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बढ़ी फीस के खिलाफ मनीष सिसोदिया के दरवाजे पहुंचे पैरंट्स

मिड सेशन में प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी को लेकर शुक्रवार को पैरंट्स डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया तक पहुंचे। हालांकि एजुकेशन मिनिस्टर सिसोदिया उनसे नहीं मिले। पैरंट्स की शिकायत थी कि सुबह 8 बजे से यहां तैनात हैं, लेकिन कोई और अधिकारी भी शाम 5 बजे तक मिलने न आया।

नवभारत टाइम्स 16 Dec 2017, 2:05 am
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम सिसोदिया ने पैरंट्स को कार्रवाई का आश्वासन दिया
सिसोदिया ने पैरंट्स को कार्रवाई का आश्वासन दिया

मिड सेशन में प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी को लेकर शुक्रवार को पैरंट्स डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया तक पहुंचे। हालांकि एजुकेशन मिनिस्टर सिसोदिया उनसे नहीं मिले। पैरंट्स की शिकायत थी कि सुबह 8 बजे से यहां तैनात हैं, लेकिन कोई और अधिकारी भी शाम 5 बजे तक मिलने न आया। मथुरा रोड पर डिप्टी सीएम के आवास पर तैनात पैरंट्स को पुलिस जबर्दस्ती करीब 6 बजे के बाद गाड़ी में ले गई। करीब 15 पैरंट्स को डिटेन कर तिलक मार्ग पुलिस थाने ले जाया गया।

दिल्ली पैरंट्स असोसिएशन के बैनर तले कई स्कूलों से जुड़े पैरंट्स असोसिएशन इस प्रोटेस्ट में शामिल हुए। असोसिएशन की प्रेजिडेंट अपराजिता कहती हैं, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के आदेशों के बाद भी प्राइवेट स्कूल डीडीए, सीबीएसई और डीएसईआर 1973 का वॉयलेशन कर रहे हैं। सरकार के शिक्षा निदेशालय ने टीचर्स और स्टाफ को 7वें पे कमिशन का हवाला देते हुए स्कूलों को फीस बढ़ाने की खुली छूट दे दी है, जिसका नतीजा हम पूरी दिल्ली में देख सकते हैं।

स्कूलों को मैक्सिमम 15% फीस बढ़ाने को इजाजत दी गई है। स्कूल इससे भी ज्यादा फीस बढ़ा रहे हैं और एक-एक साल का एरियर ले रहे हैं। प्रोटेस्ट में जीडी गोएनका-रोहिणी, एएसएन मयूर विहार, न्यू ग्रीनफील्ड स्कूल-कालकाजी, रिचमंड ग्लोबल, इंद्रप्रस्थ इंटरनैशनल-द्वारका, क्वीन मैरी-मॉडल टाउन, डीपीएस मथुरा रोड और आरकेपुरम, स्कूल समेत करीब 40 स्कूलों से जुड़े पैरंट्स शामिल थे। असोसिएशन का कहना है कि यह सिर्फ 7वें पे कमिशन नहीं बल्कि उन करीब 30 स्कूलों का मामला भी हैं, जिन्हें अचानक से शिक्षा निदेशालय ने पिछले सेशन के लिए फीस बढ़ाने की इजाजत दे दी।

पैरंट्स के अलावा इस प्रोटेस्ट में कई स्कूलों के टीचर्स भी शामिल हुए। इनमें से एक टीचर का कहना है, 7वें पे कमिशन क्या, 6वें पे कमिशन का फायदा टीचर्स को नहीं मिला है और स्कूल 7वें पे कमिशन के नाम पर फीस बढ़ा रहे हैं। पीतमपुरा से पहुंची 5वीं क्लास की एक स्टूडेंट की मां निशा का कहना था, मेरी बेटी की फीस 600 रुपये महीना बढ़ गई है, साथ ही स्कूल ने 8000 से ज्यादा एरियर की मांग की है। हमारा स्कूल प्राइवेट लैंड पर है। क्यों इन पर सरकार कंट्रोल नहीं कर पा रही है। पैरंट्स की यह भी शिकायत थी कि फीस अनामल कमिटी बनाकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रही है, उसे सोचना चाहिए कि पैरंट्स के लिए स्कूल की शिकायत करना कितना कठिन है।

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