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यह विधानसभा चुनाव है और BJP फेसलेस है : कैलाश गहलोत

आज बीजेपी दिल्ली में फेसलेस है। उनके पास न चेहरा है, न मुद्दा. मैं अपने विधानसभा क्षेत्र नजफगढ़ की बात करूं, तो यहां कोई खास मुद्दा और प्लान नहीं है. हम तो मेट्रो के विस्तार पर खूब काम कर रहे हैं. फेज-4 पूरा रूल आउट होना है.

सांध्य टाइम्स 23 Jan 2020, 4:41 pm
चुनावी बिसात बिछ चुकी है। तीनों पार्टियां जीत के दावों में कसर नहीं छोड़ रहीं। कोई किए काम गिनवा कर, तो कोई काम के वादे करके वोटर्स को लुभाने में लगा है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने ऐसे कौन से काम किए हैं, कि दिल्लीवाले उन्हें दोबारा चुनें। यह जानने के लिए दिल्ली सरकार में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और इस चुनाव में नजफगढ़ से आप प्रत्याशी कैलाश गहलोत से बात की सूरज सिंह ने
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यह विधानसभा चुनाव है और BJP फेसलेस है : कैलाश गहलोत


1. दिल्ली में आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान तेज कर दिया है। ‘आप’ की कैसी स्थिति देख रहे हैं?
बहुत बढ़िया रेस्पॉन्स है। कैंपेन के दौरान जहां भी जा रहे हैं, वहां से यही फीडबैक है कि बहुत काम हुए हैं। यकीन है कि जीत के मामले में पिछला रेकॉर्ड टूटेगा।

2. बीजेपी ने आपको घेरने का बड़ा प्लान बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देशभर के तमाम बीजेपी नेता 5000 से ज्यादा सभाएं करेंगे। इसे किस तरह देख रहे हैं?
देखिए, आज बीजेपी दिल्ली में फेसलेस है। उनके पास न चेहरा है, न मुद्दा। मैं अपने विधानसभा क्षेत्र नजफगढ़ की बात करूं, तो यहां कोई खास मुद्दा और प्लान नहीं है। काम के बारे में वे बिल्कुल बात नहीं करते। नजफगढ़ का इतिहास भी इस बार बदलेगा।

3. दिल्ली में बीजेपी का अपना निश्चित वोट शेयर है, जबकि ‘आप’ को मिला वोट कांग्रेस का माना जाता है। लोस चुनाव में कांग्रेस ने अपने वोट हासिल भी किए। क्या, विधानसभा चुनाव में ‘आप’ को इससे दिक्कत नहीं होगी?
लोकसभा का चुनाव अलग मुद्दों पर लड़ा जाता है। अब मतदाता समझदार हो गए हैं। खास मुद्दों पर अलग तरह से रिएक्ट कर रहे हैं। लोगों को मालूम है कि ये चुनाव दिल्ली विधानसभा का है। नजफगढ़ में तो अभी तक किसी को ये तक नहीं मालूम कि कांग्रेस का उम्मीदवार कौन है? हमें भी नहीं पता कि वह कौन हैं?

4. आप दिल्ली सरकार में मंत्री हैं। 5 साल में काम हुए हैं। ऐसे क्या काम हैं, जहां गुंजाइश रह गई?
बतौर ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर अभी काफी बसें लानी हैं। अब भी बसें आ रही हैं। इलेक्ट्रिक बसें लॉन्च करनी हैं। लास्ट माइल कनेक्टिविटी को ठीक करना है। इस पर स्टडी भी की है, जिसकी रिपोर्ट लागू करनी है। छोटी बसें चलानी हैं। घोषणापत्र में भी योजनाओं का जिक्र किया गया है। ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बस की अहमियत है, जो सस्ती और सुरक्षित है। कोशिश रहेगी कि तय समय पर बसें आएं।

5. मेट्रो काफी अच्छा साधन है। इसको कितना बढ़ाएंगे?
बिल्कुल, हम तो मेट्रो के विस्तार पर खूब काम कर रहे हैं। फेज-4 पूरा रूल आउट होना है। अगले 5 साल में दिल्ली के सभी इलाके जुड़ जाएंगे।

6. लग रहा आपने सारी बसें नजफगढ़ में लगा दी हैं। क्यों?
ऐसा नहीं है। हां, नजफगढ़ की कनेक्टिविटी जरूर बढ़ी है। साल भर पहले रूट्स पर बसें उपलब्ध कराने का पहला पायलट प्रोजेक्ट नजफगढ़ में ही लॉन्च किया था। यहां मुख्य रूट्स पर तय किया कि 5-7 मिनट में बस मिले। इसमें नजफगढ़-उत्तम नगर, नजफगढ़-महरौली, नजफगढ़-नांगलोई पर बसें मुहैया कराईं।

7. नजफगढ़ का जाम सुर्खियों में रहता है। इसका निदान?
यहां 8 रोड मिलते हैं, लिहाजा काफी ट्रैफिक रहता है। बहादुरगढ़, गुड़गाव, सोनीपत और झज्जर जाने वाले भी यहीं से निकलते हैं। इससे ट्रैफिक जाम हो जाता है। 2015 में फिरनी पर वनवे कराया था। अब उस तरह का जाम नहीं है। अब एक एलिवेटेड फ्लाईओवर का प्लान करेंगे, ताकि जिसे बाजार या फिरनी आना है, वही आए।

