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11 पर्सेंट ही हैं कामकाजी महिलाएं दिल्ली में, उनको मिलेगा बढ़ावा : केजरीवाल

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली मेट्रो में महिलाओं के मुफ्त सफर की योजना को लेकर डीएमआरसी ने दिल्ली सरकार को कंक्रीट प्रपोजल भेज दिया है। मुख्यमंत्री ...

Navbharat Times 13 Jun 2019, 8:00 am

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली

मेट्रो में महिलाओं के मुफ्त सफर की योजना को लेकर डीएमआरसी ने दिल्ली सरकार को कंक्रीट प्रपोजल भेज दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेट्रो व बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त सफर की योजना को लागू करने की दिशा में बड़ी प्रोग्रेस हुई है और मेट्रो ने अपने प्रपोजल में बजट को लेकर जो प्रपोजल दिया है, उसके लिए सरकार तैयार है। दिल्ली सरकार ने बजट में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पैसे का इंतजाम किया है। केजरीवाल ने कहा कि मेट्रो ने प्रपोजल में कहा है कि मुफ्त सफर की योजना लागू होने से मेट्रो में महिलाओं की राइडरशिप में 50 पर्सेंट से ज्यादा तक का इजाफा होगा। अभी 30 पर्सेंट महिलाएं मेट्रो में सफर करती है और यह संख्या बढ़कर 45 से 50 पर्सेंट तक हो जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि एनसीआर की महिलाओं को भी इस योजना का फायदा मिलेगा। केजरीवाल ने कहा कि डीटीसी ने भी प्रपोजल भेज दिया है और बसों के लिए भी यह योजना जल्द लागू करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है।

मेट्रो ने सरकार को क्या भेजा है प्रपोजल

केजरीवाल ने बताया कि मेट्रो ने कंक्रीट प्रपोजल में बताया है कि इस योजना को कैसे लागू किया जा सकता है और इसके लिए किन-किन चीजों की जरूरत होगी। मेट्रो ने दो स्कीम का जिक्र किया है। पहली स्कीम में मेट्रो को अपने सॉफ्टवेयर में बदलाव करना होगा और कुछ दूसरे बदलाव करने होंगे, जिसमें एक साल से ज्यादा तक का समय लग सकता है। सॉफ्टवेयर में बदलाव के बाद महिलाएं मेट्रो कार्ड व टोकन का प्रयोग कर सफर कर सकेंगी। केजरीवाल ने कहा कि सॉफ्टवेयर में बदलाव में समय लगेगा। वहीं मेट्रो की दूसरी स्कीम में टोकन के प्रयोग की बात कही गई है और अभी शॉर्ट टर्म उपायों के तहत मेट्रो कार्ड यूज नहीं होगा। दूसरी स्कीम जल्द से जल्द लागू हो सकती है, जिसमें बिना तकनीकी बदलावों के केवल दो चीजें करनी होंगी। अलग से ऑटोमेटेड वेंडिंग मशीन होंगी, जहां से बिना पैसे दिए टोकन मिल जाएंगे। महिलाओं के लिए अलग से एंट्री गेट होगा और एग्जिट किसी भी गेट से की जा सकती है। अलग से पिंक टोकन छपवाने होंगे। मेट्रो का कहना है कि 170 स्टेशनों पर टिकट काउंटर बंद कर दिए गए हैं और इन काउंटर को फिर से शुरू करना होगा और पिंक टोकन छपवाकर यह योजना जल्द लागू की जा सकती है। हालांकि मेट्रो का कहना है कि इसमें 8 महीने का समय लगेगा। लेकिन हमारा मानना है कि यह काम 2 से 3 महीने में हो जाना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि सरकार के अधिकारी मेट्रो के अधिकारियों के साथ बात करेंगे और उनसे 8 महीने का ब्रेकअप हासिल करेंगे कि 8 महीने का समय क्यों चाहिए? सीएम ने उम्मीद जताई कि यह योजना अगले दो से तीन महीने में लागू हो जाएगी।

मेट्रो ने 1566.64 करोड़ का एस्टीमेट दिया

मुख्यमंत्री ने बताया कि डीएमआरसी ने सालाना 1566.64 करोड़ रुपये का एस्टीमेट दिया है और सरकार को इसपर कोई ऐतराज नहीं है। उन्होंने कहा कि जितनी भी महिलाएं मेट्रो में सफर करेंगी, उनके बिलों का भुगतान सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार ने एक भी पैसा टैक्स बढ़ाए बिना ईमानदारी से काम किया है और सरकार फायदे में चल रही है। जिस तरह से पांच सालों से बिजली के रेट नहीं बढ़े हैं और लोगों को सस्ती बिजली मिल रही है, उसी तरह से महिलाओं को भी मेट्रो व बसों में मुफ्त सफर की योजना लागू की जाएगी।

