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कंट्रोल की जगह खुद ही क्राइम करने लगे पुलिसवाले!

राजधानी पुलिस की क्राइम कंट्रोल से ज्यादा अपराध करने में दिलचस्प दिख रही है। मादक पदार्थों की तस्करी के सरगना सिपाही पवन कुमार की तरह पहले भी कई पुलिसवालों का नाम कई वारदात में आ चुका है।

नवभारत टाइम्स 31 Oct 2019, 10:22 am
लखनऊ
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राजधानी पुलिस की क्राइम कंट्रोल से ज्यादा अपराध करने में दिलचस्प दिख रही है। सीओ कैंट के हत्थे चढ़े मादक पदार्थों की तस्करी के सरगना सिपाही पवन कुमार की तरह पहले भी कई पुलिसवालों का नाम कई वारदात में आ चुका है। हत्या की साजिश और लूट तक अंजाम देकर पुलिसवाले सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, इसके बाद भी उनमें कार्रवाई का खौफ नहीं है। पवन कुमार के खिलाफ कार्रवाई के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी ने आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पुलिसकर्मियों का पता लगाने के लिए टीम लगा दी है।

साल 2006 में पुरानी जेल रोड पर सर्राफ से छह किलो सोना लूटकांड में एसटीएफ के सिपाही आलोक सिंह और सुशील पचौरी को बर्खास्त किया गया था। कोर्ट के आदेश पर बहाल होने के बाद सुशील ने जुए का अड्डा शुरू कर दिया। उसके महानगर स्थित फ्लैट से जुआ अड्डा पकड़ा गया था। आलोक पूर्वांचल के माफिया के ठेके और फिरौती का धंधा संभालने लगा था। छानबीन में इसकी जानकारी होने पर एसएसपी कलानिधि नैथानी ने 30 जुलाई को उसे दोबारा बर्खास्त कर दिया।

तीन पुलिसवालों ने मिलकर की हत्या की साजिश

फरवरी 2017 में सआदतगंज के तेल कारोबारी श्रवण साहू की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता दरोगा धीरेंद्र शुक्ला, सिपाही अनिल सिंह और धीरेंद्र यादव को तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी की रिपोर्ट पर बर्खास्त कर तीनों के खिलाफ ठाकुरगंज में केस दर्ज किया गया। फरार चल रहे आरोपियों को एक साल पहले एसएसपी कलानिधि नैथानी ने गिरफ्तार करवाकर जेल भेजा।

मोटी रकम देख पुलिसवाले बन जाते हैं अपराधी

मार्च 2019 में दरोगा पवन मिश्रा, आशीष तिवारी और सिपाही प्रदीप भदौरिया ने कथित वकील के साथ मिलकर सुलतानपुर निवासी कोयला कारोबारी अंकित अग्रहरि के ओमैक्स सिटी स्थित फ्लैट से 1 करोड़ 85 लाख रुपये की लूट की। तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजा गया। नवंबर 2018 में गोसाईंगंज थाने के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, दरोगा दलवीर सिंह और आफताब आलम ने आगरा के कारोबारी से सोना और चांदी लूट लिया था। जानकारी होने पर एसएसपी ने व्यापारी को बुलाकर तीनों पुलिसवालों की पहचान करवाई और तुरंत लाइन हाजिर कर दिया।

65 लाख फिरौती वसूली, दरोगा को हुई जेल

मार्च 2019 में विभूतिखंड में रहने वाले कोलकाता के कारोबारी शंकर गायन और उनके पार्टनर से बाराबंकी साइबर क्राइम सेल में तैनात दरोगा अनूप यादव ने 65 लाख रुपये फिरौती वसूली थी। मामले में दरोगा को जेल हुई और तत्कालीन बाराबंकी एसपी निलंबित हुए।

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