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कोरोना का एक असर यह भीः दिल्ली-एनसीआर में अपने पालतू जानवरों को छोड़ रहे लोग

Corona Pandemic Effect: एनिमल अडॉप्शन एजेंसीज के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने बीते 6 महीनों के दौरान अपने पालतू जानवरों को छोड़ दिया है।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 29 Nov 2020, 3:12 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम Pet-Dogs

कोविड-19 के प्रकोप से उपजे हालात का बुरा प्रभाव सिर्फ इंसानों पर ही नहीं पड़ा है, बल्कि जानवर भी इससे अछूते नहीं है। महामारी की वजह से बुरे वक्त का सामना कर रहे लोग अब अपने पालतू जानवरों को छोड़ने लगे हैं। दिल्ली के कालका जी में रहने वाले एक कपल ने अभी बीते सितंबर में एक पपी खरीदा था, लेकिन अभी महज 70 दिन ही हुए थे कि उन्होंने उस पपी को छोड़ दिया। ऐसा करने वाले यह कपल अकेले नहीं हैं। एनिमल अडॉप्शन एजेंसीज के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में कई लोगों ने बीते 6 महीनों के दौरान अपने पालतू जानवरों को छोड़ दिया है।

कोरोना के दौरान जॉब जाने से आई दिक्कत
कोरोना महामारी के दौरान जॉब गंवाने वाले 45 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपने 4 साल के लेब्राडॉर के जोड़े को छोड़ दिया। जब इन जोड़ों को एनिमल सेंटर लाया गया तो मेल लेब्रडॉर की हालत काफी खराब थी क्योंकि बीते कुछ वक्त के दौरान उसकी मेडिकल कंडिशन का ठीक से ख्याल नहीं रखा गया। 2 साल का एक कुत्ता साउथ दिल्ली के एक पार्किंग लॉट में मिला। एक महिला ने एनिमल वेलफेयर एनजीओ पॉश फाउंडेशन को फोन किया था और धमकी दी थी कि अगर वे उसके कुत्ते को नहीं ले जाते हैं तो वह अपने 8 साल के पग को स्ट्रीट पोल से बांध देंगी।

वर्क फ्रॉम होम के बिजी शेड्यूल का भी रहा असर
एनिमल अडॉप्शन एजेंसीज के मुताबिक, कोरोना महामारी की वजह से नौकरी व रिसोर्स गंवाने वाले लोगों के लिए अपने पालतू जानवरों की देखभाल करना काफी कठिन हो गया है। कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनका वर्क शेड्यूल इतना बिजी हो गया है कि वे अपने पालतुओं का ठीक से ध्यान नहीं रख पाते।

कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद भी लोग वापस नहीं आए
फ्रेंडिकोज की वाइस-प्रेजिडेंट गीता सेशामणि के मुताबिक, कई मामले ऐसे भी हैं जिनमें परिवार के किसी व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने के बाद पालतू जानवरों की देखभाल काफी मुश्किल हो गई है। इनके एनजीओ ने महामारी के दौरान करीब 150 पालतू कुत्तों को अडॉप्ट किया है। गीता दुख जताते हुए बताती हैं कि संक्रमण से मुक्त होने के बाद भी कुछ ही लोग अपने जानवरों को लेने वापस आए।

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