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जनता की शिकायतें दूर न करने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने लगाई फटकार

सीएम योगी आदित्यनाथ जनता की शिकायतों का निस्तारण न कर पाने वाले डीएम-एसएसपी से नाराज दिखे...

नवभारत टाइम्स 7 Jul 2017, 1:53 am
लखनऊ
नवभारतटाइम्स.कॉम cm yogi not happy with administrative performance
जनता की शिकायतें दूर न करने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने लगाई फटकार

सीएम योगी आदित्यनाथ जनता की शिकायतों का निस्तारण न कर पाने वाले डीएम-एसएसपी से नाराज दिखे। उन्होंने गुरुवार को योजना भवन में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दस जिलों के डीएम और एसएसपी को फटकार लगाते हुए कहा कि उनके जिलों में छोटी-छोटी समस्या भी नहीं सुलझायी जा पा रही है। बहुत सी शिकायतें तो छह-छह महीने से लंबित हैं। सीएम ने अफसरों से कहा कि वह कोर टीम बनाकर 30 जून तक आ चुकी शिकायतें 31 जुलाई तक दूर करें। इसकी समीक्षा कमिश्नर, डीएम और आईजी जोन हर हफ्ते करेंगे। मुख्य सचिव और डीजीपी भी हर महीने समीक्षा करेंगे।

दस जिलों के अफसरों से की बात
सीएम ने जनता की शिकायतें दूर करने में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले आजमगढ़, वाराणसी, लखनऊ, इलाहाबाद, प्रतापगढ़, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, सुल्तानपुर एवं गौतमबुद्धनगर के डीएम और लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, वाराणसी, इलाहाबाद, मीरजापुर, गोरखपुर, कानपुर नगर, उन्नाव, प्रतापगढ़ के एसएसपी, एसपी को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए बुलाया था। करीब तीन घंटे तक योगी ने एक-एक शिकायत की समीक्षा की। उन्होंने करीब 67 शिकायतें सामने रखीं और पूछा ये क्यों दूर नहीं हुईं। कुछ अफसरों के सकारात्मक जवाब न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। आजमगढ़ के डीएम को भी सिपाही की समस्या का निराकरण न करा पाने सीएम ने फटकार लगाई।

खुद की शिकायतकर्ताओं से बात
सीएम योगी ने हर जिले के शिकायतकर्ताओं से भी सीधे बात की। प्रतापगढ़ के सूर्य प्रकाश शुक्ला, त्रिवेणी कुमार तिवारी, सीतापुर के सीताराम सिंह के बेटे, बाराबंकी के मोहर्रम अली से मुख्यमंत्री ने पूछा कि उन्होंने अपनी शिकायत दूर कराने के कब शिकायत की थी? क्या वह समस्या दूर होने से संतुष्ट हैं? कुछ शिकायतकर्ताओं ने दिक्कत बताई तो सीएम ने वहीं अफसरों से पूछताछ की।

...ताकि लखनऊ न आए जनता
सीएम ने कहा कि जनता दर्शन में उनके पास रोज चकरोड की पैमाइश न होने, अविवादित वरासत दर्ज न होना, दबंग व्यक्तियों द्वारा सम्पत्तियों पर कब्जा, तालाब पर कब्जा जैसी शिकायतें आती हैं। अगर डीएम और एसपी जिला स्तर पर ही इन समस्याओं का निराकरण कर दें तो जनता को लखनऊ तक दौड़ न लगानी पड़े। सीएम ने अफसरों से कहा कि वह अभियान चलाकर अन्त्योदय राशन कार्ड उपलब्ध कराएं। अगर किसी भी व्यक्ति की भूख से मौत हुई तो डीएम और जिलापूर्ति अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

बिना भेदभाव दर्ज हो FIR
सीएम ने कहा कि बिना भेदभाव के ही एफआईआर दर्ज की जाए। आपसी रंजिश में होने वाले अपराधों पर रोक के लिए तत्काल सम्बन्धित पक्षों को पाबंद किया जाए। बैठक में मुख्य सचिव राजीव कुमार, डीजीपी सुलखान सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री शशि प्रकाश गोयल और प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार भी मौजूद थे।

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