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रेकॉर्ड्स का नया अध्याय लिख गए पूर्व कमिश्नर

राजधानी की सेफ्टी का मसला हो या पुलिस महकमे में सुधार के लिए ऐतिहासिक फैसले, दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर और मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर आलोक कुमार वर्मा का कार्यकाल सभी मोर्चों पर रेकॉर्ड बना गया।

नवभारत टाइम्स 15 Feb 2017, 11:01 am
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम delhi police commissioner alok kumar verma made many records during his services as head of delhi police
रेकॉर्ड्स का नया अध्याय लिख गए पूर्व कमिश्नर

राजधानी की सेफ्टी का मसला हो या पुलिस महकमे में सुधार के लिए ऐतिहासिक फैसले, दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर और मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर आलोक कुमार वर्मा का कार्यकाल सभी मोर्चों पर रेकॉर्ड बना गया। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, वुमन सेफ्टी के लिए उन्होंने 3 कदम पहली बार शुरू किए, जिनमें वूमन ऐप लांच, वुमन पीसीआर और दिल्ली में एक साथ 900 स्कूल के एक लाख से अधिक लड़कियों को सेल्फ डिफेंस सिखाने का रेकॉर्ड।

ये हैं तीन मुख्य कदम
आलोक कुमार वर्मा की तरफ से उठाए गए 3 कदम दिल्ली पुलिस के लिए ऐतिहासिक साबित हुए। पहली बार 25,827 रेकॉर्ड प्रमोशन, रेकॉर्ड 15 हजार वैकेंसी का अप्रूवल और पहली बार पुलिस परिवार के होनहारों के लिए वजीफे की शुरुआत।

हटाया प्रमोशन का ग्रहण
दिल्ली पुलिस में सबसे अधिक तादाद सिपाही और हवलदारों की है। राजधानी के लॉ ऐंड ऑर्डर को संभालने में इनकी भूमिका सबसे पहले होती है। इन्हें महकमे की रीढ़ भी कहा जाता है। इनके प्रमोशन के हालात कभी अच्छे नहीं रहे। लगभग 28 साल तक काम करने के बाद भी सिपाही को दूसरा प्रमोशन नहीं मिल पाता था। पुलिस कमिश्नर का पद संभालते ही आलोक कुमार वर्मा ने सिपाही से लेकर स्पेशल कमिश्नर तक के प्रमोशन पीरियड की बारीकी से रिसर्च की। यहीं से लोअर रैंक के लिए ठोस कदम उठाने का विचार आया। वर्मा ऐसी व्यवस्था कराई कि हर उस हवलदार और हेड कॉन्स्टेबल को सब-इंस्पेकटर के तौर पर प्रमोशन ऑटोमेटिकली मिल जाया करेगा, जिसने 15 साल का सर्विस पीरियड कंप्लीट कर लिया है। आलोक कुमार के कार्यकाल में इस प्लान के तहत 9337 सिपाहियों को हवलदार और 9556 हवलदार को सब-इंस्पेक्टर बना दिया गया।


कम हुआ क्राइम
2015 की तुलना में पिछले साल क्राइम ग्राफ काफी नीचे आ गया। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में भी कमी आई है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष रेप की कुल 2155 वारदात हुईं। पिछले साल यह आंकड़ा करीब 2200 था।

बनाया लिम्का वर्ल्ड रेकॉर्ड
कमिश्नर के तौर पर बोल्ड फैसले को लेकर आलोक कुमार वर्मा महकमे में कॉन्स्टेबल से सब-इंस्पेक्टर रैंक वालों के लिए ग्रेट बन गए। यही वजह रही कि इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में पहली बार अलंकरण समारोह के दौरान करीब 20 हजार ‘थैंक्स’ लिखे बोर्ड हाथों में लेकर उन्हें धन्यवाद दिया गया। एक साथ इतने थैंक्स को लिम्का वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

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