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लखनऊ: कोरोना की आपदा को बनाया अवसर, मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी करने वाला बिजनसमैन का बेटा अरेस्ट

राजधानी लखनऊ के महानगर थाने की पुलिस टीम ने मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरोह के अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस की गिरफ्त में आए शातिर के पास से पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर समेत कई उपकरण बरामद हुए हैं।

Lipi 9 May 2021, 6:08 pm
लखनऊ
नवभारतटाइम्स.कॉम 1111

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तेजी से पैर पसार रहे कोरोना संक्रमण के बीच ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ अब मरीजों की सुविधा में प्रयोग आने वाले मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी करने वाले गैंग भी सक्रिय होते हुए नजर आ रहे हैं। शनिवार को लखनऊ पुलिस की ओर से आक्सीजन कंसंट्रेटर, थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर समेत अन्य मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी करने वाले एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से भारी मात्रा में मेडिकल उपकरण बरामद किए गए।

50 हजार के कंसंट्रेटर को डेढ़ लाख में बेचकर करते थे कालाबाजारी
पूरा मामला लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र का है, जहां शनिवार देर शाम आलमबाग के रहने वाले सर्जिकल व्यापारी के बेटे जय मखीजा को गिरफ्तार किया गया। इंस्पेक्टर महानगर ने बताया कि शातिर जय मखीजा अपने गिरोह के दो अन्य साथियों के साथ मिलकर कोरोनाकाल में जरूरतमंदों की स्थिति का फायदा उठाकर मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी करते हुए उन्हें ऊंचे दामों में उपकरण मोहैया कराता था। गिरोह के शामिल अन्य शातिर अपने एजेंटों के माध्यम से जरूरतमंदों को 450 से 500 की कीमत वाले पल्स ऑक्सीमीटर तकरीबन 4 हजार, 800 से 900 की कीमत वाला ऑक्सीजन सिलिंडर का वाल्व छह हजार रुपए तथा 50 हजार रुपये कीमत वाला कंसंट्रेटर तकरीबन डेढ़ लाख रुपये तक में बेचने का काम करते थे।

सोशल मीडिया के जरिए फैला था कालाबाजारी का नेटवर्क
महानगर थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी करने वाला यह गिरोह सोशल मीडिया पर पूरी तरह सक्रिय था, जिसके माध्यम से कालाबाजारी का पूरा खेल तेजी से खेला जा रहा था। गिरफ्त में आए जय मखीजा ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि गिरोह के सभी साथियों के मोबाइल नम्बर सोशल मीडिया पर पोस्ट में जारी किए जाते थे। किसी जरूरतमंद का फोन आने पर व किसी उपकरण की मांग करने पर गिरोह ग्राहक को अपने अलग अलग साथियों के नम्बर दे दिया करते थे। इस तरह से ग्राहक की 7 से 8 एजेंटों से बात हो जाती थी। उसके बाद तय स्थान पर बुलाकर मनमाने दामों पर उन्हें उपकरण मुहैया करा दिया जाता था।

गिरोह के दो शातिरों की तलाश जारी
पुलिस टीम ने बताया कि कालाबाजारी के इस खेल में जय मखीजा के साथ गिरोह के दो अन्य सदस्य जयकरन और हिमांचल कुमार भी पूरी तरह सक्रिय थे। इनकी मदद से जरूरतमंद लोग इनके एजेंटों से संपर्क करते थे और फिर इन्हीं की ओर से तय किये गए रेट पर उन्हें उपकरण बेचा जाता था। हालांकि, अभी दोनों शातिर जय की गिरफ्तारी के बाद से फरार हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच और अन्य पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही आरोपी जय मखीजा की निशानदेही पर दो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 8 थर्मामीटर, 37 पल्स आक्सीमीटर, 3 स्टीम किट, 2 डिब्बा ग्लूकोज मीटर, 30 मास्क बरामद किए गए हैं।

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