8. क्षेत्र के लिए और क्या वायदे कर रहे हैं?
हमारे यहां गर्ल्स कॉलेज है, लेकिन बॉयज नहीं है। उनके लिए कॉलेज बनवाना है। जमीन देख ली है। लड़कियों के कॉलेज में भी साइंस स्ट्रीम नहीं है। आज भी 50 प्रतिशत कॉलोनी में सीवर नहीं है। पिछले 5 साल में करीब 40 कॉलोनियों में सीवर डाले हैं।

9. नजफगढ़ में बड़ा हिस्सा देहात का है। ये किसके साथ हैं?
देखिए, देहात गांव के लिए भी काफी काम किए हैं। आज किसी भी गांव की ओर चले जाएं, वहां काफी अच्छी सड़कें हैं। आज कोई गांव ऐसा नहीं है, जिसमें व्यायाम शाला और चौपाल न हो। मितराऊं में इंटरनैशनल लेवल का बड़ा रेसलिंग हॉल बन रहा है। मुंडेला में 150 करोड़ की लागत से 18 एकड़ का स्टेडियम बनाया है। उजवा में व्यायाम शाला है। जोहादा में विधायक फंड से 1 करोड़ की लागत लगाकर रनिंग ट्रेक बनाया है। दरअसल, यहां के युवा आर्म फोर्सेस में बहुत जाते हैं, तो उनको फिजिकल एक्टिविटी के लिए जगह चाहिए। झड़ौदा में बढ़िया स्टेडियम बनाया है। दिचाऊं में शानदार स्विमिंग पूल और हॉकी का ग्राउंड बनाया है। आखिरी गांव ढांसा में 3.5 करोड़ रुपये विधायक निधि से दिए हैं। वहां बहुत सुंदर मल्टीपर्पज हॉल का निर्माणकार्य चालू हो गया है। तालाबों का सौंदर्यकरण हो रहा है। इन गांवों में कनेक्टिविटी की बड़ी समस्या थी, जिसे हमने दूर किया। ये रूट्स बंद हो गए थे। अब गांव से बच्चों को स्कूल, कॉलेज, महिलाओं को बाजार जाने में दिक्कत नहीं होती।

10. नजफगढ़ में किससे मुकाबला देख रहे हैं?
वैसे लोगों की नजर में तो कोई मुकाबला नहीं है। कई जगह कैंपेन के दौरान लोग कहते हैं कि आप क्यों घूम रहे हो? हम तो आपको ही वोट करेंगे। फिर भी हमारा मानना है कि उम्मीदवार का फर्ज है, इलाकों में जाए। इसी बहाने लोगों से मुलाकात हो जाती है।

11. कहा जा रहा है मंत्री होने का पूरा लाभ आपने नजफगढ़ को दिया?
बिल्कुल नहीं। सभी विधानसभा क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों को बस कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है। पड़ोस की मटियाला विधानसभा के भी सभा गांवों को में बस कनेक्टिविटी शुरू की है। हमने तो बिजवासन, ओखला के खादर वाले क्षेत्र में भी बसें उपलब्ध कराई हैं। नरेला, बवाना और पूर्वी दिल्ली में कई बंद हो चुके रूट चालू किए। जैसे जैसे और बसें बढ़ेंगी, उसी तरह कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

12. 2015 चुनाव में नजफगढ़ सीट चर्चा में आई। AAP की लहर के बीच मतगणना के दौरान अंत तक भरत सिंह ने आपको टक्कर दी। आपकी जीत का अंतर सबसे कम था। इस बार भरत सिंह के परिवार का कोई चुनाव मैदान में नहीं है। इतना बड़ा वोट बैंक इस बार किस तरफ जाएगा?
इस बार चुनाव बढ़िया रहेगा। लास्ट टाइम का भी आप रिजल्ट देखें, तो जो वोटिंग हुई, वह बदलाव के लिए थी। इस बार नजफगढ़ की जनता ने मन बना लिया है कि जिस स्पीड से काम हो रहे हैं, उसको तोड़ना नहीं है। भरत सिंह को गया वोटर भी मान रहा है कि काम हुआ है। 2015 से पहले जिस ढंग से काम होने चाहिए थे, वो नहीं हुए थे। पानी, सड़क, ड्रेनेज, खेलकूद समेत कई सुविधाएं हमने दीं। यह वोट हमारी तरफ ही आएगा।

13. अंत में दिल्ली की जनता से क्या अपील करना चाहेंगे?
इस बार ‘आप’ को पूरी 70 सीटें जिताएं। पिछले 5 साल में हमने किए और न किए वादे पूरे किए हैं। इसमें 200 यूनिट फ्री बिजली, महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा, फरिश्ते योजना लागू की। मैं समझता हूं कि आने वाले 5 साल और बढ़िया होंगे। अब हमारे पास 5 सालों का अनुभव है कि किस तरह काम और प्लान करना है?

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