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10 घंटे तक दिल्ली पुलिस के पहरे में रही ‘चूहे की डेड बॉडी’

पुलिस को फोन गया कि नीचे वाले कमरे में से बहुत बदबू आ रही है। पुलिस ने वहां पहुंची। 10 घंटे तक वहां पूरी पहरेदारी रही। आखिरकार जब मामला खुला तो सब हंस-हंस कर लोटपोट हो गए। कमरे से एक मोटे चूहे की सड़ी-गली डेड बॉडी मिली।

विशाल शर्मा | नवभारत टाइम्स 27 May 2019, 11:19 am

हाइलाइट्स

  • गोविंदपुरी में कई दिन से ग्राउंड फ्लोर के एक बंद कमरे से बहुत तेज बदबू आ रही
  • पुलिस ने मकान मालिक को कॉल किया तो फोन स्विच ऑफ, किराएदार भी गायब
  • रात भर के लिए चार पुलिस वाले उस मकान के बाहर पहरेदारी पर बिठा दिए गए
  • सुबह मकान मालिक का पता लगा तो बुलाया, जब दरवाजा खोला तो सब हैरान

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नई दिल्ली
आपने एक प्रचलित मुहावरा जरूर सुना होगा, ‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया’। कुछ ऐसा ही दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में शनिवार और रविवार की आधी रात को दिल्ली पुलिस के साथ हुआ। रात को साढ़े बारह बजे पीसीआर को कॉल मिली और कहा गया, 'कई दिन से ग्राउंड फ्लोर के एक बंद कमरे से बहुत तेज बदबू आ रही है। किराएदार भी गायब है। बाहर से ताला लगा हुआ है।' कॉल मिलने के महज 10 मिनट में सायरन बजाती पीसीआर और लोकल पुलिस पहुंच गई।
पड़ोसियों से नंबर का पता लगाकर पुलिस ने मकान मालिक को कॉल किया, वह भी स्विच ऑफ। अब तो पुलिस को किसी संगीन वारदात की आशंका होने लगी। मकान मालिक और लापता किराएदार की खोजबीन शुरू की गई। रातभर के लिए चार पुलिसवाले उस मकान के बाहर पहरेदारी पर बिठा दिए गए ताकि संदिग्धों पर नजर रखी जा सके और अंदर से डेड बॉडी को निकालकर कोई ठिकाने न लगा आए। सुबह होने तक मकान मालिक का इंतजार, वरना कमरे का ताला सबके सामने तोड़े जाने की तैयारी। 10 घंटे तक कमरे की घेराबंदी और पहरेदारी ने पूरे इलाके में खलबली पैदा कर दी।

उसके बाद तो जो हुआ, हर कोई लोटपोट हो गया। पुलिस अफसरों के मुताबिक, यह दिलचस्प वाकया गोविंदपुरी की गली नंबर 9 में एक दो मंजिला मकान का है। कुसुम परिवार समेत फर्स्ट फ्लोर पर रहती हैं जो मूलरूप से बरेली की हैं और जॉब करती हैं। ग्राउंड फ्लोर जिस शख्स का है, उसने किराए पर दिया हुआ है। किराएदार कभी दिखाई देता है, कभी कई-कई दिन उसका अता-पता नहीं रहता। ना ही उसका आस-पड़ोस में किसी से ज्यादा मेल-जोल रहता है। कई दिनों से ग्राउंड फ्लोर में बंद कमरे से बदबू महसूस हो रही थी। आसपास के लोग भी त्रस्त थे मगर शनिवार को यह बदबू फैलने लगी। बदबू किसी को भी बर्दाश्त नहीं हो रही थी।

आधी रात को करीब 12:30 बजे 100 नंबर पर पीसीआर कॉल कर दी गई। कुछ ही मिनटों में पीसीआर पहुंची। कॉलर से पता किया गया कि माजरा क्या है। लोकल पुलिस की टीम भी पहुंच गई। रुमाल से मुंह ढककर आधा दर्जन पुलिसवालों ने बाहर से कमरे की तहकीकात की। पड़ोसियों ने मकान मालिक व किराएदार की जानकारी ली। सबको वहां से हटाया गया और कमरे को एक उचित दूरी पर बाहर से दिल्ली पुलिस की टेप से कवर दिया गया। पैनी निगरानी के लिए रातभर चार पुलिसवाले बिठा दिए। इस बीच पुलिस किराएदार व मकान मालिक से संपर्क साधने की भरसक कोशिश करती रही।

लोकल पुलिस ने फरेंसिक टीम को बुलाने की तैयारी कर ली। सुबह 8 बजे जैसे-तैसे मकान मालिक संपर्क में आया। उसने बताया कि जो किराएदार था, वह खाली करके चला गया। पुलिस ने मकान मालिक को चाबी लेकर बुलाया। ताला खुला। पुलिस टीम अंदर घुसी। कुछ पुराना सामान व कूड़ा दिखाई दिया। चारों तरफ से छानबीन के बाद अंत में एक मोटा मरा और सड़ा हुआ चूहा पड़ा मिला। चूहे की डेड बॉडी को देख पुलिस ने राहत की सांस ली, वहीं लोग ठहाके लगाने लगे। 10 घंटे की एक्सरसाइज के बाद पुलिस ने मालिक को साफ-सफाई कराने की हिदायत दी और वहां से रवाना हुई।
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विशाल शर्मा

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