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राशन की दुकानें बंद कर, खाते जाएगी सब्सिडी

सरकारी अनाज की कालाबाजारी और धिकारियों-कर्मचारियों के भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इसके तहत राज्य सरकार राशन की दुकानों को बंद कर अनाज और मिट्टी के तेल पर मिलने वाली सब्सिडी का पैसा सीधे राशन कार्ड धारकों के खातों में भेजेगी।

नवभारत टाइम्स 15 Oct 2017, 10:46 am
लखनऊ
नवभारतटाइम्स.कॉम (फाइल फोटो) राशन की दुकान
(फाइल फोटो) राशन की दुकान

सरकारी अनाज की कालाबाजारी और धिकारियों-कर्मचारियों के भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इसके तहत राज्य सरकार राशन की दुकानों को बंद कर अनाज और मिट्टी के तेल पर मिलने वाली सब्सिडी का पैसा सीधे राशन कार्ड धारकों के खातों में भेजेगी। यह रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना (डीबीटीएल) के तहत कार्ड धारकों के खातों में भेजी जाएगी।

प्रदेश के खाद्य रसद राज्य मंत्री अतुल गर्ग ने बताया कि पायलट प्रॉजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत जल्द बागपत और फैजाबाद जिले से की जाएगी। इन जिलों में कामयाबी मिलने के बाद इस योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

बैंक अकाउंट से लिंक

प्रदेश में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत दो श्रेणियों (अंत्योदय और पात्र गृहस्थी) के राशन कार्ड धारकों को सस्ते दाम पर अनाज और मिट्टी का तेल वितरित करती है। प्रदेश में दोनों श्रेणियों के 3.34 करोड़ से ज्यादा राशन कार्ड धारक हैं। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार पहले ही करीब 81.52% कार्ड धारकों के खातों को आधार से लिंक करवा चुकी है। 2.72 करोड़ से ज्यादा कार्ड धारकों के बैंक अकाउंट भी उनके राशन कार्डों से लिंक हो चुके हैं। मंत्री अतुल गर्ग ने बताया कि जो कार्ड अभी आधार और बैंक खातों से लिंक नहीं हैं, उन्हें लिंक करवाने के निर्देश सभी जिलाधिकारियों के साथ विभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं।

फैजाबाद और बागपत से होगी शुरुआत

प्रदेश के खाद्य रसद राज्य मंत्री अतुल गर्ग ने बताया कि पायलट प्रॉजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत जल्द बागपत और फैजाबाद जिले से की जाएगी। इन जिलों में कामयाबी मिलने के बाद इस योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

10 से 11 करोड़ लीटर मिट्टी तेल की खपत


विभागीय अधिकारियों की मानें तो प्रदेश में एक महीने में 10 से 11 करोड़ लीटर मिट्टी के तेल की खपत है। इसमें 4.5 करोड़ लीटर मिट्टी तेल खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के जरिए कार्ड धारकों को दिया जाता है। अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति कार्ड चार लीटर और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को दो लीटर प्रति कार्ड तेल मुहैया करवाया जाता है। इन कार्ड धारकों को सरकार 22 रुपये प्रति लीटर की दर से केरोसिन ऑयल मुहैया करवाती है, जबकि खुले बाजार में इसकी कीमत 35 से 40 रुपये प्रति लीटर है। अनाज की बात करें तो इन कार्ड धारकों को दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मुहैया करवाया जाता है। अंत्योदय कार्ड धारकों को महीने में 35 किलो मोटा अनाज (गेहूं और चावल) और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को पांच किलोग्राम अनाज दिया जाता है।

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