मेट्रो ने मांगा कमिटमेंट

सीएम ने कहा कि मेट्रो ने कमिटमेंट मांगा है कि कहीं एक साल के बाद दिल्ली सरकार सब्सिडी देने से मना तो नहीं कर देगी। केजरीवाल ने कहा कि सरकार मेट्रो को हर कमिटमेंट देने को तैयार है। यह महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा मामला है और सरकार मेट्रो को कमिटमेंट देगी कि सरकार इस योजना को जारी रखेगी।

फेयर फिक्सेशन कमिटी

केजरीवाल ने बताया कि मेट्रो ने कहा है कि इस योजना को फेयर फिक्सेशन कमिटी से अप्रूवल लेनी होगी। उन्होंने कहा कि वैसे तो कमिटी के पास भेजे जाने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर डीएमआरसी चाहती है तो सरकार यह औपचारिकता पूरी करने के लिए भी तैयार है। जब केजरीवाल से पूछा गया कि कमिटी का गठन केंद्र सरकार को करना है और इसमें कोई अड़चन तो नहीं आएगी तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि केंद्र कमिटी बनाने से क्यों मना करेगा? कमिटी तो समय- समय पर बनती है और यह तो केंद्र सरकार, राज्य सरकार, मेट्रो और दिल्ली की महिलाएं सभी के हितों से जुड़ी योजना है। जब मेट्रो की राइडरशिप बढ़ रही है और भुगतान सरकार कर रही है तो केंद्र को इसमें क्या आपत्ति हो सकती है। उन्होंने कहा कि कमिटी से अप्रूवल एक औपचारिकता है, जो पूरी कर ली जाएगी।

हर घर की ट्रेवल कॉस्ट में 50 पर्सेंट तक की कमी होगी

केजरीवाल से जब पूछा गया कि इस योजना को लेकर भेदभाव की बात भी कुछ लोग कर रहे हैं तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि इस योजना से हर घर की ट्रेवल कॉस्ट में 50 पर्सेंट तक की कमी होगी। पूरे देश में फीमेल वर्कफोर्स की हिस्सेदारी 24 पर्सेंट है, जबकि दिल्ली में यह केवल 11 पर्सेंट ही है। साफ है कि दिल्ली में काम करने वाली महिलाओं की संख्या काफी कम है। उम्मीद है कि महिलाओं के लिए फ्री सफर की स्कीम लागू हो जाने के बाद ज्‍यादा से ज्‍यादा महिलाएं काम पर निकलने के लिए प्रोत्‍साहित होंगी।

कहा, आपकी बहन, बीवी, बेटी और मां करेंगी मुफ्त सफर

पॉलिसी का विरोध करने वालों की तरफ इशारा करते हुए सीएम केजरीवाल ने कहा, जो इसका विरोध करते हुए कह रहे हैं कि पुरुषों के लिए क्यों नहीं, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि जो भी महिलाएं हैं, वो या तो आपकी बेटी हैं, या आपकी मां हैं, आपकी बहन हैं या आपकी बीवी हैं, आप उन्हें अपने से अलग क्यों देख रहे हैं? हर घर की कोई न कोई महिला मेट्रो से सफर करती है, तो इससे हर घर का मेट्रो का किराया आधा हो जाएगा| कोई आदमी अगर अपनी बेटी को रोज मेट्रो से कॉलेज भेजता है, तो ये बचत उसी आदमी की तो होगी|

जो लोग कह रहे हैं कि ये जेंडर इक्वलिटी के खिलाफ है, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि हमारे देश में जेंडर इक्वलिटी है क्या? आज देश की स्थिति है कि पैदा होने के पहले पता चल जाए कि लड़की है, तो उसका अबॉर्शन करा देते हैं बहुत लोग| अगर किसी परिवार के अंदर एक बेटा है और एक बेटी है, और एक को ही पढ़ाने के पैसे हैं तो बेटे को पढ़ाते हैं बेटी को नहीं| मेट्रो में 70% पुरुष हैं और 30% महिलाएं, इसी से झलकता है कि जेंडर इक्वलिटी कितनी है|

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