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दिल्ली में रीयल एस्टेट नियम लागू करने में देरी

रीयल एस्टेट कानून को संसद से मंजूरी मिलने के छह महीने बाद भी अब तक दिल्ली में इस कानून को लागू...

गुलशन राय खत्री | नवभारत टाइम्स 26 Oct 2016, 12:44 am

नई दिल्ली

नवभारतटाइम्स.कॉम implementation of real estate act in delhi is delayed
दिल्ली में रीयल एस्टेट नियम लागू करने में देरी

रीयल एस्टेट कानून को संसद से मंजूरी मिलने के छह महीने बाद भी अब तक दिल्ली में इस कानून को लागू करने के लिए शहरी विकास मंत्रालय अपनी कवायद पूरी नहीं कर सका है। डेडलाइन 31 अक्टूबर को समाप्त होने जा रही है। मंत्रालय को लग रहा है कि डेडलाइन से पहले वह इस कानून से जुड़े नियम तैयार नहीं कर पाएगा। इसलिए अब मंत्रालय ने तय किया है कि वह संसद की विधायी मामलों से जुड़ी उपसमिति से अनुरोध करेगा कि उसे नियम बनाने के लिए कुछ और वक्त दिया जाए।

लंबे अरसे से लटके रीयल एस्टेट बिल को इसी साल संसद ने अपनी मंजूरी दी थी। उसके बाद 1 मई को कानून के कुछ हिस्सों को नोटिफाई किया गया। नोटिफिकेशन के मुताबिक अगले छह महीनों में राज्यों को इस कानून से जुड़े नियम बनाने होंगे। छह महीने की यह डेडलाइन 31 अक्टूबर को समाप्त होने जा रही है। चूंकि दिल्ली में जमीन का विषय केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के पास है इसलिए इस कानून से जुड़े नियम बनाने का काम भी इसी मंत्रालय को ही करना है।

शहरी विकास मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि अब इस मामले में मंत्रालय को संसदीय कमिटी से इजाजत लेनी होगी। मंत्रालय ने कमिटी ऑन सबऑर्डिनेट लेजिस्लेशन (संसद की विधायी मामलों की उपसमिति) के समक्ष अतिरिक्त वक्त मांगने के लिए आवेदन करने का फैसला किया है। अगर मंत्रालय ऐसा नहीं करता तो यह संसदीय प्रक्रिया का उल्लंघन होगा।

मंत्रालय के एक सीनियर अफसर के मुताबिक, संसद की उपसमिति को जल्द ही आवेदन किया जाएगा और डेडलाइन से पहले ही इसकी अनुमति ली जाएगी। इस अफसर का कहना है कि दरअसल, हाउसिंग मिनिस्ट्री ने मॉडल रूल तैयार किए हैं। शहरी विकास मंत्रालय चाहता है कि उन्हीं रूल को दिल्ली के लिए स्वीकार कर लिया जाए। लेकिन अभी हाउसिंग मिनिस्ट्री के ये मॉडल रूल अब तक नोटिफाई नहीं हुए हैं। नोटिफाई करने का काम लॉ मिनिस्ट्री को करना है।

उम्मीद है कि अगले एक सप्ताह में ये रूल्स नोटिफाई होंगे, उसके बाद शहरी विकास मंत्रालय उनकी स्टडी करके दिल्ली के लिए जरूरत के मुताबिक फेरबदल करके लागू करेगा। मंत्रालय के अफसरों का कहना है कि दिल्ली के मामले में हाउसिंग मिनिस्ट्री के रूल्स को लेकर दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम और डीडीए से भी विचार विमर्श पूरा हो चुका है। लेकिन इसके बावजूद यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इसलिए दिल्ली में रियल एस्टेट बिल कानून लागू करके लोगों को बिल्डरों की मनमानी से बचाने के काम में अभी देरी होगी।

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