पताल में भी दोनों दिन सौ वैक्सीनेशन हुए। वहीं, मनीपाल अस्पताल में 106 लोगों को वैक्सीन दी गई। यहां पर वैक्सीनेशन से जुड़े डर को खत्म करने के लिए सीनियर डॉक्टरों ने पहल की थी। उन्होंने गुरुवार को खुद पहले आकर वैक्सीन ली तो उन्हें देख उनके विभाग के अन्य कर्मचारी भी आगे आए।

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बदले नियम से पॉजिटिव असर
कोविन ऐप में आ रही दिक्कत की वजह से वैक्सीनेशन प्रोग्राम पर असर देखा जा रहा है। लगातार दूसरे दिन वैक्सीनेशन कम हुआ तो 19 जनवरी को इसमें बदलाव किया गया और एक नया प्रोसेस जोड़ा गया। जिसके तहत कोई भी हेल्थकेयर वर्कर अपने तय समय से पहले भी वैक्सीन ले सकता है। गुरुवार को इसका व्यापक असर हुआ और सरकारी और प्राइवेट दोनों सेंटरों पर वैक्सीनेशन में इजाफा दर्ज किया गया।

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सरकारी सेंटर वैक्सीनेशन में पीछे
मेडिकल ट्रीटमेंट, रिसर्च, गाइडलाइन में अग्रणी रहने वाला एम्स फिलहाल वैक्सीनेशन में पिछड़ रहा है। गुरुवार को भी यहां पर 59 वैक्सीनेशन ही हो पाए। पहले दिन यहां पर 95 हुए थे, इसकी वजह खुद एम्स डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया द्वारा वैक्सीन लेना था। लेकिन, उसी दिन एक सिक्योरिटी गार्ड को वैक्सीन के एडवर्स इफेक्ट की वजह से एडमिट करने की नौबत आ गई। उसके बाद से यहां पर 95 वैक्सीनेशन से तादाद आगे नहीं बढ़ी है। दूसरे दिन यहां पर सिर्फ 8 वैक्सीनेशन हुए थे। हालांकि तीसरे दिन यह संख्या 49 और चौथे दिन 59 रही। इसी तरह राम मनोहर लोहिया, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, जीटीबी, दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान में वैक्सीनेशन उम्मीद से कम रही। राम मनोहर लोहिया में गुरुवार को सिर्फ 35 लोगों को वैक्सीन लगी, यहां पर 5 डोज बर्बाद हुए। यहां पर पहले दिन 31, दूसरे दिन 69, तीसरे दिन 27 और चौथे दिन गुरुवार को 35 वैक्सीन दिए गए। कुल 4 दिन में 18 डोज बर्बाद हो चुके हैं।

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राजीव गांधी अस्पताल में 20 वैक्सीनेशन
गुरुवार को राजीव गांधी अस्पताल में सिर्फ 20 लोगों को ही वैक्सीन लगाई गई। अस्पताल की प्रवक्ता डॉक्टर छवि गुप्ता ने भी वैक्सीनेशन कराया। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई, और वह वैक्सीनेशन के बाद लगातार अपना काम कर रही हैं और अच्छा फील कर रही हैं। दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान में गुरुवार को 50 वैक्सीनेशन हुआ। वहीं दूसरी तरफ जीटीबी हॉस्पिटल में गुरुवार को 72 लोगों को वैक्सीन लगी। इस तरह से आठ डोज यहां पर भी खराब हो गई। सेंटर की नोडल ऑफिसर डॉक्टर श्वेता के अनुसार, हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर्स और प्रोफेसर ने आगे बढ़कर वैक्सीन लगवाई। उन्होंने यह भी बताया कि रजिस्ट्रेशन कराने के बावजूद कोविड ऐप पर कई लोगों के नाम नहीं दिख रहे है। इस वजह से हर दिन कई लोगों को बगैर वैक्सीन लगाए वापस भेजना पड़ रहा है।

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