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एक्सपर्ट ने कहा- श्रद्धा या अनुपमा वाली नौबत आने से पहले ही निकल जाएं रिलेशनशिप से, लोग क्या कहेंगे के चक्कर में न पड़ें

पार्टनर के बीच झगड़े यूं तो सामान्य माने जाते हैं, लेकिन अगर ये एक हद से ज्यादा बढ़ जाएं तो जान पर भी बन आती है। जैसा कि पिछले दिनों दिल्ली में रहने वाली श्रद्धा और देहरादून में रहने वाली अनुपमा के साथ हुआ। हमने रिलेशनशिप एक्सर्ट से जाना कि कैसे पता लगाएं कि हमारा रिश्ता इतना बिगड़ चुका है और हमें इससे बाहर निकल आना चाहिएः

Authored byप्रशांत जैन | Edited byसरोज सिंह | नवभारत टाइम्स 16 Nov 2022, 3:20 pm
केस एक: महराष्ट्र की रहने वाली श्रद्धा वालकर अपने बॉयफ्रेंड आफताब अमीन पूनावाला के साथ दिल्ली में लिवइन में रह रही थी। 18 मई को दोनों के बीच किसी बात पर झगड़ा हुआ, तो आफताब ने गला घोंटकर श्रद्धा की हत्या कर दी। इसके बाद उसने शरीर के 35 टुकड़े किए और उन्हें रखने के लिए फ्रिज खरीदा। अगले 18 दिनों तक आफताब आधी रात के बाद घर से निकलता और दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर श्रद्धा के शव के टुकड़े फेंकता।
नवभारतटाइम्स.कॉम expert on shraddha murder case and domestic violence in relationship
एक्सपर्ट ने कहा- श्रद्धा या अनुपमा वाली नौबत आने से पहले ही निकल जाएं रिलेशनशिप से, लोग क्या कहेंगे के चक्कर में न पड़ें


केस दो: देहरादून की एक पॉश कॉलोनी में रहने वाले राजेश और अनुपमा की लव मैरिज हुई थी। उनके दो जुड़वा बच्चे थे। 18 अक्टूबर के दिन राजेश और अनुपमा के बीच कहासुनी हुई। फिर राजेश ने अनुपमा का गला दबाकर उसकी जान ले ली। उसके बाद इसने किचन के चाकू से पत्नी के 72 टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग प्लास्टिक की थैलियों में भरकर डीप फ्रीज कर दिया। रात में जब बच्चे सो जाते, तो पत्नी के शव के कुछ टुकड़े मसूरी के जंगलों में फेंक आता।

तब हो जाएं सावधान, जब...

सिर्फ श्रद्धा और अनुपमा ही नहीं बल्कि तमाम महिलाएं या लड़कियां ऐसी रिलेशनशिप में रहती हैं कि उन्हें पता होता है कि हमारे साथ सब कुछ सही नहीं हो रहा, लेकिन फिर भी वे उस पर ध्यान नहीं देकर उसमें बनी रहती हैं। जबकि असल में होना यह चाहिए कि रिलेशनशिप में कुछ चीजों का खास ध्यान रखना चाहिए और अगर कुछ गड़बड़ लगे, तो उस रिलेशनशिप से अलग होना ही बेहतर होता है। वरना आपके साथ भी कल को कुछ गलत हो सकता है। ऐसे कौन से संकेत होते हैं, जिन्हें पहचान कर रिलेशनशिप से किनारा कर लेना बेहतर होता है? इस बारे में रिलेशनशिप एक्सपर्ट गीतांजलि शर्मा बताती हैं, 'अगर आपका पार्टनर आपमें रुचि नहीं ले रहा, वह आपसे मिलना नहीं चाह रहा या आपके फोन कॉल का जवाब नहीं ले रहा, तो मामला गड़बड़ है। वह आपकी किसी भी बात पर बहाने बना रहा है, तो आपको समझ जाना चाहिए कि वह आपसे अलग होना चाहता है या आपके रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहता है। अगर आपका पार्टनर आपके साथ शारीरिक या मानसिक किसी भी रूप से गलत व्यवहार करता है, तो भी आपको सावधान हो जाना चाहिए। आपको यह भी ख्याल रखना चाहिए कि कहीं आपके पार्टनर को किसी तरह का डिस्ऑर्डर तो नहीं है, जिसके चलते वह आपके साथ अजीब व्यवहार करता है या हर वक्त कमी ही निकालता रहता है। इन सब चीजों का असर भी आपकी रिलेशनशिप पर पड़ता है। ख्याल रहे कि अगर आप एक रिश्ते में हैं, तो एक दूसरे पर विश्वास होना बेहद जरूरी है और कोई भी फैसला दोनों की सहमति से होना चाहिए। अगर आपके रिश्ते में ऐसा नहीं है, तो खतरे की घंटी बच चुकी है। ऐसे में, आपको सावधान हो जाना चाहिए और इससे बाहर निकलने पर विचार करना चाहिए।'

