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आईआईटी दिल्ली का इंजिनियर बना रहा अमेरिका के लिए हाइब्रिड प्लेन, भारत को बेचने की तैयारी

IIT दिल्ली से मकैनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई कर चुके आशीष कुमार अमेरिका में एक ऐसा हाइब्रिड प्लेन बना रहे हैं जो क्षेत्रीय उड़ान आवश्यकताओं को पूरी कर सके। इन विमानों का व्यवसायिक उत्पादन 2020 में शुरू होने की उम्मीद है। ये विमान 1,100 किलोमीटर तक की क्षेत्रीय उड़ान भर पाएंगे। आशीष को उम्मीद है कि वह इन विमानों को भारत को भी बेच पाएंगे।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 6 Apr 2017, 12:25 pm
सौरभ सिन्हा, नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम iit delhi engineer developing hybrid regional plane in us
आईआईटी दिल्ली का इंजिनियर बना रहा अमेरिका के लिए हाइब्रिड प्लेन, भारत को बेचने की तैयारी

IIT दिल्ली से मकैनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई कर चुके आशीष कुमार अमेरिका में एक ऐसा हाइब्रिड प्लेन बना रहे हैं जो क्षेत्रीय उड़ान आवश्यकताओं को पूरी कर सके। इन विमानों का व्यवसायिक उत्पादन 2020 में शुरू होने की उम्मीद है। ये विमान 1,100 किलोमीटर तक की क्षेत्रीय उड़ान भर पाएंगे। आशीष को उम्मीद है कि वह इन विमानों को भारत को भी बेच पाएंगे।

किर्कलैंड (वॉशिंगटन) स्थित जूनम एयरो के सीईओ और संस्थापक आशीष ने बताया कि कंपनी हाइब्रिड इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट बनाने पर काम कर रही है। बाद में 2030 तक इसकी रेंज 1,600 किलोमीटर तक बढ़ाई जा सकती है। कॉरनेल यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे आशीष ने कहा, 'बोइंग और जेट ब्लू हमारी मदद कर रहे हैं। शुरू में हम 20 सीटों वाली हाइब्रिड एयरक्राफ्ट के साथ बाजार में उतरेंगे। हमें उम्मीद है कि पहली परीक्षण उड़ान हम अगले दो वर्ष में करेंगे। 2020 के शुरू में इसके व्यवसायिक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।'

आशीष ने कहा, 'हमारे प्लेन को ऑपरेट करना एयरलाइंस के लिए काफी सस्ता होगा। हालांकि यह हाइब्रिड प्लेन अपनी दूरी तय करने के कारण व्यवसायिक एयरक्राफ्ट की तरह ज्यादा ऊंचाई पर उड़ान नहीं भरेगा। इसके अलावा इसकी गति अन्य प्लेन की तुलना में कम होगी।'

2013 में जूनम एयरो की स्थापना की गई थी। कंपनी ऐसे हाइब्रिड टू इलेक्ट्रिक प्लेन बना रही है जो क्षेत्रीय यात्राओं के अनुकूल हो। कंपनी का लक्ष्य 1,000 मील का इलेक्ट्रिक एयर नेटवर्क बनाना है ताकि हर यात्री को सस्ती यात्रा उपलब्ध हो सके। आशीष ने कहा, 'क्षेत्रीय इलाकों में बड़े प्लेन उड़ान नहीं भरते हैं ऐसे में इन इलाकों के गैप को भरने के लिए हम इस योजना पर काम कर रहे हैं। हाइब्रिड प्रपल्शन से काफी बदलाव आ रहा है। इससे क्षेत्रीय रूटों पर मध्य आकार वाले एयरक्राफ्ट दूसरे एयरलाइंस की तुलना में ज्यादा सस्ते होंगे।' जूनम एयरो ने दावा किया कि हाइब्रिड प्लेन 80% कम कार्बन उत्सर्जन करेगा। आशीष ने बताया कि कम ऑपरेटिंग लागत के कारण एयरलाइंस सस्ते किराए ऑफर कर सकती हैं। उन्होंने कहा, 'मैं भारत की तरफ भी बड़ी निगाह से देख रहा हूं।'

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