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Sukesh Chandrashekhar Case: रोहिणी जेल के 80 कर्मचारियों पर होगी FIR, सस्पेंड होने की आशंका से घबराकर धरने पर बैठे

Sukesh Chandrashekhar case: कुख्‍यात ठग सुकेश चंद्रशेखर की मदद करने के आरोप में 80 पुलिस अफसरों और कर्मचारियों पर सस्‍पेंशन की तलवार लटक रही है। इनके खिलाफ दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर ने एफआईआर दर्ज करने की मंजूरी दी है।

Authored byशंकर सिंह | Edited byएनबीटी डेस्क | नवभारत टाइम्स 21 Jan 2022, 10:00 pm
नई दिल्लीः रोहिणी जेल के भीतर से 200 करोड़ रुपये ऐंठने समेत कई सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले कुख्यात 'महाठग' सुकेश चंद्रशेखर के मददगार रहे 80 अफसरों और कर्मचारियों पर दिल्ली पुलिस मुकदमा करने जा रही है। पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने इस कुख्यात आरोपी से सुविधा शुल्क और इनाम वसूलने वाले जेल स्टाफ पर भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत एफआईआर दर्ज करने की मंजूरी दे दी है। इन सभी 80 आरोपी कर्मचारियों को तत्काल सस्पेंड करने के लिए दिल्ली सरकार को लिखा जा रहा है। यह खबर आने के बाद इस कदम के खिलाफ तिहाड़ मुख्यालय के बाहर कर्मचारियों ने धरना दिया।
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पुलिस का प्रदर्शन


दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) इस साजिश में शामिल रोहिणी जेल के पांच कर्मचारियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जेल से वसूली के मामले में सुकेश समेत 14 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। सुकेश पर मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड एक्ट 1999) लगाया गया है। पुलिस हेडक्वॉर्टर के सूत्रों ने बताया कि ईओडब्ल्यू ने सुकेश जब से रोहिणी जेल में बंद रहा था, तब से वहां तैनात कर्मचारियों की जांच की तो पता लगा कि सफाई कर्मचारियों से लेकर अफसरों तक को सुकेश ने पैसा बांटा था। निचले स्तर पर 5-10 हजार तो ऊपर के अफसरों को लाखों रुपये दिए गए।

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पुलिस का दावा है कि सुकेश को अलग से एक बैरक दिया गया था। फोन समेत ऐशो-आराम की सभी चीजें मुहैया कराई गईं। वह जेल कर्मचारियों पर हर महीने एक करोड़ से ज्यादा खर्च करता था। जेल के कुछ स्टाफ सुकेश के लिए बाहर से पैसा लाने का काम भी कर रहा था। ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद ऐसे 80 जेल कर्मचारियों की लिस्ट तैयार की है। इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए कमिश्नर राकेश अस्थाना ने हरी झंडी दे दी है। ईओडब्ल्यू जल्द ही एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगी। दिल्ली पुलिस की तरफ से दिल्ली सरकार को इन 80 जेल कर्मचारियों को सस्पेंड करने के लिए लिखा जा रहा है।

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रैनबक्सी के पूर्व प्रमोटर्स हुए शिकार
रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह 2397 करोड़ के गबन के आरोप में 2019 से जेल में हैं। शिविंदर की पत्नी अदिति सिंह ने पति को जमानत दिलाने के नाम पर 200 करोड़ और मालविंदर की पत्नी जापना सिंह 3.5 करोड़ रुपये ऐंठने का केस दर्ज कराया। आरोप था कि सुकेश गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय का अधिकारी बताकर जून 2020 से रकम ऐंठ रहा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 8 अगस्त 2021 को रोहिणी जेल से सुकेश को गिरफ्तार कर लिया था। मोबाइल भी बरामद किए थे।

चंद्रा बंधुओं के मामले में नपे थे 32अपराधियों की ऐशगाह बन चुकी तिहाड़, रोहिणी और मंडोली की जेलों के अफसरों और कर्मचारियों पर दिल्ली पुलिस ने निगाहें अब टेढ़ी हो चुकी हैं। जेल के अफसरों और कर्मचारियों की मदद से ही अपराधियों के भीतर से ही क्राइम का सिंडिकेट चलाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक के प्रमोटर्स चंद्रा बंधुओं को जेल में सुविधाएं देने के मामले में तिहाड़ जेल के 30 कर्मचारी सस्पेंड हुए थे और कॉन्ट्रैक्ट के 2 कर्मचारी टर्मिनेट हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना की देखरेख में यह जांच हुई थी।
लेखक के बारे में
शंकर सिंह
बीते 22 साल से पत्रकारिता में। पंजाब केसरी, दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता के बाद अब एनबीटी में सहायक संपादक। लोकल रिपोर्टिंग से शुरू हुआ सफर, जो एक दशक से ज्यादा वक्त खेल पत्रकारिता में बीता। राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी खूब लिखा। अब कर रहे हैं क्राइम से दो-दो हाथ।... और पढ़ें

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