​'कंट्रोल तो नहीं कर रहा पार्टनर'

जानकारों की अगर मानें, तो तमाम लड़कियों को कई बार इस बात का अहसास होता है कि मेरा पार्टनर सही नही है या हमारा रिश्ता सही नहीं चल रहा है। बावजूद इसके वे गलत चीजों पर ध्यान देकर उससे निकलने की बजाय उसमें और ज्यादा फंसती चली जाती हैं। रिलेशनशिप को लेकर कब सावधान हो जाना चाहिए? इसके जवाब में जानी-मानी साइकॉलजिस्ट डॉक्टर इशिता मुखर्जी कहती हैं, 'आपको ख्याल रखना चाहिए कि कहीं आपका पार्टनर आपकी लाइफ को कंट्रोल तो नहीं कर रहा। आपको पता भी नहीं चलता कि कब आपका कंट्रोल आपके पार्टनर के पास चला गया। वह किसी भी मामले में आपकी सहमति लेना जरूरी नहीं समझता। वह आपकी इज्जत करना बंद कर देता है, तो समझ जाना चाहिए चीजें बिगड़ चुकी है। इन चीजों के अलावा आपकी फिजिकल रिलेशनशिप भी सही नहीं चल रही और आपस में बातचीत भी कम करते हो, तो आपका रिश्ता सही नहीं चल रहा। अगर आप कुछ परेशानी में हैं और आपका पार्टनर आपको सहारा नहीं दे रहा, उसे बस अपनी मस्ती से मतलब है, तो आपको समझना होगा। ज्यादातर रिलेशनशिप में देखने में आता है कि अगर आपका पार्टनर किसी और के चक्कर में आपको धोखा दे रहा है और आप पता चलने पर भी उसे माफ कर देते हैं, तो आपको समझना चाहिए कि आगे चीजें संभलना आसान नहीं होगा।'

'ये न सोचें कि अलग होने के बाद मेरा क्या होगा'

वहीं गीतांजलि ने बताया, 'यह सच है कि जब हम एक रिलेशनशिप में होते हैं, तो हम मानसिक रूप से अपने पार्टनर पर निर्भर हो जाते हैं। हमने उसके साथ फ्यूचर प्लान किया हुआ होता है। अगर आपके बच्चे हैं, तो अलग होना मुश्किल हो जाता है। हमें लगता है कि अलग होने के बाद मेरा क्या होगा? ऐसे में, हम सारी परेशानियों से मुंह फेरते रहते हैं। लेकिन ऐसे मामले में सबसे पहले तो हमें खुद पर भरोसा करना चाहिए। हमें खुद को यकीन दिलाना चाहिए कि हमें एक अच्छे पार्टनर के हकदार हैं। वरना अगर हम कमजोर महसूस करते हैं, तो हम चुपचाप अन्याय को सहते रहते हैं, जो कल को बड़े हादसे में तब्दील हो सकता है। हमें समझना होगा कि इस रिलेशनशिप में रहकर इतनी परेशानी उठाने से अच्छा हम अकेले भी जिंदगी में बेहतर कर सकते हैं।'

​'क्या दूसरा इससे बेहतर मिलेगा'

आखिर क्या वजह है कि तमाम लड़कियां खराब रिश्तों को भी अंत तक निभाती रहती हैं? इस जवाब में इशिता कहती हैं, 'रिलेशनशिप में अलग होने में हमें सबसे ज्यादा डर अपने भविष्य का होता है कि फिर हमारा क्या होगा। हम लोगों के बारे में सोचते हैं कि लोग हमें किस नजर से देखेंगे। कई बार हम यही सोचते रह जाते हैं कि पता नहीं कि दूसरा पार्टनर इससे बेहतर मिलेगा या इससे खराब। लेकिन हमें असल में यह देखना चाहिए कि कहीं हम अपने भविष्य की सेाचकर अपना आज तो बर्बाद नहीं कर रहे। आपको समझना होगा कि रिलेशनशिप से बाहर आकर भी चीजें अच्छी हो सकती हैं। तमाम लोगों के उदाहरण हमारे सामने हैं। इस मामले में आपको अपने आसपास के लोगों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और उनके साथ अपनी परेशानियां शेयर करनी चाहिए। इसके अलावा आप किसी काउंसिलर की भी मदद ले सकते हैं।'

लेखक के बारे में
प्रशांत जैन
प्रशांत जैन नवभारत टाइम्स में सहायक संपादक और फिल्म क्रिटिक हैं। वह पत्रकारिता के क्षेत्र में दो दशकों से कार्यरत है। सिनेमा की दुनिया और बॉक्स ऑफिस पर पैनी नजर रखने के अलावा वह ट्रैवल, फूड, बुक्स, महिला व सामाजिक मामलों पर लिखते हैं। वह इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) के छात्र रहे हैं। उन्हें घूमना, सिनेमा देखना, पढ़ना व लिखना पसंद है।... और पढ़ें

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