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जेएनयू : 8 कैंडिडेट तैयार, प्रेजिडेंशल डिबेट आज

14 सितंबर के चुनाव के लिए जेएनयू में मैदान आज की रात सजेगा। जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन चुनाव (जेएनयूएसयू) से पहले 8 प्रेजिडेंट कैंडिडेट्स ने अपने मुद्दों को उठाते हुए स्टूडेंट्स के बीच आने की तैयारी हैं।

कात्यायनी उप्रेती | नवभारत टाइम्स 12 Sep 2018, 3:27 am
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम प्रतीकात्मक तस्वीर।
प्रतीकात्मक तस्वीर।

14 सितंबर के चुनाव के लिए जेएनयू में मैदान आज की रात सजेगा। जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन चुनाव (जेएनयूएसयू) से पहले 8 प्रेजिडेंट कैंडिडेट्स ने अपने मुद्दों को उठाते हुए स्टूडेंट्स के बीच आने की तैयारी हैं। बुधवार रात 9 बजे प्रेजिडेंशल डिबेट में इन कैंडिडेट्स को अपने विचारों से अपने वोटर्स का दिल जीतने का मौका मिलेगा। जेएनयू की प्रेजिडेंशल डिबेट चुनाव जीतने के लिए एक अहम प्लैटफॉर्म है।

यहां सभी विंग की विचारों की जंग सुलझे हुए तरीके से स्टूडेंट्स के बीच उतरती है। इस बार भी लेफ्ट-राइट विंग आमने-सामने हैं और इनके अलावा कई विचारधाराओं से प्रभावित कैंडिडेट्स मैदान जीतने के लिए उतावले हैं। इस बार के चुनाव की खासियत है 8 प्रेजिडेंट कैंडिडेट्स। सभी के लिए यह दिन खास है क्योंकि जेएनयू अपनी प्रेजिडेंशल डिबेट के लिए भी जाना जाता है, कैंडिडेट्स को सुनने यहां दूसरी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ही नहीं, जेएनयू के पुराने स्टूडेंट्स और दूर-दूर से लोग भी आते हैं।

जेएनयू के एमफिल स्टूडेंट राजन कहते हैं, यह देखना खास होगा कि कौन सा प्रेजिडेंट स्टूडेंट्स की जिज्ञासा को शांत करता है। जेएनयू की प्रेजिडेंशल डिबेट उसके कल्चर का खास हिस्सा है। स्टूडेंट्स यहां आते हैं, सवाल करते हैं। पूरी तैयारी से कैंडिडेंट्स अपनी बात कहते हैं और पूरी तमीज से दर्शक आलोचना भी करते हैं, फिर चाहे ढपली बजाकर, नारे लगाकर हूटिंग ही क्यों ना हो! जेएनयू स्टूडेंट्स का मैनेजमेंट और कल्चर देखना हो, तो यहां जरूर जाना चाहिए।

लेफ्ट से प्रेजिडेंट कैंडिडेट एन साई बालाजी कहते हैं, हमारे मुद्दे सच्चे हैं तो यकीन है कि स्टूडेंट्स उन्हें सुनेंगे, समझेंगे और अपना साथ देंगे। सीट कट, कंप्लसरी अटेंडेंस, GSCASH, रिजर्वेशन पॉलिसी… और पूरे साल जेएनयू ने संघर्ष किया है। इस हिसाब से चुनाव स्टूडेंट्स के लिए खास बन जाता है क्योंकि उनके संघर्षों को यूनियन आगे ले जाती है। प्रेजिडेंशल डिबेट सही साथी को चुनने का दिन है। डिबेट, विरोधी कैंडिडेट के सवाल और स्टूडेंट्स के सवाल के जवाब देने के लिए तैयारी जमकर होती है। सिर्फ यूनिवर्सिटी ही नहीं यह दुनिया के मुद्दों को भी बांधती है।

कैंडिडेट्स का कहना है कि उन्हें कई अजेंडे, इतिहास टिप्स पर रखना होता है। एनएसयूआई के प्रेजिडेंट कैंडिडेट विकास यादव कहते हैं, 10+2 मिनट मुझे हर बात समेटनी है, यह चैलेंज है क्योंकि मुद्दे कई हैं, कुछ पुराने कुछ नए। मेरी कोशिश रहेगी कि विरोधी कैंडिडेट के सवाल का भी पुख्ता जवाब दिया जाए और स्टूडेंट्स के जवाब भी पूरी जानकारी के साथ आएं। डिबेट की पूरी तैयारी के साथ एबीवीपी भी तैयार है।

एबीवीपी के प्रेजिडेंट कैंडिडेट ललित पांडे कहते हैं, हम नाकामयाब जेएनयूएसयू की पूरी समीक्षा के साथ आ रहे हैं। स्टूडेंट्स जानेगा कि उनके असल मुद्दे किस तरह दबाए गए हैं और इनसे अलग दूसरे मुद्दों पर शो किया गया है। इस बार जेएनयू में उतर रही छात्र आरजेडी के प्रेजिडेंट कैंडिडेट जयंत कुमार कहते हैं, स्टूडेंट्स प्रेजिडेंशल डिबेट में आएं, उनके सवालात, उनकी जिज्ञासा, सहमति-असहमति-आलोचना, सब पर पूरी शालीनता और प्रखरता से बात की जाएगी।

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