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पेट्रोल-डीजल 100 के पार, पूछ रहे लोग- कोरोना से उबर रहे, महंगाई से कब मिलेगी राहत

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ना केवल ट्रांसपोर्टरों पर इसका असर पड़ रहा है, बल्कि ट्रांसपोर्ट का किराया बढ़ने से खाने-पीने के सामानों में बढ़ोतरी हो रही है। इसका असर आम लोगों के जेब पर पड़ रहा है।

Authored byशम्से आलम | नवभारत टाइम्स 8 Jul 2021, 11:26 am
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम petrol

पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों ने आम लोगों और ट्रांसपोर्टरों की परेशानी बढ़ा दी है। ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों का कहना है कि कोरोना की मार से अभी उबरे नहीं थे कि महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। घर का बजट बिगड़ गया है। जल्द पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी नहीं हुई, तो आने वाले समय में घर चलाना मुश्किल हो जाएगा। ट्रांसपोर्ट सेक्टर बर्बाद हो जाएगा।

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दिल्ली में बुधवार को पेट्रोल की कीमत 100.21 और डीजल की कीमत 89.53 रुपये प्रति लीटर पहुंचने के बाद पेट्रोल पंप पर आए लोगों में मायूसी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि जनता पर महंगाई कहर बनकर टूट पड़ी है, वह भी ऐसे समय में, जब कोरोना की वजह से एक साल से नौकरी, कारोबार ठप है। अनलॉक होने के बाद लोग किसी तरह उबरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने कमर तोड़ दी है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ना केवल ट्रांसपोर्टरों पर इसका असर पड़ रहा है, बल्कि ट्रांसपोर्ट का किराया बढ़ने से खाने-पीने के सामानों में बढ़ोतरी हो रही है। इसका असर आम लोगों के जेब पर पड़ रहा है। बेगमपुर पेट्रोल पंप पर आए मनीष ने बताया कि वह एक नोएडा की मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करते हैं। कोरोना की मार ऐसी पड़ी कि उनकी सैलरी में 25 फीसदी की कटौती हो गई। इससे हम संभले नहीं हैं कि अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने और मुसीबत बढ़ा दी है। रोहिणी सेक्टर-24 के पेट्रोल पंप पर आए रोशन कुमार ने बताया कि वह मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया में एक जूता फैक्ट्री में सुपरवाइजर थे। लॉकडाउन में नौकरी छूट गई। अब कॉलोनियों में चादर और लेडीज शूट बेचने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतें जिस तेजी से बढ़ रही हैं, उसमें यह काम भी मुश्किल हो रहा है, क्योंकि रोजाना 50 से 60 किलोमीटर बाइक चलाकर सामान बेचते हैं।

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बढ़ी कीमतों के हिसाब से किराया नहीं देते क्लाइंट: ट्रांसपोर्टर
संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर के ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि आए दिन डीजल की बढ़ रही कीमतों से उनका भारी नुकसान हो रहा है। क्लाइंट से मौजूदा डीजल की कीमतों पर किराया तय हो जाता है। इसके बाद ट्रक से सामान लेकर देश के अन्य राज्यों में ड्राइवर निकल जाते हैं। तब पता चलता है कि फिर से डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। ऐसे में क्लाइंट डीजल की बढ़ी कीमतों के अनुसार किराया नहीं देते हैं। इससे इस सेक्टर को भारी नुकसान हो रहा है।

कोरोना से पहले सैलरी कम हो गई है। अब पेट्रोल की कीमतों ने और परेशान कर दिया है। आगे भी यही हाल रहा, तो घर चलना भी मुश्किल हो जाएगा। - मनोज कुमार

सरकार हमें कोरोना महामारी से मुक्त करने के लिए मुफ्त में टीका लगा रही है, ऐसा लग रहा है इसका दाम पेट्रोल-डीजल की कीमतों को बढ़ाकर निकाल रही है।-एहतेसाम

पेट्रोल-डीजल की बढ़ रही कीमतों ने ट्रांसपोर्टरों की कमर तोड़ दी है। केंद्र और राज्यों की सरकार को तुरंत बढ़ी कीमतों को कम करना चाहिए। - अंबर, ट्रांसपोर्टर
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शम्से आलम

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