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हेरिटेज लाइन की सेफ्टी जांच शुरू

आईटीओ से कश्मीरी गेट (हेरिटेज लाइन) रूट पर मेट्रो शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। 22 मई को कमिश्नर फॉर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम ने हेरिटेज लाइन की सेफ्टी जांच शुरू कर दी है। सीएमआरएस की तरफ से एनओसी मिलने के बाद डीएमआरसी इस रूट पर मेट्रो परिचालन शुरू करने के लिए डेट फिक्स करेगी।

नवभारत टाइम्स 23 May 2017, 3:11 am
नई दिल्ली
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आईटीओ से कश्मीरी गेट (हेरिटेज लाइन) रूट पर मेट्रो शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। 22 मई को कमिश्नर फॉर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम ने हेरिटेज लाइन की सेफ्टी जांच शुरू कर दी है। सीएमआरएस की तरफ से एनओसी मिलने के बाद डीएमआरसी इस रूट पर मेट्रो परिचालन शुरू करने के लिए डेट फिक्स करेगी। इस रूट पर डीएमआरसी अब तक कई बार डेड लाइन मिस कर चुकी है।

डीएमआरसी के अधिकारी के अनुसार सोमवार की सुबह लगभग 10 बजे से सीएमआरएस की टीम जांच के लिए पहुंची। डीएमआरसी के अलग-अलग विभाग के स्पेशलिस्ट भी मौके पर मौजूद रहे। आईटीओ से सीएमआरएस ने अपनी जांच शुरू की और शाम को कश्मीरी गेट पर पहले दिन की जांच पूरी की। अब दूसरे दिन की जांच 23 मई को होगी, जिसमें कश्मीरी गेट से यह टीम आईटीओ की तरफ जांच करेगी। इसके बाद सीएमआरएस अपनी रिपोर्ट देगी। उसी रिपोर्ट पर इस रूट पर मेट्रो परिचालन का भविष्य टिका हुआ है। अगर एनओसी जल्दी दे दी जाती है तो इसी महीने तक मेट्रो चलाई जा सकती है, वरना मामला जून तक खिंच सकता है।

आईटीओ से कश्मीरी गेट के बीच 5.17 किलोमीटर के इस ट्रैक पर सीएमआरएस की टीम का पहला मकसद पैसेंजर सेफ्टी है, अगर पैसेंजर की सेफ्टी में कोई कमी होगी तो यह टीम एनओसी नहीं देगी। बाकी कई ऐसी कमियां है जिसे बाद में दूर किया जा सकता है, लेकिन पैसेंजर सेफ्टी में खामियां पाए जाने पर एनओसी नहीं मिलेगी। इस जांच में लगभग 50 से 60 एक्सपर्ट्स की टीम होती है। ट्रैक पर ट्रॉली में सवार होकर यह टीम आगे बढ़ती है और ट्रैक से लेकर मेट्रो स्टेशन के स्ट्रक्चर, सिग्नलिंग सिस्टम, सॉफ्टवेयर, ट्रेन स्टॉपिंग पॉइंट जैसी जांच की जाती है।

वॉयलेट लाइन पर अभी एस्कॉर्ट्स मुजेसर (फरीदाबाद) से आईटीओ तक मेट्रो चलती है। 5.17 किलोमीटर लंबी यह लाइन आईटीओ से कश्मीरी गेट तक बन रही है। इससे ऐतिहासिक इमारतों वाली पुरानी दिल्ली के सभी इलाके मेट्रो से जुड़ जाएंगे। इस रूट पर 4 स्टेशन दिल्ली गेट, जामा मस्जिद, लाल किला और कश्मीरी गेट हैं। इस लाइन के चालू होने से कश्मीरी गेट पहला ऐसा इंटरचेंज स्टेशन होगा जो तीन लाइनों रेड, येलो और वॉयलेट लाइन को आपस में जोड़ेगा। अभी वॉयलेट लाइन के लोगों को अगर कश्मीरी गेट जाना होता है तो उन्हें केंद्रीय सचिवालय या मंडी हाउस से ट्रेन बदलकर पहले राजीव चौक, फिर कश्मीरी गेट जाना पड़ता है। हेरिटेज लाइन चालू होने से फरीदाबाद से आने वाले लोग सीधे कश्मीरी गेट जा सकेंगे। इसी तरह वैशाली या नोएडा से आने वाले यात्री को कश्मीरी गेट जाने के लिए राजीव चौक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे मंडी हाउस से कश्मीरी गेट जा पाएंगे। इस लाइन के चालू होने से राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर भीड़ कम होगी।

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